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Madras High Court: डीएमके मंत्री के खिलाफ हाईकोर्ट ने शुरू किया पुनरीक्षण मामला, भ्रष्टाचार से जुड़ा है मामला
Fri, 08 Sep 2023 06:49 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 08 Sep 2023 06:49 PM IST
सार
भ्रष्टाचार मामले में डीएमके मंत्री आई पेरियासामी को इस साल मार्च में एक ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था। वहीं, अब मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को इस मामले में शुरू किए गए एक आपराधिक पुनरीक्षण मामले पर नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
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madras high court
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भ्रष्टाचार मामले में डीएमके मंत्री आई पेरियासामी को इस साल मार्च में एक ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था। वहीं, अब मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को इस मामले में शुरू किए गए एक आपराधिक पुनरीक्षण मामले पर नोटिस जारी करने का आदेश दिया। पेरियासामी राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री हैं।
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अब तक, अदालत ने डीएमके मंत्रियों के पोनमुडी, थंगम थेनारासु और केकेएसएसआर रामचंद्रन के खिलाफ इसी तरह के मामलों को अपने पास ले लिया है। सीआरपीसी की धारा 397 के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए, न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश ने पेरियासामी के खिलाफ आपराधिक पुनरीक्षण मामला स्वयं शुरू किया और राज्य सरकार को नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया, जिसे 12 अक्तूबर तक वापस किया जाना था।
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अभियोजन पक्ष का मामला यह था कि पेरियासामी ने कथित तौर पर तमिलनाडु हाउसिंग बोर्ड की जमीन को "त्रुटिहीन ईमानदार सरकारी सेवक कोटा" के तहत एक गणेशन को आवंटित करके आर्थिक लाभ प्राप्त किया था, जब मंत्री के पास 2008 में हाउसिंग पोर्टफोलियो था।
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न्यायाधीश ने तथ्यों और घटनाओं के क्रम को बताते हुए कहा कि 21 फरवरी, 2023 को एक याचिका दायर की गई थी। अगली सुनवाई पर विशेष लोक अभियोजक ने अपना जवाब दाखिल किया और तीसरी सुनवाई पर आदेश सुरक्षित रख लिया गया।
17 मार्च को, विशेष अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली और पेरियासामी को इस आधार पर मामले से बरी कर दिया कि स्पीकर द्वारा दी गई मंजूरी अमान्य थी क्योंकि सक्षम प्राधिकारी राज्यपाल थे, स्पीकर नहीं।