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गुजरात: परिवार संस्था को फोन करके मंगाता था खाना, घर में मिला राशन का सारा सामान
Sat, 04 Apr 2020 03:43 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 04 Apr 2020 03:43 PM IST
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राशन किट तैयार करती महिलाएं (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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पूरे देश में इस समय लॉकडाउन है यानी लोगों को केवल जरूरी सामान के लिए घर से बाहर निकलने की अनुमति है। ऐसे में कुछ संस्थाएं, एनजीओ उन लोगों के घर खाना, जरूरी सामान, अनाज पहुंचाने का काम कर रही हैं जो गरीब, असहाय हैं। लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है। इसलिए उनकी मदद के लिए कई लोग आगे आ रहे हैं।
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हालांकि इस बीच कई ऐसे लोग हैं जो इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला राजकोट में सामने आया है। राजकोट में एक व्यक्ति के घर में राशन भरा हुआ था लेकिन इसके बावजूद परिवार वाले संस्था को फोन करके खाना मंगवाते थे। इसके लिए परिवार का एक सदस्य रोजाना खाना और अनाज पहुंचाने के लिए फोन करता और संस्था उसे रोज भोजन पहुंचाया करती थी।
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वहीं दूसरी टीम अनाज की किट देती थी। इस बीच एक संस्था को उनपर शक हुआ। उन्होंने उसके घर जाकर कहा कि हम जिसे अनाज दे रहे हैं उसकी रसोई की तस्वीर लेनी है। ऐसा कहते हुए उनकी रसोई की तलाशी ली गई। उन्हें वहां रसोई में राशन, किराना, तेल, दाल जैसे खाद्य वस्तुओं से भरे डिब्बे मिले। पूछने पर घर की महिलाओं ने बहाना बनाते हुए कहा कि तेल का डिब्बा एक महीने पहले ही खरीदा है।
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महिला ने कहा कि उनकी बेटी जामनगर में पढ़ती है इसलिए उसे भेजने के लिए आलू के चिप्स बनाकर रखे हैं। घटना पर राजकोट की जिलाधिकारी रेम्या मोहन ने कहा, 'यह प्रवृत्ति गलत है। इस समय खाने की सबसे ज्यादा जरुरत जरुरतमंदों को है। ऐसे में यदि हम चीजों का संग्रह करेंगे तो लोगों तक सामग्री नहीं पहुंच पाएगी। इसलिए कृपया ऐसा न करें। जो ऐसा करते हैं उनके बारे में हमें सूचना दें।'
गुजरात की बात करें तो यहां संक्रमितों की संख्या 105 हो गई है। वहीं देश में कुल पॉजिटिव मामले 2547 हो गए हैं, जिनमें 2322 सक्रिय हैं। अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 162 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।