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राजमार्ग परियोजनाओं के लिए सवा लाख करोड़ रुपये देगी एलआईसी
Mon, 22 Jul 2019 06:32 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 22 Jul 2019 06:32 AM IST
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नितिन गडकरी (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी जीवन बीमा निगम (एलआईसी) राजमार्ग परियोजनाओं को पूरा करने के लिए वर्ष 2024 तक 1.25 लाख करोड़ रुपये की ऋण सुविधा देगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को बताया कि बीमा कंपनी पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से राशि का भुगतान करेगी।
उन्होंने कहा कि राजमार्ग मंत्रालय 8.41 लाख करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना का समय पर क्रियान्वयन करना चाहता है। इसके जरिये अखिल भारतीय स्तर पर राजमार्गों का ‘ग्रिड’ बिछाया जा सकेगा। मंत्रालय इस परियोजना के लिए पेंशन और बीमा कोषों सहित वित्तपोषण के विभिन्न स्रोतों तक पहुंचना चाहता है।
इस कड़ी में एलआईसी ने हमें एक साल में 25 हजार करोड़ रुपये और पांच साल में 1.25 लाख करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराने की पेशकश की है। एलआईसी के चेयरमैन आर. कुमार ने पिछले सप्ताह गडकरी से मुलाकात की थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऋण सुविधा का इस्तेमाल भारतमाला परियोजना में होगा, जिसकी लागत 5.35 लाख करोड़ से बढ़कर 8.41 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई है।
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योजना के पहले चरण में 34,800 किलोमीटर का उन्नयन किया जाएगा। परियोजना का वित्तपोषण उपकर, टोल राजस्व, बाजार से कर्ज, निजी क्षेत्र की भागीदारी, बीमा कोष, पेंशन कोष, मसाला बांड और अन्य पहल के जरिये किया जाएगा।
आम निवेशकों को भी मौका
गडकरी ने कहा कि सड़क परियोजनाओं में आम लोगों और छोटे निवेशकों से धन जुटाने को बढ़ावा दिया जाएगा और ऐसे खुदरा निवेशकों को बैंक से बेहतर ब्याज दिया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस संबंध में ‘बांड’ जारी करेगा। इसमें खुदरा निवेशकों को उनके निवेश पर बैंकों से बेहतर ब्याज देने की बात कही गई है।
मंत्रालय ने विभाग से कहा है कि इस उद्देश्य के लिए शिक्षक, कर्मचारी, कुली, सिपाही सहित आम लोगों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्हें बैंकों के 5.5-6 फीसदी ब्याज के बदलते 8 फीसदी ब्याज दिया जाएगा। यह ब्याज मासिक, साप्ताहिक और वार्षिक आधार पर दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि राजमार्ग मंत्रालय 8.41 लाख करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना का समय पर क्रियान्वयन करना चाहता है। इसके जरिये अखिल भारतीय स्तर पर राजमार्गों का ‘ग्रिड’ बिछाया जा सकेगा। मंत्रालय इस परियोजना के लिए पेंशन और बीमा कोषों सहित वित्तपोषण के विभिन्न स्रोतों तक पहुंचना चाहता है।
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इस कड़ी में एलआईसी ने हमें एक साल में 25 हजार करोड़ रुपये और पांच साल में 1.25 लाख करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराने की पेशकश की है। एलआईसी के चेयरमैन आर. कुमार ने पिछले सप्ताह गडकरी से मुलाकात की थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऋण सुविधा का इस्तेमाल भारतमाला परियोजना में होगा, जिसकी लागत 5.35 लाख करोड़ से बढ़कर 8.41 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई है।
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योजना के पहले चरण में 34,800 किलोमीटर का उन्नयन किया जाएगा। परियोजना का वित्तपोषण उपकर, टोल राजस्व, बाजार से कर्ज, निजी क्षेत्र की भागीदारी, बीमा कोष, पेंशन कोष, मसाला बांड और अन्य पहल के जरिये किया जाएगा।
आम निवेशकों को भी मौका
गडकरी ने कहा कि सड़क परियोजनाओं में आम लोगों और छोटे निवेशकों से धन जुटाने को बढ़ावा दिया जाएगा और ऐसे खुदरा निवेशकों को बैंक से बेहतर ब्याज दिया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस संबंध में ‘बांड’ जारी करेगा। इसमें खुदरा निवेशकों को उनके निवेश पर बैंकों से बेहतर ब्याज देने की बात कही गई है।
मंत्रालय ने विभाग से कहा है कि इस उद्देश्य के लिए शिक्षक, कर्मचारी, कुली, सिपाही सहित आम लोगों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्हें बैंकों के 5.5-6 फीसदी ब्याज के बदलते 8 फीसदी ब्याज दिया जाएगा। यह ब्याज मासिक, साप्ताहिक और वार्षिक आधार पर दिया जाएगा।