मोदी, राहुल और मनमोहन अमीर तो हैं, मगर किसी के पास खुद की कार नहीं है, क्या यह है वजह?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह अमीर तो हैं, मगर ये सब खुद की कार से दूर हैं। मतलब, इन तीनों में से किसी के पास अपनी कार नहीं है। ऐसा भी नहीं है कि ये कार नहीं खरीद सकते। इनके पास जितनी दौलत है, उसमें महंगी से महंगी कार आ सकती है। दरअसल, ये तीनों राजनीतिक हस्तियां स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के घेरे में रहती हैं, इसलिए इन्हें जो वाहन मिलता है, वह एसपीजी द्वारा ही मुहैया कराया जाता है। आप इन्हें बीएमडब्ल्यू, रेंज रोवर, मर्सिडीज बेंज, लैंड क्रूजर, टोयोटा फॉरच्यूनर और टाटा सफारी आदि गाड़ियों में देखते हैं। ये सभी बख्तरबंद गाड़ियां एसपीजी द्वारा ही मुहैया कराई गई हैं।
बता दें कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी लोकसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया तो उन्होंने अपनी संपत्ति की भी घोषणा की थी। चुनाव आयोग को दिए अपने हलफनामे में मोदी ने बताया कि उनके पास 1 करोड़ 41 लाख 36 हजार 119 रुपये की चल संपत्ति है, जबकि अचल संपत्ति के रूप में उनके पास गुजरात के गांधी नगर में एक करोड़ दस लाख रुपये का भूखंड है। अगर दोनों तरह की संपत्तियों को मिलाएं तो यह 2 करोड़ 51 लाख रुपये बैठती है। पीएम नरेंद्र मोदी के पास नकदी के रूप में 38 हजार 750 रुपये और 1 करोड़ 27 लाख 81 हजार रुपये की फिक्स डिपॉजिट भी है। उन्होंने नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट में 7 लाख 61 हजार 466 रुपये जमा कराए हैं। इसके अलावा उनके पास 1 लाख 90 हजार रुपये का जीवन बीमा भी है। खास बात है कि मोदी को आयकर विभाग से 85 हजार 145 रुपये लेने हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय पर भी उनके 1 लाख 40 हजार 895 रुपये बकाया हैं। मोदी के पास कार नहीं है।
राहुल गांधी की बात करें तो उनके पास 15.88 करोड़ रुपये की संपत्ति है। वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन करते हुए उन्होंने अपने शपथपत्र में इसका जिक्र किया है। कांग्रेस अध्यक्ष के पास अपनी कार नहीं है और उन पर करीब 72 लाख रुपये का बकाया भी है। उनके पास 40 हजार रुपये की नकदी है। दिल्ली के सुल्तानपुर में 1.32 करोड़ रुपये के फॉर्म हाउस में हिस्सेदारी के अलावा गुरुग्राम के सिग्नेचर टॉवर में उन्होंने ऑफिस के लिए दो जगह खरीदी थी। इनकी कीमत करीब 8.75 करोड़ रुपये है। राहुल के पास भी कार नहीं है।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की भी अच्छी स्थिति है। उन्होंने पिछली बार असम से 2013 में राज्यसभा के लिए जब अपना नामांकन पत्र दाखिल किया तो उसमें बताया था कि उनके पास 1996 मॉडल की एक मारुति कार है। यह 21,033 रुपये में खरीदी थी।हालांकि परिवहन विभाग के नियमानुसार, अब वह खत्म हो चुकी है। उनकी सालाना आय 40,51,964 रुपये है। चल संपत्ति के रूप में उनके पास 3,87,63,188 रुपये हैं। इसमें पांच फिक्स डिपाॅजिट और तीन बचत खाते हैं। चंडीगढ़ और दिल्ली में 7,52,50,000 रुपये की अचल संपत्ति भी है। उनकी पत्नी गुरशरण कौर के पास बीस हजार रुपये की नकदी है। हलफनामे में कौर के नाम पर 20,31,385 रुपये की चल संपत्ति और बचत खाते में 16,62,570 रुपये भी घोषित किए गए थे।
एसपीजी सुरक्षा वाले वीवीआईपी को मिलती हैं ये गाडियां
जिन वीवीआईपी को एसपीजी सुरक्षा मिली होती है, वे अपनी गाड़ियों में बहुत कम चलते हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, संबंधित सुरक्षा एजेंसी उन्हें इसकी इजाजत भी नहीं देती। ऐसी सभी गाड़ियों को एसपीजी अपने हिसाब से तैयार कराती है। जैसे पीएम या पूर्व पीएम को बीएमडब्ल्यू 760Li (F03) हाई सुरक्षा से लैस गाड़ी मुहैया कराई जाती है। यह बख्तरबंद गाड़ी बेलेस्टिक रोधी होती है। लैंडमाइन ब्लास्ट या मशीन गन से फायर का इस पर कोई असर नहीं होता। इन गाड़ियों का फ्यूल टैंक केवलर सील्ड होता है, जो किसी भी स्थिति में आग नहीं पकड़ता। केमिकल और बायोलॉजिकल अटैक से भी ये गाड़ी पूर्णतया सुरक्षित रहती है।
बीएमडब्ल्यू के बाद रेंज रोवर (L405) का नंबर आता है। यह भी बख्तरबंद गाड़ी होती है। पीएम या पूर्व पीएम के परिजनों को ज्यादातर यही गाड़ी प्रदान की जाती है। इसमें भी बीएमडब्ल्यू वाले सभी सुरक्षा उपकरण लगे होते हैं। लैंड क्रूजर, टोयोटा फॉरच्यूनर और टाटा सफारी जैसी एसयूवी एसपीजी कर्मियों के लिए होती हैं। इन गाड़ियों में कई तरह का सुरक्षा सिस्टम होता है, जो किसी भी खतरे का अलर्ट देता है। जैमर, रडार, रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड और एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल आदि की सूचना समय रहते मिल जाती है।