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लोकसभा में सरोगेसी रेग्युलेशन बिल 2016 पास, कार्यवाही कल सुबह तक के लिए स्थगित

Wed, 19 Dec 2018 11:51 AM IST
Shilpa Thakur न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shilpa Thakur Updated Wed, 19 Dec 2018 11:51 AM IST
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Live: Winter session of parliament, Ruckus over Rafale deal in lok sabha and rajya sabha
लोकसभा

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लगातार छठे कामकाजी दिन कार्यवाही बाधित रहने के बीच सरकार ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से कामकाज सुचारू रूप से चलाने में सहयोग देने की अपील की और कहा कि वह राफेल सहित जनहित से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार हैं। राफेल पर हंगामे के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन हंगामे के बाद कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।


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संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लगातार छठे कामकाजी दिन कार्यवाही बाधित रहने के बीच सरकार ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से कामकाज सुचारू रूप से चलाने में सहयोग देने की अपील की और कहा कि वह राफेल सहित जनहित से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार हैं। राफेल पर हंगामे के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन हंगामे के बाद कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

सरोगेसी रेग्युलेशन बिल 2016 पास

लोकसभा में सरोगेसी रेग्युलेशन बिल 2016 पास हो गया है। 2 बजे के बाद जब कार्यवाही शुरू हुई तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सरोगेसी पर अपनी राय रखते हुए कहा कि कमर्शल सरोगेसी को रोका जाना चाहिए। सदन में सरोगेसी रेग्युलेशन बिल 2016 पर चर्चा चली। डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि सरोगेसी के कारण महिलाओं को किस तरह की समस्याएं होती हैं।

लंबित मामलों पर बोले कानून मंत्री

संसद में केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, जिला और अधीनस्थ अदालतों में 2.91 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं, जिनमें से 21.9 लाख मामले बीते 10 सालों से भी अधिक समय से लंबित हैं। दशकों पुराने मामलों की सूची में यूपी, बिहार और महाराष्ट्र शीर्ष पर हैं।

राफेल पर हंगामा 

कार्यवाही के दौरान राफेल पर हंगामा एक पल के लिए भी नहीं थमा। विपक्षी पार्टियां जेपीसी की मांग पर अड़ी रहीं और मोदी सरकार पर निशाना साधती रहीं। संसद में नारे लगाए, 'राफेल का हिसाब दो, मोदी सरकार जवाब दो।'

गृह मंत्री का बयान

लोकसभा में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर सदस्य चर्चा कराना चाहते हैं तो सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है। 

गोयल ने की अपील

संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, "हम लगातार विपक्ष से सहयोग की अपील कर रहे हैं। सरकार चाहती है कि लोकसभा और राज्यसभा में कामकाज हो। सदन में जो विधेयक आने हैं, वे जनहित से जुड़े विषयों पर हैं। ऐसे में सदन को बाधित न करें।" उन्होंने कहा कि सरकार सभी विषयों पर चर्चा कराने को तैयार है। राज्यसभा में भी मंगलवार को तितली चक्रवात एवं उससे जुड़े विषय पर चर्चा की स्थिति बनी थी लेकिन कांग्रेस ने सदन को गुमराह करने का काम किया और चर्चा नहीं हो सकी।

गोयल ने कहा कि कांग्रेस राफेल मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रही है और सरकार चर्चा को तैयार है। जितना समय चाहे, इस विषय पर चर्चा करें। राफेल मुद्दे पर कांग्रेस के पास कहने को कुछ नहीं है। उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद वे कटघरे में हैं। इसलिये कांग्रेस चर्चा से भाग रही है।

भाजपा सदस्य ने कमलनाथ के बयान का मुद्दा लोकसभा में उठाया, माफी की मांग की

कमलनाथ
कमलनाथ
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां तक संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग है, ऐसे कभी हुआ है कि बिना चर्चा किए कोई निर्णय हो। कांग्रेस सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने के मार्ग में बाधा पैदा कर रही है। मुख्य विपक्षी दल के लिए यह स्थिति अच्छी नहीं है जो जनहित में बाधक हो।

गोयल ने कहा कि सदन के कामकाज के छह दिन हंगामे की भेंट चढ़ गए और क्रिसमस के मद्देनजर भी छुट्टियां हैं। ऐसे में सदन के शेष दिनों का सदुपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के सभापति भी बात कर रहे हैं, सरकार भी विपक्ष के संपर्क में है। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सदन का कामकाज सुचारू रूप से चलेगा।

उल्लेखनीय है कि राफेल विमान सौदे समेत विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के कारण में बुधवार को लोकसभा एवं राज्यसभा में प्रश्नकाल एवं शून्यकाल बाधित रहा। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लगातार छठे कामकाजी दिन उच्च सदन की बैठक बाधित हुई।

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने मध्य प्रदेश में बेरोजगारी से जुड़े मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान का मुद्दा बुधवार को लोकसभा में उठाया और कहा कि कमलनाथ लोकसभा के सदस्य हैं, उनका बयान सदन की भावना के खिलाफ है और ऐसे में उन्हें खुद सदन में आकर माफी मांगनी चाहिए।

सदन में शून्यकाल के दौरान जायसवाल ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह देश एक है और सभी को कहीं भी जाने और रहने का पूरा अधिकार है। कमलनाथ का बयान इस भावना के खिलाफ है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पैदा हुए कमलनाथ मध्य प्रदेश में खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया का हक मार गए और अब वह उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के बारे में इस तरह की बातें कर रहे हैं।

जायसवाल ने कहा कि कमलनाथ इस सदन के सदस्य हैं इसलिए उन्हें यहां आकर अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। दरअसल, खबरों के मुताबिक कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सोमवार को कहा था कि मध्य प्रदेश में ऐसे उद्योगों को छूट दी जाएगी जिनमें 70 फीसदी नौकरी मध्य प्रदेश के लोगों को दी जाएगी। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लोगों के कारण मध्य प्रदेश में स्थानीय लोगों को नौकरी नहीं मिल पाती है। 

उधर, लोकसभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा के पोन राधाकृष्णन ने सबरीमला मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को पेश आने वाली परिवहन संबंधी दिक्कतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मंदिर तक निजी वाहनों को ले जाने की इजाजत नहीं है और ऐसे लोगों को बसों से वहां जाना पड़ता है। श्रद्धालुओं खासकर बुजर्ग लोगों को बहुत दिक्कत होती है। ऐसे में वहां परिवहन व्यवस्था में सुधार करने की जरूरत है।
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