फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lok Sabha passes Cinematograph Amendment Bill three-year jail term steep fine for film piracy

संसद सत्र: हंगामे के बीच सिनेमेटोग्राफ विधेयक लोकसभा में भी पारित, पायरेसी मामले में होगी तीन साल की जेल

Tue, 01 Aug 2023 04:54 AM IST
गुलाम अहमद अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Tue, 01 Aug 2023 04:54 AM IST
सार

लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने विधेयक पर हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए कहा, पायरेसी के कारण फिल्म उद्योग के साथ सरकार को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता था। फिल्म उद्योग को सालाना 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ता था। 

विज्ञापन
Lok Sabha passes Cinematograph Amendment Bill three-year jail term steep fine for film piracy
संसद - फोटो : ANI

विस्तार

संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही पर लगातार आठवें दिन मणिपुर हिंसा मामले में विपक्ष का हंगामा भारी पड़ गया। तीसरे सप्ताह के पहले दिन राज्यसभा की कार्यवाही ठप रही। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर तत्काल चर्चा कराने पर अड़े विपक्ष ने वेल में आ कर जम कर नारेबाजी की। विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनि मत से सिनेमेटोग्राफ संशोधन विधेयक पारित कराने के बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

विज्ञापन


लोकसभा में हंगामे के बीच ही करीब 15 मिनट तक प्रश्नकाल चलाने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कागजात पटल पर रखवाने के बाद आनन-फानन सिनेमेटोग्राफ संशोधन बिल को पारित कराने के लिए पेश किया गया। विधेयक ध्वनि मत से पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।  
विज्ञापन


चार बिल लटके
लोकसभा में सरकार की योजना तीन संविधान संशोधन बिल पेश करने और जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक पारित कराने की थी। तीनों में अलग-अलग राज्यों में कुछ जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव था। हालांकि न तो ये बिल पेश हुए और न ही जन्म और मृत्यु विधेयक पारित हो पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पायरेसी मामले में तीन साल की होगी जेल 
फिल्म जगत को पायरेसी से बचाने के लिए सिनेमेटोग्राफ एक्ट 1952 में संशोधन करने वाला सिनेमेटोग्राफ (चलचित्र) संशोधन विधेयक पर राज्यसभा के बाद सोमवार को लोकसभा की भी मुहर लग गई। राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद पायरेसी मामले में अब तीन साल की सजा और फिल्म की लागत का पांच फीसदी जुर्माना लगाने का रास्ता साफ हो जाएगा। वहीं, दर्शकों की तीन नई श्रेणियां बनाई गई हैं। 

लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने विधेयक को पारित करने के लिए पेश किया। इस पर हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए ठाकुर ने कहा, इसकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी। पायरेसी के कारण फिल्म उद्योग के साथ सरकार को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता था। फिल्म उद्योग को सालाना 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि कई अहम बदलाव लाने के लिए सभी पक्षों से विस्तृत बातचीत की गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे संबंधित कानून सात दशक पुराना था। इस बीच डिजिटल क्रांति के बाद इस कानून में व्यापक बदलाव की जरूरत थी।


दर्शकों की ये नई श्रेणियां
संशोधन विधेयक में सेंसर बोर्ड द्वारा दर्शकों से संबंधित जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्र में भी बदलाव किया गया है। अब इसकी तीन की जगह छह श्रेणियां होंगी। पहले यू, यूए और ए श्रेणी थी। अब नई श्रेणी यूए 7+, यूए 13+ और यूए 16+ शामिल की गई है। मतलब अब सात, 13+ और 16+ साल से कम उम्र के बच्चे ऐसी श्रेणियों की फिल्में अपने माता-पिता के साथ देख सकेंगे। पहले यू श्रेणी की फिल्म सभी लोग, यूए श्रेणी की फिल्म माता-पिता के साथ और ए श्रेणी की फिल्म महज वयस्क दर्शक ही देख सकते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed