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यादों में गीतकार माया गोविंद : जब लखनऊ की बेटी के गीतों पर झूमा सिनेमा का आसमां, विवादों से भी रहा नाता

Fri, 08 Apr 2022 05:49 AM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Fri, 08 Apr 2022 05:49 AM IST
सार

लंबी बीमारी के बाद मुंबई में गीतकार माया गोविंद का गुरुवार को निधन हो गया। उन्हें कथक में भी महारत हासिल थी। सुपरहिट धारावाहिकों ‘मायका’ और ‘फुलवा’ के गीत उन्होंने ही लिखे। माया गोविंद ने अपने दौर के दिग्गज गायकों के साथ खूब संगत जमाई। अनुराधा पौडवाल की गाई ‘परम अर्थ गीता सार’ की रचना उन्होंने ही की है।

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lyricist Maya Govind: When the songs of Lucknow s daughter rocked cinema, there was a connection with controversies too
maya govind - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

विस्तार

हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय गीतकार माया गोविंद का यहां बृहस्पतिवार सुबह अपने आवास पर निधन हो गया। फिल्म ‘दलाल’ के गाने ‘गुटुर गुटुर’ को लेकर अरसे तक विवादों में घिरी रहीं माया गोविंद 82 साल की थीं। अस्पताल में चले लंबे इलाज के बाद माया गोविंद को उनके बेटे घर अजय फरवरी में घर ले आए थे।

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अजय के मुताबिक, उनका निधन गुरुवार सुबह करीब 9.30 बजे हुआ। लखनऊ में जन्म लेने वाली माया को कथक में महारत हासिल रही। बतौर अभिनेत्री भी उन्होंने परदे पर और रंगमंच पर अपना नाम बनाया और तमाम पुरस्कार भी जीते। प्रसिद्ध अभिनेत्री और नृत्यांगना हेमा मालिनी का डांस बैले ‘मीरा’ उन्हीं का लिखा हुआ है।
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‘महाभारत’ की लेखन टीम का हिस्सा रहीं
टेलीविजन के दौर में उनका करियर फिर से चमका। दूरदर्शन पर प्रसारित हुए धारावाहिक ‘महाभारत’ के लिए उन्होंने काफी गीत, दोहे और छंद लिखे। इसके अलावा ‘विष्णु पुराण’, ‘किस्मत’, ‘द्रौपदी’, ‘आप बीती’ आदि उनके चर्चित धारावाहिक रहे। सैटेलाइट चैनलों के दौर में भी माया गोविंद के लिखे शीर्षक गीतों की खूब धूम रही।
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सुपरहिट धारावाहिकों ‘मायका’ और ‘फुलवा’ के गीत उन्होंने ही लिखे। माया गोविंद ने अपने दौर के दिग्गज गायकों के साथ खूब संगत जमाई। अनुराधा पौडवाल की गाई ‘परम अर्थ गीता सार’ की रचना उन्होंने ही की है। अनूप जलोटा ने उनके भजन अपने अल   बमों ‘भजन यात्रा’ और ‘कृष्णा’ में गाए हैं। इंडी पॉप के दौर में भी माया गोविंद पीछे नहीं रहीं। फाल्गुनी पाठक का सुपरहिट गीत ‘मैंने पायल है छनकाई’ उन्हीं का लिखा हुआ है।

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