{"_id":"5c84b8c1bdec22143356c222","slug":"lok-sabha-elections-2019-which-political-parties-left-nda-after-2014-election-and-why","type":"story","status":"publish","title_hn":"2014 लोकसभा चुनाव के बाद पांच सालों में कौन-कौन हुआ एनडीए से अलग, क्या रहे कारण?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
2014 लोकसभा चुनाव के बाद पांच सालों में कौन-कौन हुआ एनडीए से अलग, क्या रहे कारण?
Sun, 10 Mar 2019 12:42 PM IST
Nilesh Kumar
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Sun, 10 Mar 2019 12:42 PM IST
विज्ञापन
भाजपा के अन्य नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव 2019 का बिगुल बज चुका है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की एनडीए सरकार के पांच साल पूरे हो रहे हैं। साल 2014 में भाजपा अपने दम पर 272 का जादुई आंकड़ा पार करने में सफल हुई थी और कई राजनीतिक पार्टियों के समर्थन के साथ एनडीए की सरकार बनाई थी। इन पांच सालों में एनडीए के कई साथी छूटे, तो वहीं एनडीए ने जदयू जैसे अपने पुराने और महत्वपूर्ण साथी को फिर से अपने साथ जोड़ लिया। साथ ही तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक, पीएमके और डीएमडीके जैसे नए साथी भी जोड़े। इस लोकसभा चुनाव में देखना दिलचस्प होगा कि इन घटनाक्रमों का किस पार्टी पर कैसा असर पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
एनडीए से छूटे ये पांच साथी
एनडीए ने बीते पांच साल में अपने पांच साथियों को गंवाया है। इनमें तेलगू देशम पार्टी, जनता दल यूनाइटेड, स्वाभिमानी शेतकारी संगठन, राष्ट्रीय लोक समता दल और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा और असम गण परिषद शामिल हैं। हालांकि जदयू को फिर से जोड़ने में एनडीएक कामयाब रही।
विज्ञापन
तेलगू देशम पार्टी
तेदेपा आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा की मांग कर रही थी। वहीं केंद्र की एनडीए सरकार इस पशोपेश में थी कि आंध्र प्रदेश को दर्जा दे दिया गया तो बिहार सहित अन्य राज्य भी विशेष दर्जा की मांग करने लगेंगे। इसी बीच तेदेपा ने समर्थन वापस ले लिया। इस बार महागठबंधन में शामिल होकर तेदेपा चुनाव लड़ेगी।
विज्ञापन