राघव चड्ढा बोले- लोकतंत्र बचाना है तो मोदी-शाह की जोड़ी को हटाना होगा, गठबंधन के सवाल पर चुप्पी
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लोकसभा चुनाव 2019 के रण में दक्षिणी दिल्ली से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार राघव चड्ढा का कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा और संघीय ढांचे को बचाने के लिए जरूरी है कि देश को मोदी-शाह की जोड़ी से निजात दिलाई जाए। इसके लिए सभी राजनीतिक और गैर-राजनीतिक लोगों को आगे आना होगा। उन्होंने रामपुर से सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी आजम खान के भाजपा प्रत्याशी जया प्रदा पर दिए बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे अमर्यादित बताया। राघव चड्ढा ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की और अपनी बेबाक राय रखी लेकिन, दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
राघव चड्ढा का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी इस देश की एकता और विविधता के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होगा जब गैर-भाजपाई वोट बंटे न। उनसे दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर भी सवाल पूछा गया।
'दिल्ली की सातों सीटें जीतेगी आम आदमी पार्टी, जनता का आर्शीवाद ले रहा हूं'
राघव चड्ढा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की सातों सीटें जीतेगी। उन्होंने यहां तक कहा कि आप मेरी यह बात लिखकर ले लीजिए। सबसे ज्यादा अंतर से 'आप' दक्षिणी दिल्ली से जीतेगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुझे जनता की सेवा का मौका दिया है और मैं लगातार जनता के बीच जा रहा हूं। उनका आशीर्वाद ले रहा हूं। हर गली-मोहल्ले के लोगों की समस्याओं को सुन रहा हूं।
राघव चड्ढा का कहना है कि दक्षिणी दिल्ली में चुनाव आम आदमी पार्टी बनाम रमेश बिधूड़ी नहीं है, यह चुनाव बिधूड़ी बनाम दिल्ली की जनता है। दक्षिणी दिल्ली की जनता इस बार चुनाव लड़ेगी और चुनाव जीतेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जनता बाहुबल, धनबल और गुड़ागर्दी के सहारे खौफ की राजनीति करने वाले नेताओं पर झाड़ू चलाएगी। उनसे जब दक्षिणी दिल्ली की समस्याओं के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि 70 सालों से दक्षिणी दिल्ली पर भाजपा-कांग्रेस ने राज किया। बुनियादी सुविधाओं के साथ ही पानी और नालियों की समस्याएं भी हैं। हमारी सरकार ने 90 फीसदी जगहों पर पानी पहुंचा दिया है। मेरी प्राथमिकता में दक्षिणी दिल्ली की हर कच्ची कॉलोनी को पक्का करना, घर-घर पानी पुहंचाना और ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाना होगा।
राघव चड्ढा का कहना है, मैं राजनीतिक परिवार से नहीं आता। साधारण मध्यम वर्गीय परिवार से आता हूं। चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर अच्छी-खासी नौकरी कर रहा था। अन्ना हजारे जी के आंदोलन में सब छोड़-छाड़ के आ गया। पिछले 9 साल से अरविंद केजरीवाल के साथ हूं। साफ-सुथरी राजनीति के लिए नौकरी छोड़ी थी आगे भी ऐसी ही राजनीति करूंगा। दिल्ली के चार चुनावों में कांग्रेस तीसरे नंबर पर आई। साल 2013 का विधानसभा चुनाव, 2014 का लोकसभा चुनाव हो या फिर 2015 का विधानसभा चुनाव और 2019 का एमसीडी चुनाव, कांग्रेस के 90 फीसदी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी। दक्षिणी दिल्ली में कांग्रेस अप्रासंगिक है। दूर-दूर तक नजर भी नहीं आती।
'अगर संसद पहुंचा तो दिल्ली के पूर्ण राज्य के लिए पीएम को खत लिखूंगा'
राघव चड्ढा का कहना है कि भारतीय राजनीति में शब्दों का चयन लगातार गिरता जा रहा है। चाहे आजम खान का बयान हो या फिर श्मशान और कब्रिस्तान वाला बयान। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान बिल्कुल भी शोभा नहीं देते। देश के पढ़े-लिखे युवाओं को इस तरह की राजनीति को बदलने के लिए आगे आना चाहिए।
उनसे राजनीति में शब्दों की शालीनता के गिरते चलन पर सवाल पूछा गया था। राघव का कहना है कि अगर वह संसद पहुंचते हैं तो दिल्ली के पूर्ण राज्य के लिए पीएम को खत लिखेंगे।