ममता बनाम मोदी: 'दीदी' के साथ आया पूरा विपक्ष, जानें किस नेता ने क्या कहा
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पश्चिम बंगाल में हिंसा के बाद चुनाव आयोग के सख्त निर्णय की टीएमसी समेत विपक्ष की कई पार्टियों ने आलोचना की है। अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा के लिए टीएमसी और भाजपा ने एक-दूसरे पर आरोप लगाया है। वहीं, ममता बनर्जी ने उनके साथ खड़े होने के लिए ट्वीट कर बसपा प्रमुख मायावती, अखिलेश, कांग्रेस और चंद्रबाबू नायडू का आभार जताया है। ममता ने अपने ट्विटर एकाउंट पर लिखा कि बंगाल की जनता के साथ खड़ा होने के लिए आप सबका आभार। भाजपा के निर्देश में चुनाव आयोग का पक्षपातपूर्ण रवैया लोकतंत्र पर हमला है। पश्चिम बंगाल के लोग इसका कड़ा जवाब देंगे।
Thanks and gratitude to @Mayawati, @yadavakhilesh, @INCIndia, @ncbn and others for expressing solidarity and support to us and the people of #Bengal. EC's biased actions under the directions of the #BJP are a direct attack on democracy. People will give a befitting reply
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 16, 2019विज्ञापन
मालूम हो कि चुनाव आयोग ने बंगाल की हिंसा पर एक्शन लेते हुए चुनाव प्रचार की समय सीमा कम कर दी। अब शुक्रवार शाम पांच बजे की जगह गुरुवार रात 10 बजे ही चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। वहीं, आयोग ने बंगाल के गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य और सीआईडी के एडीजी राजीव कुमार को भी उनके पद से हटा दिया। इसके बाद ममता आयोग पर भड़क उठीं। ममता को विपक्षी पार्टियों का भी साथ मिला।
मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भाजपा की वजह से बंगाल में हिंसा हुई। चुनाव आयोग ने पीएम मोदी और भाजपा के दबाव में फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि आज पीएम मोदी की दो रैलियां होनी है और इसे देखते हुए इन रैलियों के बाद ही चुनाव प्रचार रुकेगा। बसपा के बाद कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट किया कि पीएम मोदी और भाजपा ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत ममता सरकार को काफी लंबे समय से टारगेट किया हुआ है।
पीएम श्री मोदी व इनके चेले के नेतृत्व में उनकी पूरी पार्टी व सरकार ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत ममता सरकार को काफी लम्बे समय से टारगेट किया हुआ है तथा अब इस लोकसभा चुनाव में भी इनको षड्यन्त्र के तहत् टारगेट किया जा रहा है ताकि जनता का ध्यान अपनी कमियों व विफलताओं से बांट सकें।
— Mayawati (@Mayawati) May 16, 2019
चंद्रबाबू, अखिलेश, येचुरी और केजरीवाल ने की थी आलोचना
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है। आयोग निष्पक्षता के लिए जाना जाता है, लेकिन बंगाल में पीएम मोदी की रैली का ध्यान रखा। आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि पहले भाजपा ने सीबीआई, आईटी और ईडी से बंगाल की सरकार गिराने की कोशिश की, अब सीधे हिंसा पर उतर आई है। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने अलोकतांत्रिक फैसला किया है। भाजपा हार के डर से बंगाल में अराजकता फैला रही है।
The EC's decision to call off campaigning in Bengal is against all norms of democratic fair play. I fully support @MamataOfficial ji in her fight to stop the undemocratic march of the two and a half men who have used and abused every institution of our country for their own gain.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 15, 2019
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने भी चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने रात 10 बजे प्रचार क्यों रोकने को कहा। क्या, पीएम नरेंद्र मोदी को रैली करने देने के लिए? इधर, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी चुनाव आयोग के फैसले के बाद भाजपा पर हमला बोला। कहा कि इसी विचारधारा ने गांधी की हत्या की। बंगाल के लोग मोदी-शाह की इस हिंसा का उचित उत्तर देंगे।