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चुनाव आयोग विवाद पर विपक्ष एकजुट: एमए बेबी ने की केजरीवाल से मुलाकात; किस-किस मुद्दे पर क्या-क्या हुई बात?
Sun, 27 Sep 2026 05:15 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 27 Sep 2026 05:15 PM IST
सार
चुनाव आयोग के भीतर फैसलों को लेकर उभरे आंतरिक मतभेदों और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर ईडी की कार्रवाई के बाद विपक्षी दल केंद्र सरकार के खिलाफ पूरी तरह एकजुट हो गए हैं। माकपा नेता एमए बेबी ने दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर 30 सितंबर को होने वाली 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों की रूपरेखा साझा की। विपक्षी दल अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद हटाने और एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोकने के लिए संसद में साझा नोटिस लाने की तैयारी कर रहे हैं।
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केजरीवाल और एमए बेबी की मुलाकात
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
माकपा के महासचिव एमए बेबी ने रविवार को नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अहम मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य मकसद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर आयोग के अंदरुनी मतभेदों और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर साझा राजनीतिक रणनीति तैयार करना था।
चुनाव आयोग पर विपक्षी नेताओं की क्या राय?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर साथी चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 14 अलग-अलग अवसरों पर अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। एमए बेबी ने केजरीवाल से चर्चा करते हुए कहा कि इससे चुनाव आयोग की साख और देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। चुनावों आयोग का कहना है कि आंतरिक चर्चा में अलग-अलग विचार होना एक सामान्य प्रक्रिया है और उसके फैसले कानून के दायरे में हैं।
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विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए क्या कर रहे हैं एमए बेबी?
एमए बेबी ने 23 सितंबर को ही 'इंडिया' ब्लॉक के नेताओं के साथ-साथ कई गैर-एनडीए दलों को पत्र लिखकर इस संवेदनशील मुद्दे पर तुरंत साझा रुख तय करने का आग्रह किया था। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से भी फोन पर बात की, जिन्होंने इस स्थिति पर एकजुट होकर कदम उठाने पर सहमति जताई। इसके अलावा, उन्होंने बीआरएस , बीजद , डीएमके और तमिलगा वेत्री कषगम जैसे राजनीतिक दलों से भी संपर्क साधा है ताकि केंद्र सरकार और सांविधानिक संस्थाओं के रुख के खिलाफ एक बड़ा विपक्षी मोर्चा बनाया जा सके।
यह भी पढ़ें: चुनाव आयोग के खिलाफ दो अक्तूबर को बड़ा प्रदर्शन: सोनम वांगचुक ने भी किया समर्थन; क्या है सीजेपी की तैयारी?
केरल को लेकर क्या योजना बनाई गई?
इस बैठक के दौरान एमए बेबी ने अरविंद केजरीवाल को केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चे एलडीएफ की ओर से आयोजित किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। सीपीआई(एम) का आरोप है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके राज्यों के अधिकारों और संघीय ढांचे को चोट पहुंचा रही है। माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य पिनराई विजयन पर ईडी के कसते शिकंजे को इसी राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताते हुए वामपंथी दल देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की क्या रणनीति?
30 सितंबर को नई दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें चुनाव आयोग के कामकाज, एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने और आगे की रणनीति पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत करने के लिए एक नया कानूनी नोटिस भी तैयार किया जा रहा है, जिसे अंतिम रूप देने से पहले कानूनी विशेषज्ञों से जांचा-परखा जा रहा है।
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चुनाव आयोग पर विपक्षी नेताओं की क्या राय?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर साथी चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 14 अलग-अलग अवसरों पर अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। एमए बेबी ने केजरीवाल से चर्चा करते हुए कहा कि इससे चुनाव आयोग की साख और देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। चुनावों आयोग का कहना है कि आंतरिक चर्चा में अलग-अलग विचार होना एक सामान्य प्रक्रिया है और उसके फैसले कानून के दायरे में हैं।
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विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए क्या कर रहे हैं एमए बेबी?
एमए बेबी ने 23 सितंबर को ही 'इंडिया' ब्लॉक के नेताओं के साथ-साथ कई गैर-एनडीए दलों को पत्र लिखकर इस संवेदनशील मुद्दे पर तुरंत साझा रुख तय करने का आग्रह किया था। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से भी फोन पर बात की, जिन्होंने इस स्थिति पर एकजुट होकर कदम उठाने पर सहमति जताई। इसके अलावा, उन्होंने बीआरएस , बीजद , डीएमके और तमिलगा वेत्री कषगम जैसे राजनीतिक दलों से भी संपर्क साधा है ताकि केंद्र सरकार और सांविधानिक संस्थाओं के रुख के खिलाफ एक बड़ा विपक्षी मोर्चा बनाया जा सके।
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केरल को लेकर क्या योजना बनाई गई?
इस बैठक के दौरान एमए बेबी ने अरविंद केजरीवाल को केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चे एलडीएफ की ओर से आयोजित किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। सीपीआई(एम) का आरोप है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके राज्यों के अधिकारों और संघीय ढांचे को चोट पहुंचा रही है। माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य पिनराई विजयन पर ईडी के कसते शिकंजे को इसी राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताते हुए वामपंथी दल देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की क्या रणनीति?
30 सितंबर को नई दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें चुनाव आयोग के कामकाज, एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने और आगे की रणनीति पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत करने के लिए एक नया कानूनी नोटिस भी तैयार किया जा रहा है, जिसे अंतिम रूप देने से पहले कानूनी विशेषज्ञों से जांचा-परखा जा रहा है।