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Madarsa: मदरसों पर गैर मुस्लिम बच्चों को दाखिला देने का आरोप, 30 दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश
Fri, 09 Dec 2022 08:03 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 09 Dec 2022 08:03 PM IST
सार
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को शिकायत मिली कि कुछ मदरसों में गैर-मुस्लिम बच्चों को बिना उनके परिजनों की इजाजत के धार्मिक शिक्षा दी जा रही है और वजीफा भी दिया जा रहा है।
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MADARSA
विस्तार
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को गैर मुस्लिम बच्चों को दाखिला देने वाले मदरसों की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है। आयोग ने अपने पत्र में सभी सरकारी वित्त पोषित/मान्यता प्राप्त मदरसों की जांच 30 दिन के भीतर पूरी कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। आयोग ने सभी मदरसों की मैपिंग की भी सिफारिश की है।
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वजीफा भी दिया जा रहा
आयोग को शिकायत मिली कि कुछ मदरसों में गैर-मुस्लिम बच्चों को बिना उनके परिजनों की इजाजत के धार्मिक शिक्षा दी जा रही है और वजीफा भी दिया जा रहा है। आयोग ने पत्र में इसे स्पष्ट रूप से संविधान के अनुच्छेद 28(3) का उल्लंघन बताया है। यह अनुच्छेद किसी भी शिक्षण संस्थान को बिना माता पिता की सहमति के बच्चों को धार्मिक उपदेश प्राप्त करने के लिए बाध्य करने से रोकता है।
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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने दिए जांच के आदेश
आयोग ने कहा, बतौर संस्थान मदरसों का काम मूल रूप से बच्चों को धार्मिक शिक्षा प्रदान करना है। सरकारी वित्त पोषित या मान्यता प्राप्त मदरसे बच्चों को धार्मिक और कुछ हद तक औपचारिक शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए आयोग अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए गैर-मुस्लिम बच्चों को दाखिला देने वाले सभी सरकारी-वित्तपोषित/मान्यता प्राप्त मदरसों की विस्तृत जांच की सिफारिश करता है। आयोग ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए किसी या सभी बच्चों को तत्काल प्रभाव से स्कूलों में दाखिला दिलाने को कहा है।
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