फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lok sabha news updates Casualties of Indian soldiers in terrorist attacks during the last three years is 5

LS: LoC में तीन साल में कितने सैनिकों की गई जान; मनरेगा में हर साल बनते हैं कितने कार्ड? जानें सरकार के जवाब

Tue, 03 Dec 2024 03:21 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 03 Dec 2024 03:21 PM IST
सार

कांग्रेस के सांसद राहुल कासवान ने लोकसभा में शहीद हुए भारतीय सैनिकों  को लेकर कुछ सवाल पूछे। इस पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब दिया। 

विज्ञापन
Lok sabha news updates Casualties of Indian soldiers in terrorist attacks during the last three years is 5
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय - फोटो : ANI

विस्तार

कांग्रेस के सांसद राहुल कासवान ने लोकसभा में शहीद हुए भारतीय सैनिकों  को लेकर कुछ सवाल पूछे। इस पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान भारत-पाक सीमा पर आतंकवादी हमलों में पांच भारतीय सैनिक शहीद हुए। 

विज्ञापन


दरअसल, राहुल कासवान ने चार सवाल पूछे थे वह यह हैं-
गत तीन वर्षों के दौरान भारत-पाक सीमा पर आतंकवादी हमलों में शहीद हुए भारतीय सैनिकों का वर्ष-वार ब्यौरा क्या है?
इस संबंध में सरकार द्वारा क्या कुछ कार्रवाई की गई?
आतंकवादी समूहों का पूर्णतः सफाया कब तक होने की संभावना है?
सरकार द्वारा इस संबंध में क्या उपाय किए गए हैं?

केंद्र ने दिया ये जवाब
इस पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि पिछले तीन सालों यानी 2021 से 2023 के दौरान भारत-पाकिस्तान सीमा पर आतंकवादी हमलों में भारतीय सैनिकों के हताहत होने की संख्या पांच है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने भारत-पाक सीमा सहित आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और सरकार का दृष्टिकोण आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करना है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने कई उपाय किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप सीमा पर आतंकवादी गतिविधियों को नियंत्रित करने में मदद मिली है।
विज्ञापन


'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को दी मंजूरी'
उन्होंने आगे कहा, 'केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के 19 जिलों में उत्तरी सीमा से सटे 46 ब्लॉकों में चुनिंदा गांवों के व्यापक विकास के लिए 15 फरवरी, 2023 को केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी) को मंजूरी दी है। इस कार्यक्रम के तहत कवर किए गए कुल गांव 692 हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन


गांवों में रहने के लिए लोगों को प्रोत्साहन देना मकसद
मंत्री ने बताया कि कार्यक्रम में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने, कौशल विकास और उद्यमिता और कृषि/बागवानी, औषधीय पौधों/जड़ी-बूटियों की खेती आदि सहित सहकारी समितियों के विकास के माध्यम से आजीविका सृजन के अवसरों के निर्माण के लिए चुनिंदा गांवों में हस्तक्षेप के केंद्रित क्षेत्रों की परिकल्पना की गई है। हस्तक्षेपों में असंबद्ध गांवों को सड़क संपर्क, गांव के बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा सहित ऊर्जा, टेलीविजन और दूरसंचार कनेक्टिविटी प्रदान करना भी शामिल है। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को चयनित गांवों में रहने के लिए काफी प्रोत्साहन देता है।

मनरेगा के तहत हर साल 60 लाख नए जॉब कार्ड जारी किए जाते हैं: सरकार
केंद्र ने मंगलवार को कहा कि मनरेगा के तहत हर साल औसतन 60 लाख नए जॉब कार्ड जारी किए जाते हैं और जॉब कार्ड को निरस्त करने में सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है।


ग्रामीण विकास राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने लोकसभा में कहा कि ग्रामीण विकास बजट का 57 प्रतिशत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के लिए आवंटित किया गया है और जोर देकर कहा कि आधार कार्ड के जुड़ने से पारदर्शिता बढ़ती है।

कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल ने दावा किया कि पिछले चार साल में 10.43 करोड़ मनरेगा कामगारों के नाम काटे गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed