LS Speaker: लोकसभा स्पीकर बोले- जलवायु परिवर्तन की समस्याओं से निपटने के लिए दुनिया को राह दिखाएं भारतीय युवा
LS Speaker: लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने सुझाया कि युवाओं को आधुनिक विचारों का अनुसरण करते हुए भारत के प्राचीन आध्यात्मिक ज्ञान और संस्कृति को अपनाना चाहिए। भारतीय युवाओं की बौद्धिक क्षमता तथा उनके वैज्ञानिक और तकनीकी ज्ञान के कारण पूरी दुनिया उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए भारत की ओर देख रही है...
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को चेन्नई में एसआरएम विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। शिक्षकों और छात्रों को संबोधित करते हुए, स्पीकर बिरला ने कहा कि शिक्षा एक आजीवन प्रक्रिया है, जो लगातार बौद्धिक विस्तार का रास्ता है। प्रसन्नता प्रकट करते हुए स्पीकर ने कहा, नवीन सोच और नवाचारों के बल पर, युवा आत्मनिर्भर भारत के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। सामाजिक, आर्थिक या राजनीतिक परिवर्तन लाने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आजादी का अमृत महोत्सव का उल्लेख करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा, आजादी के 75 साल में देश में कई महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक बदलाव हुए हैं। आने वाले समय में युवा सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और एक नए भारत के निर्माण में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि इस अमृत काल में हमारा यह प्रयास होना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुसार स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे होने पर भारत एक विकसित देश के रूप में दुनिया का नेतृत्व करेगा।
लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने सुझाया कि युवाओं को आधुनिक विचारों का अनुसरण करते हुए भारत के प्राचीन आध्यात्मिक ज्ञान और संस्कृति को अपनाना चाहिए। भारतीय युवाओं की बौद्धिक क्षमता तथा उनके वैज्ञानिक और तकनीकी ज्ञान के कारण पूरी दुनिया उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए भारत की ओर देख रही है। आज जलवायु परिवर्तन वैश्विक चिंता का विषय है और भारत इससे उठने वाली समस्याओं से निपटने में दुनिया का मार्गदर्शन करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारतीय युवा इस संकल्प को पूरा करने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
यह देखते हुए कि सम्पूर्ण विश्व परिवर्तन के लिए भारत और उसके युवाओं की ओर देख रही है, लोकसभा अध्यक्ष ने युवाओं को विधायी-राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल होने का आह्वान किया क्योंकि लोकतंत्र लोगों की भागीदारी और सभी के सहयोग से बनता है। उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी से कानूनों और नीतियों में सुधार होता है, जिससे बेहतर शासन और नीतियां बनती हैं।
बहस और चर्चा लोकतंत्र का एक अभिन्न अंग बताते हुए बिरला ने कहा कि सक्रिय विचार-विमर्श से समाज की बेहतरी होती है और यह युवाओं पर निर्भर है कि समाज कल्याण के लिए प्रभावी समाधान खोजें जिससे एक नए भारत का उदय हो। युवाओं को अपने इनपुट, शोध, नवाचार और विचारों को अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ साझा करना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में उनकी बात रखी जाए।
युवाओं को हर चुनौती का समाधान खोजने में दुनिया का नेतृत्व करने का आह्वान करते हुए बिरला ने कहा कि विश्व की आशाएं उन पर टिकी हैं क्योंकि उनमें न केवल अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बल्कि कड़ी मेहनत और नवाचार के माध्यम से दुनिया भर में बड़े पैमाने पर आशाओं और सपनों को साकार करने के लिए अथक परिश्रम करने की क्षमता है। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने लोकसभा सांसद और एसआरएम विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. टी.आर. पारिवेन्धर को एक विश्व स्तरीय शैक्षणिक संस्थान की स्थापना करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी और विश्वविद्यालय के स्वच्छ और हरित परिसर की सराहना की।