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नोटों पर नेताजी की तस्वीर : मद्रास हाईकोर्ट ने कहा - सुभाषचंद्र बोस का योगदान अतुलनीय, सरकार कर सकती है विचार

Sun, 21 Feb 2021 01:12 PM IST
स्नेहा बलूनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: स्नेहा बलूनी Updated Sun, 21 Feb 2021 01:12 PM IST
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madras high court disposed of plea seeking directions to print photo of netaji subash chandra bose on indian currencies
नेताजी सुभाष चंद्र बोस (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

मद्रास उच्च न्यायालय ने हाल ही में भारतीय नोटों (मुद्रा) पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर छापने के लिए दिशा-निर्देश देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति एमएम सुंद्रेश की पीठ ने कहा, 

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आजादी के आंदोलन में नेताजी का योगदान अतुलनीय है। कोई भी महान नेता और व्यक्तियों द्वारा किए गए बलिदान की उपेक्षा नहीं कर सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिका में मांगे गए निर्देश की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रतिवादी पक्ष इस पर विचार कर सकते हैं। 
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केके रमेश की ओर से दायर याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया। अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि उनकी याचिका पर विचार किया जाना चाहिए। इसमें प्रतिवादी पक्ष भारत सरकार, प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव, केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय वित्त सचिव, रिजर्व बैंक के गर्वनर और संस्कृति सचिव को भारतीय नोटों पर नेताजी की तस्वीर छापने का निर्देश देने की मांग की गई थी। इसका मकसद युवा पीढ़ी को देश को स्वतंत्रता दिलाने में  नेताजी के योगदान को समझने और उसकी सराहना करना था। 
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याचिका पर केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित हुए वकील जी थलमुथारसु ने कहा कि याचिका विचार के योग्य नहीं है, इसे खारिज किया जाना चाहिए। इसके बाद अदालत ने कहा, 'हमें नेताजी की महानता पर कुछ भी कहने की आवश्यकता नहीं है, इसके अलावा उनका योगदान सरकारी नौकरी से त्यागपत्र देने से शुरू होकर भारतीय राष्ट्रीय सेना के निर्माण तक प्रतिष्ठित है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अतुलनीय है।'


अदालत ने आगे कहा, 'राष्ट्र के इतिहास को याद रखने के लिए उसे फिर से और बार-बार बताना होगा। हम न्यायिक विवशता को ध्यान में रखते हुए, याचिकाकर्ता द्वारा किए गए अनुरोध को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन प्रतिवादी पक्ष इस बारे में विचार कर सकते हैं।' 

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