LS Polls 2024: क्या नवनीत राणा रहेंगी 'सुरक्षित'? अमरावती से भाजपा का टिकट मिलते ही सामने आई ये बात
मॉडल और अभिनेत्री नवनीत राणा ने 2019 में कांग्रेस-एनसीपी के समर्थन के बाद इसी सीट पर जीत हासिल की थी, लेकिन जीत हासिल करने के बाद से उन्होंने अपनी कट्टर हिंदूवादी छवि को मजबूत किया और भाजपा का समर्थन करने लगी थीं...
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नवनीत राणा को भाजपा ने अमरावती से लोकसभा उम्मीदवार बना दिया है। इसके साथ ही पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं की उन चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया है, जिसमें जिन्होंने नवनीत राणा को अमरावती से टिकट देने का विरोध किया था। मॉडल और अभिनेत्री नवनीत राणा ने 2019 में कांग्रेस-एनसीपी के समर्थन के बाद इसी सीट पर जीत हासिल की थी, लेकिन जीत हासिल करने के बाद से उन्होंने अपनी कट्टर हिंदूवादी छवि को मजबूत किया और भाजपा का समर्थन करने लगी थीं। इसके बाद से ही उन्हें अमरावती से भाजपा के बड़े दावेदार के तौर पर देखा जा रहा था। लेकिन स्थानीय कार्यकर्ता उन्हें बाहरी उम्मीदवार बताकर उनका लगातार विरोध कर रहे थे। लेकिन आज घोषित हुई भाजपा की सातवीं सूची में पार्टी ने उन्हें अमरावती की सुरक्षित सीट से पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर दिया।
इसके पहले नवनीत राणा पहली बार तब चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने सड़कों पर हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया था। एक धर्म के कथित गलत तरीकों का विरोध करते हुए उन्होंने अपने समर्थकों के साथ सड़कों पर हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया था, जिसके कारण राष्ट्रीय स्तर पर उनकी छवि कट्टर हिंदूवादी नेता के तौर पर होने लगी थी।
इस घटना के बाद से ही उनके विधायक पति रवि राणा ने यह कहना शुरू कर दिया था कि नवनीत राणा अगले चुनाव में अमरावती से भाजपा के टिकट पर उम्मीदवार होंगी। लेकिन स्थानीय कार्यकर्ता इसका लगातार विरोध कर रहे थे और इसके बाबत भाजपा आलाकमान से विरोध भी दर्ज कराया गया था।
खुल सकता है ये विवाद
दरअसल, नवनीत राणा की मुश्किलें केवल यहीं समाप्त नहीं होती हैं। उनकी सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उनके अनुसूचित जाति के होने पर भी विवाद है। इस समय उनकी जाति को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में वाद लंबित है। इस पर कभी भी निर्णय सामने आ सकता है। ऐसे में यदि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय नवनीत राणा के विरोध में आया, तो अनूसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट अमरावती से उनकी दावेदारी (या चुनाव जीतने के बाद जीत पर) पर प्रश्न खड़े हो सकते हैं। भाजपा का टिकट पा चुकीं नवनीत राणा को जाति प्रमाण पत्र वाले मामले में कितनी राहत मिलती है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल, नवनीत राणा के समर्थकों ने टिकट मिलते ही उनकी जीत के दावे करने शुरू कर दिये हैं।