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लोकसभा: गतिरोध पर स्पीकर बिड़ला ने जताया दुख, 96 घंटे होनी थी कार्यवाही, हुई मात्र 21 घंटे
Wed, 11 Aug 2021 06:39 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Wed, 11 Aug 2021 06:39 PM IST
सार
स्पीकर ओम बिड़ला ने संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में हंगामे के चलते लोक महत्व के मुद्दों पर चर्चा नहीं होने पर दुख जताया है।
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला
- फोटो : ANI
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विस्तार
संसद के मानसून 2021 में पेगासस व अन्य मामलों को भारी हंगामा होता रहा। लोकसभा की बैठक को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। सदन में गतिरोध, वक्त की बर्बादी व लोक महत्व के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाने को लेकर बुधवार को स्पीकर ओम बिड़ला ने दुख जताया। उन्होंने बताया कि लोकसभा के छठे सत्र के दौरान 17 बैठकें हुईं। 96 घंटों की कार्यवाही का समय निर्धारित था, लेकिन इसकी तुलना में मात्र 21 घंटे 14 मिनट कार्य हुआ।
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स्पीकर बिड़ला ने कहा, 'मैं लोगों की इस पीड़ा को समझता हूं कि इस बार लोकसभा में लोक महत्व के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाई। वाद-विवाद और संवाद से लोकतन्त्र सुदृढ़ होता है। सदन में विधेयक सम्यक और सार्थक चर्चा के बाद ही पारित होने चाहिए। संसदीय परंपराओं और सदन की गरिमा का आदर किया जाना चाहिए।'
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छठे सत्र के दौरान लोकसभा की 17 बैठकें हुईं और सभा में 96 घंटों के निर्धारित समय की तुलना में 21 घंटे 14 मिनट कार्य हुआ। व्यवधान के कारण लोकसभा का 74 घंटे 46 मिनट का समय बर्बाद हुआ और इस सत्र के दौरान सदन की कार्य-उत्पादकता 22 प्रतिशत रही।
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मौजूदा सत्रहवीं लोकसभा का छठा सत्र 19 जुलाई को शुरू हुआ था। यह 11 अगस्त को संपन्न हो गया। वैसे सदन की कार्यवाही 13 अगस्त तक चलने वाली थी।
20 विधेयक पारित किए गए
सत्र के दौरान 13 सरकारी विधेयक पुन:स्थापित किए गए और 20 विधेयक पारित किए गए। पारित किए गए कुछ महत्वपूर्ण विधेयक हैं - संविधान (127 संविधान संशोधन) विधेयक, 2021, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक 2021 और वर्ष 2017-18 और 2020-21 की अनुपूरक मांगों से संबंधित विनियोग विधेयक।
अगले साल तक नया भवन तैयार होगा
बिड़ला ने बताया कि नए संसद भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह सुनिश्चित करने के सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं कि नया संसद भवन अगले साल तक तैयार हो जाए।