महाराष्ट्र में महिला को जिंदा जलाने के जुर्म में दो व्यक्तियों को उम्रकैद
महाराष्ट्र में पालघर की एक अदालत ने साल 2017 में एक महिला को जिंदा जलाने के जुर्म में 37 वर्षीय व्यक्ति और उसके दोस्त को उम्रकैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए. यू. कदम ने मंगलवार को अपने आदेश में वसई निवासी मनोज चह्वाण और उसके दोस्त बाबूराव येसंकर (47) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया और उन पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अतिरिक्त लोक अभियोजक जयप्रकाश पाटिल ने अदालत को बताया कि पीड़िता अनिता वानखड़े (32), वसई निवासी मनोज चह्वाण (37) के साथ लिव-इन रिलेशन में रहती थी। वानखड़े उसके घर में घरेलू सहायिका का काम करती थी। येसंकर भी उनके साथ रहता था और वानखड़े उसे अपना भाई मानती थी।
कुछ दिन सब कुछ सही रहने के बाद चह्वाण और महिला के बीच आए दिन झगड़े होने लगे क्योंकि वह उसके चरित्र पर शक करता था। 26 जून 2017 को उनका फिर से झगड़ा हुआ जिसके बाद येसंकर और चह्वाण ने महिला पर केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया। उसकी चीखें सुनकर पड़ोसी वहां पहुंचे और उसे अस्पताल लेकर गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पाटिल ने अदालत को बताया कि मरने से पहले दिए गए बयान में महिला ने कहा कि दोनों व्यक्तियों ने उसकी हत्या करने के इरादे से जिंदा जलाया। न्यायाधीश ने सजा सुनाते हुए कहा कि अभियोजक आरोपियों के खिलाफ इस मामले को साबित करने में सफल रहा।