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लोकसभा से किशोर न्याय संबंधी संशोधन विधेयक 2021 को मिली मंजूरी, बाल कल्याण समितियों को ज्यादा ताकत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Wed, 24 Mar 2021 08:27 PM IST

सार

  • लोकसभा में किशोर न्याय संशोधन विधेयक 2021 को मिली मंजूरी
  • बाल कल्याण समितियों को दी गई ज्यादा ताकत - स्मृति ईरानी
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संसद - फोटो : social media
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विस्तार

लोकसभा ने बुधवार को किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2021 को मंजूरी दे दी है, जिसमें बच्चों से जुड़े मामलों का तेजी से निस्तारण सुनिश्चित करने, जवाबदेही बढ़ाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को अतिरिक्त शक्तियां देकर सशक्त बनाया गया है।
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बाल कल्याणा समितियों को ज्यादा ताकत दी गई - ईरानी
विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए महिला एवं बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि बाल कल्याण समितियों को ज्यादा ताकत दी जा रही है। इससे बच्चों का बेहतर ढंग से संरक्षण में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बाल देखरेख संस्थानों एवं शैक्षणिक संस्थानों में काम करने वालों की पृष्ठभूमि की जांच होगी।


उन्होंने कहा कि कुछ संस्थानों में इसलिए बच्चों को रखे जा रहे हैं क्योंकि अनुदान मिलता है। बच्चों के पुनर्वास में इनकी कम रुचि है। बच्चों के संरक्षण के कदमों का उल्लेख करते हुए ईरानी ने कहा कि बाल पोर्नोग्राफी से जुड़े मामले में 160 लोगों को गिरफ्तार किया है।

'मोदी सरकार आने के बाद 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए'
उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण योजना के तहत 2009-10 में 60 करोड़ रूपए दिए गए जबकि 2012-13 में 270 करोड़ रूपए और 2013-14 में 300 करोड़ रूपए दिए गए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आने के बाद इस बजट में 1500 करोड़ रूपए आवंटित किए गए हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा, ‘किसी भी प्रदेश की सरकार हो और बाल संरक्षण की दृष्टि से उनकी ओर से जो भी सहायता अपेक्षित हो, हम सहायता करने को संकल्पबद्ध हैं।’ मंत्री के जवाब के बाद लोकसभा ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2021 को मंजूरी दे दी।

'बाल कल्याण से जुड़े विषयों की समीक्षा करेंगे जिलाधिकारी'
जिला मजिस्ट्रेट पर अधिक काम का बोझ पड़ने के संबंध में कुछ सदस्यों की चिंताओं को निर्मूल बताते हुए ईरानी ने कहा कि वर्तमान समय में भी जिला मजिस्ट्रेट पर यह जिम्मेदारी है कि वे बाल कल्याण से जुड़े विषयों की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि आज के संशोधन के बाद जिला मजिस्ट्रेट की समीक्षा का कार्य आगे बढ़ते हुए समन्वय स्थापित करने का भी हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट की प्राथमिकता की सूची में इन विषयों को लागू करने की बात आ जाएगी। स्मृति ईरानी ने कहा कि गोद लेने की प्रक्रिया की विवेचना करने पर यह बात सामने आई कि परिवार के संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा रिपोर्ट तैयार करने का नियत समय 30 दिन है लेकिन वर्तमान में 78 दिन लग रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दो साल से अधिक आयु के बच्चों के संबंध में कागजी काम पूरा करने के लिए बाल कल्याण समितियों के लिए नियत समय 120 दिन है लेकिन 265 दिन लग रहा है। 
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