{"_id":"66165f8cda746e61890bd62d","slug":"ls-polls-2024-dozens-of-political-parties-but-only-60-70-helicopters-present-know-how-much-fare-paid-per-hour-2024-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"LS Polls 2024: दर्जनों राजनीतिक दल, लेकिन मौजूद केवल 60-70 हेलीकॉप्टर, जानें एक घंटे का कितना चुका रहे किराया?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
LS Polls 2024: दर्जनों राजनीतिक दल, लेकिन मौजूद केवल 60-70 हेलीकॉप्टर, जानें एक घंटे का कितना चुका रहे किराया?
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
Helicopters in Election
- फोटो :
Amar Ujala
विस्तार
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर देशभर में धुंआधार प्रचार अभियान शुरू हो गया है। राजनीतिक पार्टियों ने गांवों और दूरदराज के इलाकों में जाने के लिए उड़न खटोले यानी हेलीकॉप्टर बुक कराने शुरू कर दिए हैं। लेकिन इसमें पैसा भी खूब खर्च हो रहा है। हेलीकॉप्टर किराये में पिछले छह महीनों में 15-20 फीसदी की वृद्धि हुई है। सूत्रों का कहना है कि अधिकांश हेलीकॉप्टर पहले ही बुक हो गए हैं। भाजपा और कांग्रेस जैसे बड़े दल हेलीकॉप्टर का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। सिंगल-इंजन वाले हेलीकॉप्टर का किराया लगभग लगभग 1,500 रुपये प्रति मिनट है, जबकि दो इंजन वाले हेलीकॉप्टर का किराया लगभग लगभग 3,000 रुपये प्रति मिनट है। ज्यादातर बुकिंग राजधानी दिल्ली से ही हो रही है।
हेलीकॉप्टर के किराए में 15 फीसदी की वृद्धि
भारत में चार्टर फ्लाइट के व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि पर्सनल जेट की मांग बीते एक-डेढ़ साल से एक जैसी बनी हुई है। इस कारण से इनकी कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन देश में अभी भी कमर्शियल एयरलाइन सेवाएं मजबूत हैं। चुनावी मौसम में बड़े शहरों में जाने के लिए नेता आज भी कमर्शियल उड़ानों का उपयोग करते हैं। इस दौरान उन्हें सफर के दौरान आम लोगों से मिलने-जुलने का भी मौका भी मिल जाता है। पिछले छह माह से हेलीकॉप्टर के किराए में 15 फीसदी की वृद्धि हुई है। हेलीकॉप्टर के किराए में यह तेजी इसलिए है, क्योंकि इन दिनों में भारत में चार्टर हेलीकॉप्टर की डिमांड पहले के मुकाबले बढ़ी है। देश में ट्विन इंजन वाले हेलीकॉप्टरों की कमी है। इसलिए चुनावी मौसम में हेलीकॉप्टरों की मांग ज्यादा नजर आ रही है। इससे उनके रेट पर प्रीमियम बढ़ गया है।
भारत में करीब 254 चार्टर हेलीकॉप्टर
हेलीकॉप्टर उद्योग के लिए काम करने वाली रोटरी विंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, भारत में वर्तमान में लगभग 254 चार्टर हेलीकॉप्टर हैं। इन 254 हेलीकॉप्टरों में से 190 हेलीकॉप्टर सार्वजनिक क्षेत्र के कार्यों, डिफेंस ऑपरेशन, कॉर्पोरेट वेंचर्स और ऑफशोर मिशनों के लिए आवंटित किए गए हैं। इससे भारतीय चुनावी मौसम के लिए लगभग 60-70 हेलीकॉप्टर ही उपलब्ध रह गए हैं। अधिकांश हेलीकॉप्टर लगभग छह माह पहले ही बुक हो गए हैं। इसलिए अभी हेलीकॉप्टर की कमी हो रही है।
ट्विन इंजन वाले हेलीकॉप्टरों की मांग सबसे ज्यादा
इस उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भारत के हेलीकॉप्टर उद्योग में प्रमुख प्लेयर्स में पवन हंस, ग्लोबल वेक्ट्रा, हेलिगो चार्टर और हेरिटेज एविएशन शामिल हैं। हेलीकॉप्टर की कमी के कारण कई राजनीतिक दल एक भी हेलीकॉप्टर किराए पर नहीं ले पा रहे हैं। चुनावी मौसम में सबसे ज्यादा मांग ट्विन इंजन वाले हेलीकॉप्टरों की होती है। इनका इस्तेमाल आमतौर पर वीआईपी यात्राओं के लिए किया जाता है। ये सामान्य से काफी अधिक घंटों तक उड़ान भरते हैं, जिससे विमानन सेवाओं के राजस्व में वृद्धि होती है। चेन्नई में प्राइवेट जेट के किराये के रेट 3.4 लाख रुपये से 6.4 लाख रुपये प्रति घंटे तक हैं। सिंगल इंजन वाले हेलीकॉप्टरों के लिए शुरुआती रेट एक लाख रुपये प्रति घंटा तक हैं, जबकि ट्विन इंजन वाले हेलीकॉप्टरों के लिए यह 2 से 3 लाख रुपये प्रति घंटा तक हैं।
भाजपा ने पहले ही बुक कराए थे हेलीकॉप्टर
हेलीकॉप्टर की कमी का मुद्दा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ममता बनर्जी ने अगस्त 2023 में उठाया था, जब उन्होंने चिंता व्यक्त की थी कि भाजपा ने इस साल के लोकसभा चुनावों के लिए पहले से ही सभी उपलब्ध हेलीकॉप्टर रिजर्व कर लिए हैं, जिससे अन्य दलों को किराए पर लेने का कोई मौका नहीं मिला। उन्होंने इसे शक्ति और धन का प्रदर्शन बताते हुए इसकी आलोचना करते हुए कहा था, वे सोचते हैं कि पैसे से कुछ भी खरीदा जा सकता है।