लॉकडाउन में फंसे शोध छात्र ने की खड़गपुर आईआईटी में आत्महत्या
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आईआईटी-खड़गपुर के हॉस्टल में एक 31 वर्षीय शोध छात्र का शव कमरे के अंदर लटका हुआ पाया गया है। युवक की लॉकडाउन होने से पहले ही शादी हुई थी। वह यातायात बंद हो जाने के कारण अपनी पत्नी व माता-पिता के पास अपने गृह नगर नहीं लौट पाया था।
पुलिस ने मंगलवार को बताया कि बी. कोंदल राव का शव बीआर अंबेडकर हॉल के दूसरे फ्लोर के एक कमरे में सोमवार सुबह करीब 10 बजे लटका हुआ मिला। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, राव के माता-पिता ने उससे बात नहीं होने पर हॉस्टल में साथ रहने वाले अन्य लड़कों को फोन पर जानकारी दी। इसके बाद वे सभी हॉस्टल के कमरे में पहुंचे, जो अंदर से बंद था। बार-बार खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिलने के चलते उन्होंने पुलिस को सूचित कर दिया।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने हॉस्टल पहुंचकर कमरे का दरवाजा तोड़ा तो उसका शव फंदे पर टंगा हुआ था। पुलिस अधिकारी ने पहली नजर में इसे आत्महत्या का मामला बताया है। साथ ही कहा है कि जांच जारी है।
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा का रहने वाला राव यहां मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में शोध छात्र था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि राव की फरवरी में उसे घर पर ही शादी हुई थी। शादी के दो सप्ताह बाद वह खड़गपुर आईआईटी परिसर में लौट आया था।
इसके बाद लॉकडाउन चालू हो जाने के चलते उसे वापस जाने का मौका नहीं मिल पाया। उसकी पत्नी फिलहाल चेन्नई में है, जहां वह नौकरी करती है। आईआईटी खड़गपुर के निदेशक वीके तिवारी ने राव को बेहद प्रतिभाशाली छात्र करार दिया। साथ ही कहा कि संस्थान इस दुख की घड़ी में राव के परिजनों से संपर्क बनाए हुए है।
पूरा होने वाला था शोध
आईआईटी परिसर में अधिकतर छात्रों के लॉकडाउन से पहले ही अपने-अपने घर चले जाने के कारण फिलहाल सन्नाटा छाया हुआ है। हॉस्टल में भी कम ही छात्र रह रहे हैं। राव के दोस्तों ने बताया कि उसने 2015 में शोध प्रोजेक्ट के लिए आईआईटी में प्रवेश लिया था और अब उसका काम लगभग खत्म होने जा रहा था। उन्होंने बताया कि राव बेहद हंसमुख किस्म का छात्र था, जिसे सभी साथी और शिक्षक पसंद करते थे।
निदेशक ने फेसबुक पर की छात्रों से अपील
आईआईटी खड़गपुर के निदेशक वीके तिवारी ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखते हुए हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को तनाव से बचने के लिए अपने दोस्तों से संपर्क बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लिखा, उन बाधाओं से परे देखो, जो इस समय आपके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण अध्याय की तरह प्रतीत हो सकती हैं।
लेकिन यदि आप लंबे समय तक अपने जीवन की कल्पना करने में सक्षम हैं, तो ये केवल स्पीडब्रेकर हैं। उन्होंने आगे लिखा, आप हम तक, अपने फैकल्टी सुपरवाइजरों तक, काउंसलिंग सेंटर तक पहुंचिए। अपने दोस्तों, परिजनों, वरिष्ठों, जूनियरों से बात कीजिए, ये सब आपसे महज एक कदम दूर हैं।