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लोकपाल की दो टूक : फैसले के खिलाफ अपील या समीक्षा के आग्रह पर विचार नहीं किया जाएगा, कानून में नहीं है प्रावधान
Thu, 09 Sep 2021 05:56 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 09 Sep 2021 05:56 PM IST
सार
लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून, 2013 में भारत के लोकपाल की किसी पीठ द्वारा पारित आदेश की अपील, समीक्षा या पुनर्विचार का कोई प्रावधान नहीं है।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : Social Media
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विस्तार
लोकपाल ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उसके किसी फैसले के खिलाफ अपील या समीक्षा के आग्रह को मंजूर नहीं किया जाएगा। लोकपाल कानून में शिकायतकर्ता को अपील या पुनर्विचार के लिए याचिका दायर करने का कोई प्रावधान नहीं है।
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लोकपाल ने यह स्पष्टीकरण उसके द्वारा पारित आदेश की अपील, समीक्षा या पुनर्विचार के लिए शिकायतकर्ताओं द्वारा अनुरोध भेजे जाने के कुछ मामले सामने के बाद जारी किया। लोकपाल ने एक नोटिस जारी कर कहा कि लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून, 2013 में भारत के लोकपाल की किसी पीठ द्वारा पारित आदेश की अपील, समीक्षा या पुनर्विचार का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए सभी संबंधित पक्षों को सूचित किया जाता है कि किसी आदेश की समीक्षा या पुनर्विचार के लिए किसी अपील या अनुरोध को भारत के लोकपाल द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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अपील या समीक्षा के बारे में एक संसदीय समिति ने भी विचार किया था और उसने मार्च में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को संबंधित कानूनों में संशोधन की व्यावहारिकता का पता लगाने को कहा था ताकि लोकपाल को अपने आदेशों पर पुनर्विचार और समीक्षा करने का अधिकार प्रदान किया जा सके।
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लोकपाल ने समिति को अवगत कराया था कि उसने डीओपीटी से अनुरोध किया है कि वह लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून में उचित चरण में संशोधन के लिए आवश्यक कार्रवाई करे ताकि उसके द्वारा पारित आदेशों की समीक्षा करने के अधिकार को लोकपाल कानून में शामिल किया जा सके।