Lok Sabha Election: राहुल-प्रियंका की दावेदारी वाली सीटों पर क्यों नहीं हुई चर्चा? आज आ सकती है पहली सूची
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कांग्रेस के प्रत्याशियों की बहुप्रतीक्षित सूची शुक्रवार को आ सकती है। लेकिन कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के मुताबिक यह सूची चौंकाने वाली भी हो सकती है। क्योंकि इस सूची में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्यों की सूची नहीं होगी। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में अमेठी और रायबरेली से राहुल और प्रियंका की दावेदारी वाली सीटों पर नाम की घोषणा नहीं होने की बात कही जा रही है। वहीं पहली सूची में नॉर्थ-ईस्ट के असम को छोड़कर सभी राज्य और दक्षिण के कुछ राज्यों की सूची शमिल हो सकती है। जानकारी के मुताबिक दरअसल गुरुवार को हुई चुनाव समिति की बैठक में उत्तर भारत के हिंदी भाषी राज्यों की सीटों पर कोई चर्चा नहीं हुई है।
कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को हुई बैठक में उत्तर भारत के राज्यों की सीटों पर कोई चर्चा नहीं हुई है। यही वजह है कि शुक्रवार को आने वाली कांग्रेस की पहले चरण की सूची में इन राज्यों की सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा अभी नहीं होने की बात कही जा रही है। चुनाव समिति की बैठक में शामिल सूत्रों के मुताबिक 16 सदस्यों के बीच में नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों समेत दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक राज्यों की चर्चा हुई है। इस आधार पर पहले चरण की सूची तैयार हुई है और वही शुक्रवार को जारी हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि नॉर्थ-ईस्ट में भी सभी राज्यों की चर्चा हुई, लेकिन असम को छोड़ दिया गया है। असम की चर्चा अगले दौर में होने वाली बैठक में होगी।
कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों के मताबिक पहले चरण में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश और बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्यों को लेकर भी कोई चर्चा नहीं की गई है। यही वजह है कि जितने कद्दावर नेताओं की चर्चा टिकट को लेकर की जा रही थी, वह सब भी थम गई है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कई नामों पर सहमति नहीं बन पा रही थी। जबकि कुछ प्रत्याशियों की ओर से चुनाव न लड़ने की बात कही गई। इसके अलावा पार्टी अपने प्रत्याशियों के लिए कुछ सुरक्षित सीटें भी तलाश रही थी, जिस पर अभी रिपोर्ट आनी भी बाकी है। यही वजह है कि इन राज्यों के प्रत्याशियों की सूची को अगली चुनाव समिति की बैठक के लिए टाला गया है। कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि चुनाव समिति की पहली बैठक में जिस राज्य की चर्चा नहीं हुई है, उस राज्य के प्रत्याशियों की सीटें घोषित होने की संभावना न के बराबर है।
सूत्रों के मुताबिक पहली बैठक में केरल की वायनाड सीट से राहुल गांधी के चुनाव लड़ने की घोषणा की जा सकती है। जबकि उत्तर प्रदेश में रायबरेली और अमेठी जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर घोषणा होने की फिलहाल संभावना नहीं है। इन दोनों सीट पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की अटकले लगाई जा रही हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इसी तरह राजस्थान और मध्यप्रदेश के कद्दावर नेताओं की भी सीटों को लेकर के मंथन चल रहा है। अभी तक इन राज्यों के प्रमुख नेताओं की सीटों पर कुछ भी तय नहीं होने की बात कही जा रही है। पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि जिन राज्यों में सीटों पर पूर्ण रूप से सहमति बन चुकी है उनकी सूची जारी की जा रही है। जबकि हिंदी भाषी राज्यों में अभी सीटों पर सहमति होनी बाकी है। इसलिए आगे की कोई चर्चा नहीं हुई है।
दरअसल राहुल और प्रियंका की सीटों पर चर्चा न होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रियंका गांधी के लिए तलाशी जा रही रायबरेली सीट पर अभी और सर्वे किए जाने की बात सामने आई है। जबकि राहुल गांधी की अमेठी सीट पर भी इसी तरह की बात की जा रही है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रायबरेली से सोनिया गांधी इस बार चुनाव नहीं लड़ रही हैं। इसलिए यह तय किया जाना बेहद जरूरी है कि उनकी अनुपस्थिति में लड़ी जाने वाली सीट कितनी सुरक्षित है। जबकि पिछला चुनाव अमेठी से राहुल गांधी हार चुके हैं। इसलिए इस सीट पर भी सियासी समीकरणों का पूरा आकलन किया जा रहा है। हालांकि पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि उनकी सर्वे रिपोर्ट में दोनों सीटों पर कांग्रेस की मजबूत पकड़ और जीत तय है। चूंकि उत्तर भारत के राज्यों की सीटों पर चर्चा न होने की बात की जा रही है। इसलिए सियासी गलियारों में तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी की अगली चुनाव समिति की बैठक 11 मार्च को होने का अनुमान है। हालांकि गुरुवार को हुई चुनाव समिति की बैठक में आधिकारिक रूप से किसी भी तारीख का ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन अनुमान यही लगाया जा रहा है कि अगले हफ़्ते की शुरुआत में दूसरे चरण के लिए बैठक होगी। उसमें अन्य संभावित राज्यों की सीटों पर मंथन होगा। उसके बाद ही उन राज्यों की सीटें घोषित की जाएंगी।