पुरी: भले ही वीडियो पर ट्रोल हुए संबित पात्रा, लेकिन ओडिशा में गैस कनेक्शन बढ़े
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ओडिशा के पुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे भाजपा नेता संबित पात्रा ने एक महिला के घर पत्तल पर खाना खाया और उसकी वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। पात्रा की यह पोस्ट सोशल मीडिया में वायरल हो गई और वे खूब ट्रोल हुए। इसकी वजह यह थी कि जिस परिवार के साथ बैठकर वे भोजन कर रहे थे, वीडियो में दिख रहा है कि वह परिवार लकड़ी से जलने वाले चूल्हे पर खाना बना रहा था। ट्रोल करते हुए लोगों ने कहा कि संबित पात्रा ने मोदी सरकार की उज्ज्वला योजना की पोल खोलकर रख दी क्योंकि महिला लकड़ी जलाने वाले चूल्हे पर रोटियां बना रही है। कांग्रेस ने भी इस पर जमकर चुटकी ली। स्वयं पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के गृह प्रदेश में सामने आई इस तस्वीर ने भाजपा नेताओं को निरुत्तर कर दिया।
लेकिन, अगर केंद्र सरकार के आंकड़ों पर यकीन करें तो ओडिशा राज्य में गैस वितरण के मामले में इस सरकार के कार्यकाल में अभूतपूर्व काम हुआ है। गैस सेवा प्रदान कर रही तीन प्रमुख कंपनियों, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रिकॉर्ड 42.27 लाख गैस कनेक्शन (1 अप्रैल 2019 तक) वितरित किए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 17.23 लाख कनेक्शन इंडियन आयल कॉरपोरेशन ने, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने 11.48 लाख और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने 13.56 लाख गैस कनेक्शन वितरित किए हैं।
आर्थिक तंगी किसी समाज के विकास में बाधा न बने, सरकार ने इसका खूब ख्याल रखा है। यही कारण है कि 42.27 लाख के कुल गैस कनेक्शन में से 19 लाख गैस कनेक्शन अकेले अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों को दिए गए हैं।
पुरी लोकसभा क्षेत्र की स्थिति
अकेले पुरी से, जहां से भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा चुनाव लड़ रहे हैं, गैस वितरकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। 1 जून 2014 को पुरी में एलपीजी गैस कनेक्शन के सक्रिय ग्राहकों की संख्या एक लाख से भी कम, केवल 78,000 थी जो एक मार्च 2019 को बढ़कर 3.25 लाख हो चुकी है। यानी इस क्षेत्र में गैस कनेक्शन के ग्राहकों की संख्या तीन गुना से भी ज्यादा 2.47 लाख (316.23%) बढ़ी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अकेले पुरी में 1.56 लाख गैस कनेक्शन दिए गए हैं। इसमें 48 हजार उज्ज्वल योजना अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों को दी गई है। पुरी में गैस वितरकों की संख्या भी 13 से बढ़कर 34 हो गई है।
आंकड़ों की जुबानी ये है सच्चाई
इंडियन आयल कंपनी के एक अधिकारी के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक़ इस सरकार ने एलपीजी कनेक्शन बढ़ाने में अभूतपूर्व काम किया है। इस बात को सिर्फ इस एक आंकड़े से ही समझा जा सकता है कि ओडिशा राज्य में 1 जून 2014 को एलपीजी ग्राहकों की संख्या 20.22 लाख मात्र थी जो 1 मार्च 2019 तक 79.89 लाख हो गई है। यानी सरकार के काम संभालने के बाद अकेले ओडिशा में एलपीजी गैस के ग्राहकों की संख्या में 59.67 लाख की वृद्धि हुई है।
सब्सिडी छोड़ने की अपील ने किया कमाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज के सक्षम परिवारों से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। ओडिशा जैसे राज्य में भी पीएम की इस अपील का खूब असर हुआ था और 1 मार्च 2019 तक ओडिशा में कुल 1.58 लाख लोग एलपीजी गैस पर सब्सिडी लेने से स्वेच्छा से इनकार कर चुके हैं। अधिकारी के मुताबिक़, यही कारण है कि हम ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक धुंआ मुक्त भोजन पकाने के लिए गैस पहुंचाने में सफल हुए हैं। अकेले पुरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सब्सिडी छोड़ने की अपील पर सात हजार लोगों ने सब्सिडी छोड़ दी है।
गैस वितरकों की संख्या में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी
ग्राहकों की बढ़ती संख्या को सेवा सुनिश्चित कराने के लिए गैस वितरकों की संख्या बढ़ाना भी आवश्यक था। यही कारण है कि तीनों प्रमुख कम्पनियों ने इस क्षेत्र में गैस वितरकों को खूब लाइसेंस दिए। प्राप्त आंकड़े के मुताबिक़ 1 मई 2014 को ओडिशा राज्य में कुल गैस वितरकों की मात्रा केवल 378 थी जो 1 मार्च 2019 को 897 हो चुकी है। इसमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के 404, भारत पेट्रोलियम के 211 और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के 282 गैस वितरक शामिल हैं।
वीडियो पर भाजपा की टिप्पणी
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री ने अमर उजाला से कहा कि केंद्र सरकार या भाजपा की तरफ से अभी किसी ने यह दावा नहीं किया है कि पूरे देश में हर परिवार को उज्ज्वला गैस योजना के अंदर लाया जा चुका है। अभी बहुत काम करना बाकी है और हमें अगला जनादेश मिलता है तो बाकी गरीब परिवारों को भी इसके अंतर्गत लाया जाएगा। संबित पात्रा ने गरीब के परिवार के साथ खाना खाकर एक सामाजिक एकता की बात स्थापित की है और इसे सकारात्मक अर्थ में लिया जाना चाहिए।