{"_id":"62e591007978ad2cdc71a150","slug":"madras-high-court-allows-marriage-of-tamil-nadu-girl-with-us-national-through-virtual-mode","type":"story","status":"publish","title_hn":"Madras High Court: दूल्हा सात समंदर पार, भारतीय दुल्हन हाईकोर्ट जाकर ले आई ऑनलाइन शादी की मंजूरी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Madras High Court: दूल्हा सात समंदर पार, भारतीय दुल्हन हाईकोर्ट जाकर ले आई ऑनलाइन शादी की मंजूरी
Sun, 31 Jul 2022 01:43 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, मदुरै (तमिलनाडु)
पीटीआई, मदुरै (तमिलनाडु)
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 31 Jul 2022 01:43 AM IST
सार
Madras High Court: सुदर्शनी ने अपनी याचिका में कहा कि हमारे माता-पिता ने ऑनलाइन शादी (Online Marriage) लिए अनुमति दे दी है। हम दोनों हिंदू धर्म का पालन करते हैं। हम यहां विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी करने के योग्य हैं।
विज्ञापन
मद्रास हाई कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दुनियाभर में जैसे-जैसे नई तकनीक विकसित होती जा रही है, वैसे ही इंसान भी अनोखे प्रयोग कर रहा है। मामला तमिलनाडु (Tamilnadu) से है यहां एक लड़की अमेरिका में रहने वाले लड़के से ऑनलाइन शादी (Online Marriage) करेगी। जिसकी मंजूरी मद्रास उच्च न्यायालय (Madras High Court) की मदुरै पीठ ने दे दी है। हालांकि इसकी एक बड़ी वजह भी है जिसके कारण उसने ऑनलाइन शादी का फैसला लिया है।
विज्ञापन
कन्याकुमारी जिले की वासमी सुदर्शनी ने मदुरै पीठ में याचिका दायर की थी। उस याचिका में, उसने उल्लेख किया कि वह एक एनआरआई राहुल एल मधु से शादी करना चाहती है, जो वर्तमान में अमेरिका में रह रहा है और उसके पास अमेरिकी नागरिकता है।
विज्ञापन
माता-पिता ने ऑनलाइन शादी (Online Marriage) लिए अनुमति दे दी
सुदर्शनी ने अपनी याचिका में कहा कि हमारे माता-पिता ने ऑनलाइन शादी लिए अनुमति दे दी है। हम दोनों हिंदू धर्म का पालन करते हैं। हम यहां विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी करने के योग्य हैं। हमने इस अधिनियम के तहत शादी करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।
विज्ञापन
याचिका में कहा कि शादी के लिए हम दोनों व्यक्तिगत रूप से मैरिज रजिस्ट्रार के सामने पेश हुए लेकिन हम दोनों ने अपनी शादी के आवेदन पर निर्णय लेने के लिए 30 दिनों की शर्त के कारण इंतजार किया। लेकिन 30 दिनों के बाद भी, रजिस्ट्रार ने हमारे विवाह आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की।
वहीं इस संबंध में, मेरे होने वाले पति राहुल के पास यहां रहने का समय नहीं था, उनके पास अपनी छुट्टी बढ़ाने का कोई रास्ता नहीं था, इसलिए वे अमेरिका चले गए। लेकिन उन्होंने एक हलफनामा दिया है कि वह उनकी ओर से विवाह पंजीकरण से संबंधित कोई भी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार देता है। इसलिए हमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शादी करनी चाहिए और स्पेशल मैरिज एक्ट के जरिए इसका रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने सब-रजिस्ट्रार को तीन गवाहों की मौजूदगी में शादी कराने का निर्देश दिया।