चार बार मुख्यमंत्री रहीं बहन जी ने जताई चुनावी शतरंज में 'वजीर' बनने की इच्छा
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लोकसभा चुनावों के लिए मतदान की तारीखें नजदीक आती जा रही हैं। इसके साथ ही राजनीतिज्ञों के मन की भावनाएं भी निकलकर सामने आ रही हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने भी प्रधानमंत्री बनने की ख्वाहिश का संकेत दे दिया है। मायावती ने विशाखापत्तनम में अपनी इस इच्छा को सामने रखते हुए कहा कि अगर मौका मिलता है तो वह केंद्र में 'सबसे अच्छी सरकार' देने में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में मिले अनुभव का इस्तेमाल करेंगी।
एक संवाददाता सम्मेलन में मायावती ने कहा कि वह चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे बहुत अधिक अनुभव है। मैं इस तजुर्बे का इस्तेमाल केंद्र में और लोगों के कल्याण के लिए करूंगी।' बसपा प्रमुख ने कहा, 'अगर हमें केंद्र में अवसर मिलता है, हम उत्तर प्रदेश के तरीके को अपनाएंगे और सभी दृष्टिकोणों से सबसे बढ़िया सरकार देंगें। सभी स्तरों पर एक अच्छी सरकार।'
जब उनसे पूछा गया कि वह प्रधानमंत्री बनना चाहेंगी तो उन्होंने कहा कि ये चीजें तब स्पष्ट होंगी जब 23 मई को आम चुनावों के परिणाम आ जाएंगे।
राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव चाहती है जनता : मायावती
बता दें कि बसपा, आंध्रप्रदेश में लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव में जन सेना, माकपा और भाकपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है। बसपा राज्य की 25 लोकसभा सीटों में से तीन और विधानसभा की 175 सीटों में से 21 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जन सेना पार्टी प्रमुख पवन कल्याण भी इस अवसर पर मौजूद थे।
मायावती ने कहा कि लोग राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव चाहते हैं। उन्होंने बताया कि साल 2014 के चुनाव में उनकी पार्टी वोट शेयर के मामले में भाजपा और कांग्रेस के बाद तीसरे स्थान पर थी। तीसरे मोर्चे की जरूरत के सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनाव का परिणाम आने के बाद इसकी सार्थकता स्पष्ट होगी। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि उनका राज्य में हुआ गठबंधन आंध्रप्रदेश में सरकार बनाएगा और पवन कल्याण उसके मुख्यमंत्री होंगे।