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इन वजहों से बदला जनता का मूड, कांग्रेस को छोड़ फिर भाजपा का हुआ राजस्थान

Thu, 23 May 2019 02:59 PM IST
Prachi Priyam चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Prachi Priyam Updated Thu, 23 May 2019 02:59 PM IST
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Lok Sabha Elections 2019 Results: Reasons of Congress defeat in Rajasthan
प्रतीकात्मक तस्वीर

पिछले लोकसभा चुनाव में राजस्थान की जनता से मिले समर्थन के बाद कांग्रेस लोकसभा चुनाव में अपनी जीत की उम्मीद लिए बैठी थी, लेकिन रुझान से मिल रहे संकेतों ने पार्टी को हैरत में डाल दिया है। लोगों की उम्मीद के बिल्कुल विपरीत जाकर राजस्थान की जनता का आदेश भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जाता दिख रहा है।विधानसभा चुनाव के बाद महज पांच से छह महीने में ही राज्य की स्थिति इतनी बदल गई कि आज एक तरफ भाजपा क्लीन स्वीप करने को तैयार नजर आ रही है, तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस मुश्किल से दो-तीन सीटों पर सिमटती दिख रही है। 

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आपको बता रहे हैं कि आखिर वो कौन से पांच कारण हैं, जिनकी वजह से राजस्थान में कांग्रेस को झाटका लगा-

अलवर गैंग रेप ममला

चुनाव के दौरान अलवर में हुए गैंगरेप के कारण मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को तीखी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था। मामले को जितना ज्यादा दबाने की कोशिश की गई, खबर ने उतनी ही तूल पकड़ ली और यह चुनाव का बड़ा मुद्दा बन गया। पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के कारण लोगों की नाराजगी का असर चुनाव पर भी पड़ा।

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कांग्रेस में आंतरिक विरोध का माहौल 

विधानसभा में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी में आपसी खींचतान का माहौल बन गया था, जो आगे भी जारी रहा। सचिन पायलट के उपमुख्यमंत्री बनने के कारण उनके समर्थकों में आक्रोश था। इस चुनाव में पार्टी को इसी नाराजगी का नुकसान झेलना पड़ा है।

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जातीय समीकरण का फॉर्मूला फेल

जातीय गणित के मामले में राजस्थान बहुत दाव-पेंच वाला राज्य है। यहां की जीत में जाति बड़ी भूमिका निभाती है। मीणा और गुर्जर समुदाय के मतदाता यहां निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कांग्रेस के मुकाबले भाजपा किरोड़ी लाल मीणा की मदद से इन वोटरों को साधने में ज्यादा कामयाब रही है।

मोदीजी से बैर नहीं, वसुंधरा की खैर नहीं

राजस्थान में दिसंबर 2019 के चुनाव के दौरान एक नारा बेहद लोकप्रिय हुआ था-मोदीजी से बैर नहीं, वसुंधरा की खैर नहीं। इस नारे के माध्यम से राज्य की जनता ने साफ संकेत दिया था कि उन्हें केंद्र की मोदी सरकार से नहीं, बल्कि राज्य की वसुंधरा सरकार से परेशानी है। इसलिए भी लोकसभा चुनाव में भाजपा को जनता का समर्थन मिला ।

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