फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lok Sabha Election 2019: Who will Purvanchali voters choose, Manoj Tiwari or Sheila Dikshit

पूर्वांचली मतदाता किसे भेजेंगे लोकसभा-मनोज तिवारी या शीला दीक्षित? 

Tue, 23 Apr 2019 12:51 AM IST
Amit Digital अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली Published by: Amit Digital Updated Tue, 23 Apr 2019 12:51 AM IST
विज्ञापन
Lok Sabha Election 2019: Who will Purvanchali voters choose, Manoj Tiwari or Sheila Dikshit
पूर्वांचली मतदाता दिल्ली की राजनीति में बहुत अहम स्थान रखते हैं। राजनीतिक रूप से मुखर और सभी सीटों पर मजबूत उपस्थिति रखने वाला यह वर्ग किसी भी उम्मीदवार की जीत और हार में बड़ी भूमिका अदा कर सकता है। यही कारण है कि इस वोट बैंक को साधने के लिए हर राजनीतिक दल ने अपना सबसे मजबूत दांव खेला है। भाजपा ने पूर्वांचली भोजपुरी गायक मनोज तिवारी को एक बार फिर उत्तर-पूर्व सीट से मैदान में उतार दिया है तो कांग्रेस ने महाबल मिश्रा को पश्चिमी दिल्ली से चेहरा बनाया है। वहीं आम आदमी पार्टी ने दिलीप पांडेय को मनोज तिवारी के सामने मौका दिया है। तीनों ही नेता खुद को पूर्वांचली बताकर इन वोटों पर अपना हक जताते रहे हैं, इसलिए यह देखना अहम होगा कि पूर्वांचली मतदाता चुनाव में किस पार्टी के पक्ष में मतदान करते हैं। 
विज्ञापन


भाजपा ने दिल्ली के विधानसभा चुनाव 2015 में अपने ही पूर्वांचली नेताओं की कथित रूप से उपेक्षा कर दी थी। इससे नाराज पूर्वांचली नेताओं ने पार्टी का साथ नहीं दिया और विधानसभा चुनाव में पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा और वह केवल तीन सीटों पर सिमट कर रह गई। भोजपुरी गायक मनोज तिवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने अपनी उसी गलती को सुधारने की कोशिश की।
विज्ञापन


प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से तिवारी काफी सक्रिय रहे और पूर्वांचली वोटरों को साधने की पूरी कोशिश की। पूर्वांचल के कई युवाओं को राजनीति में बेहतर अवसर देने के लिए भी मनोज तिवारी जाने जाते हैं। दिल्ली में बड़े पूर्वांचली कार्यक्रम कर उन्होंने अपनी ताकत दिखाई तो झुग्गी-झोपड़ियों में पहुंचकर पूर्वांचली मतदाताओं को साधने की बेहतर कोशिश की। यही वजह है कि मनोज तिवारी को लाने का भाजपा को बड़ा फायदा हो सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस की तरफ से महाबल मिश्रा पश्चिमी दिल्ली के जमीनी नेता रहे हैं। एक पार्षद के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कर उन्होंने इस सीट से सांसद होने तक का सफर तय किया। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में वे हार गये। लेकिन महाबल मिश्रा की इस सीट पर अच्छी पकड़ बताई जाती है। पूर्वांचली नेता के रूप में वे इस समाज में अच्छी दखल रखते हैं। 

आम आदमी पार्टी पूर्वांचली वोटरों की एक बड़ी दावेदार बनकर उभरी है। उसके नेता संजय सिंह पूर्वांचल के लोगों के बीच बहुत सक्रिय हैं। उत्तर-पूर्व सीट से मनोज तिवारी के सामने आप उम्मीदवार दिलीप पांडेय पिछले छह महीने से अपनी सीट पर मेहनत कर रहे हैं और लोगों से व्यक्तिगत संपर्क बना रहे हैं। दिलीप पांडेय का मृदु व्यवहार और किसी भी काम के लिए लोगों के बीच उनकी सहज उपलब्धता उनकी सबसे बड़ी ताकत बताई जाती है। 


माना जाता है कि दिल्ली में सबसे बड़ा प्रवासी वर्ग पूर्वांचली अरविंद केजरीवाल की सस्ती बिजली और पानी से सबसे ज्यादा आकर्षित हुआ था और उसने आप की राजनीतिक सफलता में बड़ी भूमिका निभाई थी। अगर वह वर्ग इस चुनाव में भी आम आदमी पार्टी के साथ बना रहता है तो इससे भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों को मुश्किल हो सकती है। ऐसे में पूर्वांचली मतदाता किस पर अपना भरोसा जताता है, यह देखने वाली बात होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed