लोकसभा चुनाव की तैयारी: भाजपा ने चुनौती बनीं 160 सीटों के लिए बनाई रणनीति, नड्डा ने नेताओं के साथ किया मंथन
भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव में विभिन्न राज्यों की इन 160 सीटों में से ज्यादातर सीटें हार गई थी। लेकिन इस सूची में कुछ ऐसी लोकसभा सीटें भी शामिल हैं, जिस पर भाजपा ने ही जीत दर्ज की थी। पार्टी का मानना है कि ये सीटें स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव के कारण चुनौती बनी हुई हैं।
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अभी से 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इसी कड़ी में भाजपा ने केंद्र की सत्ता के लिए लगातार तीसरी बार जीत सुनिश्चित करने को लेकर नई रणनीति बनाई है। सत्तारूढ़ पार्टी ने खुद के लिए मुश्किल मानी जाने वाली लोकसभा सीटों का दायरा 144 से बढ़ाकर 160 कर दिया है। जेडीयू के एनडीए से अलग होने के बाद भाजपा बिहार में ज्यादातर लोकसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। इस मिशन में जुटे नेताओं ने सोमवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की और भविष्य के रणनीति पर चर्चा की।
सूत्रों ने बताया कि भाजपा का बिहार और तेलंगाना पर मुख्य जोर है। भाजपा अपने 'विस्तारकों' की दो दिवसीय प्रशिक्षण बैठक भी आयोजित करेगी, जो पटना और हैदराबाद में होगी, जिसमें इन सीटों के प्रभारी शामिल होंगे।
भाजपा साल 2019 के लोकसभा चुनाव में विभिन्न राज्यों की इन 160 सीटों में से ज्यादातर सीटें हार गई थी। लेकिन इस सूची में कुछ ऐसी लोकसभा सीटें भी शामिल हैं, जिस पर भाजपा ने ही जीत दर्ज की थी। पार्टी का मानना है कि ये सीटें स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक कारकों के कारण चुनौती बनी हुई हैं। इन सीटों में रोहतक (हरियाणा) और बागपत (उत्तर प्रदेश) जैसी सीटें भी शामिल हैं, जहां से वर्तमान में भाजपा के सांसद हैं।
सूत्रों ने कहा कि बिहार के नेताओं और प्रभारियों की बैठक 21 और 22 दिसंबर को पटना में हो सकती है, जबकि हैदराबाद में 28 और 29 दिसंबर को बैठक होने की संभावना है। जेपी नड्डा के वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक को संबोधित करने की उम्मीद है।
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में, भाजपा और नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने बिहार में 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ा था। भाजपा ने सभी 17 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि जेडीयू ने 16 सीटें जीती थी। वहीं, छह सीटों पर एनडीए की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी ने जीत हासिल की थी।
पटना की बैठक में 90 सीटों पर होगा मंथन
सूत्रों ने बताया कि पटना में होने वाली भाजपा की बैठक में 90 सीटों पर मंथन किया जाएगा, जबकि हैदराबाद की बैठक के एजेंडे में शेष 70 सीटें शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि बैठक में भाजपा महासचिव विनोद तावड़े और सुनील बंसल सहित प्रमुख संगठनात्मक नेता, इन मिशनों की निगरानी करने वाले पार्टी पदाधिकारी शामिल होंगे। महासचिव (संगठन) बीएल संतोष भी शामिल हो सकते हैं।
मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने पर काम
सूत्रों ने कहा कि भाजपा इन 160 सीटों पर अपने संगठन का विस्तार करने और मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने पर काम कर रही है। इस प्रशिक्षण बैठक में बड़ी संख्या में केंद्रीय मंत्रियों का भी मसौदा तैयार किया गया है, जिसमें पार्टी के शीर्ष अधिकारी नियमित रूप से समीक्षा अभ्यास करते हैं।
भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भी चुनौतीपूर्ण मानी जाने वाली सीटों की सूची तैयार की थी और इनमें से बड़ी संख्या में जीत हासिल की थी। पार्टी को 2019 में कुल 543 लोकसभा सीटों में से 303 पर जीत मिली थी, जबकि 2014 में 282 सीटें जीती थी।