कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा, कहा- भाजपा के स्थापना दिवस पर भारी मन से छोड़ रहा हूं पार्टी
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भाजपा के बागी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा शनिवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि भाजपा के स्थापना दिवस के अवसर पर भारी मन से पार्टी छोड़ रहा हूं। कांग्रेस ने बिहार में चुनाव प्रचार के लिए जारी स्टार प्रचारकों की सूची में भी उन्हें जगह दी है। वह अपनी मौजूदा सीट बिहार के पटना साहिब से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।
Delhi: Veteran actor and BJP MP Shatrughan Sinha joins Congress in presence of Congress General Secretary KC Venugopal and Randeep Surjewala pic.twitter.com/T1izPmSEEu
— ANI (@ANI) April 6, 2019विज्ञापन
तानाशाही में बदल गई भाजपा की लोकशाही
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र को तानाशाही में तब्दील होते हुए देखा। मार्गदर्शकों को दरकिनार करते हुए उन्हें साइड कर दिया गया। न केवल आडवाणीजी बल्कि यशवंत सिंह, मुरली मनोहर जोशी, अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा जैसे लोगों को साइड कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने का निर्णय उन्होंने आधी रात नहीं लिया। वह 25 साल से पार्टी का हिस्सा थे। पार्टी वन मैन शो और टू मेन आर्मी हो गई है, तानाशाही में बदल गई है।
Shatrughan Sinha after joining Congress: I did not take the decision to leave BJP overnight. I've was in the party for 25 years. I saw that this (BJP) govt was a one man show and two men army, it had turned autocratic. pic.twitter.com/bbykkqtAGL
— ANI (@ANI) April 6, 2019
किसी बच्चे से पांच मंत्रियों का नाम पूछ लिया जाए तो अटक जाएंगे। औपचारिक तौर पर सदस्यता लेने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने उन्हें पार्टी में शामिल होने को प्रेरित करने वाले नेताओं को धन्यवाद दिया।
शत्रुघ्न सिन्हा की 35 साल की राजनीतिक पारी का हर अहम किस्सा यहां पढ़ें
उन्होंने संबोधन के दौरान शक्ति सिंह गोहिल का नाम लेते हुए गलती से कांग्रेस की जगह भाजपा का नाम ले लिया और उन्हें भाजपा का बैक बोन बता दिया। मीडिया के टोकने पर उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि अभी नया हूं। कुछ दिन में आदत हो जाएगी।पत्नी पूनम के उत्तर प्रदेश की लखनउ सीट से चुनाव लड़ने के सवाल पर शत्रुघ्न सिन्हा ने तस्वीर स्पष्ट नहीं की, लेकिन कहा कि कुछ भी हो सकता है। भाजपा अध्यक्ष रह चुके केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह यहां से उम्मीदवार हैं।
Shatrughan Sinha on being asked if his wife Poonam will contest from Lucknow against HM Rajnath Singh: Kuch bhi ho sakta hai pic.twitter.com/B9tZ5yHHGk
— ANI (@ANI) April 6, 2019
इससे पहले केसी वेणुगोपाल ने कहा कि एक सही नेता गलत पार्टी में थे, अब सही पार्टी में आ गए हैं। बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा एक शानदार अभिनेता ओर नेता हैं। इनकी फितरत रही है कि जब कोई झूठ बोलता है, तो ये कहते हैं 'खामोश'। मैं गुजरात से आता हूं और मोदी-शाह की जोड़ी को जानता हूं। वहां(भाजपा में) डिक्टेटरशिप है।
इस दौरान मोबाइल पर उन्होंने एक के बाद एक वीडियो क्लिप दिखाया कि कैसे नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी का एक-दूसरे पर हमलावर रहे थे। यह वीडियो पिछले चुनावों के समय का था।
वह 28 मार्च को ही कांग्रेस में शामिल होने वाले थे, लेकिन बिहार में महागठबंधन में सीटों को लेकर फंसे पेच के बीच मामला अटक गया। सिन्हा ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बताया था कि वह छह अप्रैल को कांग्रेस में शामिल होंगे।
पटना साहिब से हो सकते हैं कांग्रेस के उम्मीदवार
कांग्रेस उन्हें पटना साहिब सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है। इस सीट से वह लगातार दो बार भाजपा के टिकट पर जीत चुके हैं। भाजपा ने इस बार उनका टिकट काट कर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को पटना साहिब से टिकट दिया है। पार्टी में शामिल होने से पहले ही कांग्रेस ने बिहार में चुनाव प्रचार के लिए जारी स्टार प्रचारकों की सूची में उन्हें जगह दी है। इस बार शत्रुघ्न सिन्हा को टिकट काट कर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को दे दिया है।
मालूम हो कि रविशंकर और शत्रुघ्न सिन्हा दोनों ही कायस्थ वर्ग से आते हैं। इस सीट पर इस वर्ग के वोटर बड़ी संख्या में हैं। पिछले चुनाव में इसी वोट बैंक के कारण जदयू ने भी सिन्हा के करीबी डॉ. गोपाल प्रसाद सिन्हा को मैदान में उतारा था। हालांकि साल 2009 और 2014 के पिछले दोनों लोकसभा चुनावों में शत्रुघ्न सिन्हा को 50 फीसदी से ज्यादा लोगों का समर्थन(वोट) मिला था।
खास आपके लिए
भाजपा में 35 साल का सफर समाप्त
शत्रुघ्न सिन्हा के राजनीतिक सफर की शुरुआत 1984 में हुई, जब उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। पार्टी ने उनके व्यक्तित्व और दमदार आवाज के कारण स्टार प्रचारक बनाया। 1996 और 2002 में एनडीए की ओर से वह राज्यसभा सांसद के लिए चुने गए। 2003-2004 में कैबिनेट मंत्री बने। उसके बाद 2009 और 2014 में बिहार की पटना साहिब सीट से वह सांसद चुने गए।
लाल कृष्ण आडवाणी उन्हें राजनीति में लेकर आए थे। आज, जब टिकट कटने के साथ आडवाणी युग की समाप्ति का संकेत दिया जा रहा है तो पार्टी में शत्रुघ्न की भी राजनीतिक पारी समाप्त हो गई। कांग्रेस में उनकी राजनीति की दूसरी पारी शुरू हो रही है।