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Hindi News ›   India News ›   Lt Gen Asit Mistry and other officers of Indian Army in Pune laid wreath on the mortal remains of Jondhale Rushikesh Ramchandra

महाराष्ट्र: नियंत्रण रेखा पर शहीद जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा घर, आज होगा अंतिम संस्कार

Mon, 16 Nov 2020 12:47 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई/ टेहटा (प बंगाल)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई/ टेहटा (प बंगाल) Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 16 Nov 2020 12:47 AM IST
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Lt Gen Asit Mistry and other officers of Indian Army in Pune laid wreath on the mortal remains of Jondhale Rushikesh Ramchandra
सिपाही जोंधले ऋषिकेश रामचंद्र को श्रद्धांजलि देते अधिकारी.... - फोटो : ani

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जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार से पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा की गई गोलीबारी में शहीद सेना के जवान आर जोंधले का पार्थिव शरीर रविवार रात पुणे लाया गया। 

एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि शहीद के पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से कोल्हापुर जिले स्थित उनके पैतृक स्थान ले जाया जाएगा और अंतिम संस्कार सोमवार को होगा।आगे अधिकारी ने बताया कि जोंधले (20) जिले के अजरा तहसील के बाहिरवाडी गांव के रहने वाले थे।

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उन्होंने बताया कि पार्थिव शरीर पुणे लाए जाने के बाद राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल असित मिस्त्री और अन्य ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के गुरेज और उरी सेक्टरों में नियंत्रण रेखा से लगे क्षेत्रों में पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा की ओर से गई गोलीबारी में शहीद होने वाले सेना के चार जवानों में जोंधले भी शामिल थे।
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पाकिस्तान द्वारा कई स्थानों पर संघर्षविराम का उल्लंघन करके की गई गोलीबारी में सीमा सुरक्षा बल के एक उप निरीक्षक भी शहीद हुए थे जबकि छह अन्य नागरिकों की भी मौत हुई थी।

 



सेना के शहीद जवान को नदिया में गांव वालों ने दी अंतिम विदाई
वहीं, सेना के शहीद जवान सुबोध घोष का पार्थिव शरीर यहां नदिया जिले में स्थित उनके आवास पर रविवार रात को लाया गया। जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास शुक्रवार को पाकिस्तान की ओर से किये गए संघर्ष विराम उल्लंघन में घोष शहीद हो गए थे।

घोष 2017 में 23 वर्ष की आयु में सेना में शामिल हुए थे। पिछले साल नवंबर में उनकी शादी हुई थी और इस साल अगस्त में वह एक बेटी के पिता बने थे। घोष की पत्नी अनिंदिता ने कहा कि उन्होंने कहा था कि वह हमारी तीन महीने की बेटी के अन्नप्राशन पर घर आएंगे। लेकिन अब मेरी जिंदगी में सब कुछ समाप्त हो गया है।


शहीद जवान की याद में गांव में दिवाली नहीं मनाई गई। गांव वालों ने ‘भारतीय सेना की जय’ के नारे लगाते हुए नम आंखों से घोष को अंतिम विदाई दी। दिवंगत जवान का पार्थिव शरीर देर रात रघुनाथपुर गांव लाया गया जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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