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वन्यजीव संरक्षण : भारत में दक्षिण अफ्रीका से लाकर बसाए जाएंगे चीते

Sat, 06 Mar 2021 04:10 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 06 Mar 2021 04:10 AM IST
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Leopards will be settled in India by bringing from South Africa
दक्षिण अफ्रीका से आएंगे चीते - फोटो : सोशल मीडिया

दुनिया में तेजी से कम हो रहे चीते के संरक्षण के लिए भारत इन्हें दक्षिण अफ्रीका से लाकर फिर से बसाने की तैयारी में जुट गया है। वन्यजीव विभाग इसके लिए नामीबिया वाइल्ड लाइफ के संपर्क में है। फिलहाल 4 नर और 8 मादा चीते को लाकर भारत में 6 वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में रखने की योजना है।

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 में चीता के संरक्षण की अनुमति के बाद से एनटीसीए के आई जी, भारतीय वन्यजीव संस्थान, और वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया मिलकर चीते को भारत लाने की योजना पर काम कर रहे हैं।
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वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि सरकार की योजना चीतों को जल्द से जल्द भारत में लाने की है। नामीबिया से आने वाले चीतों को मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान की सेंचुरी में रखा जाएगा। है।
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भारत से चीता विलुप्त घोषित हो चुका है
चीता भारत से विलुप्त है। इसमें 1947 में अंतिम तीन चीतों (एक वयस्क व दो शावकों) के शिकार के बाद से 1952 में इन्हें विलुप्त घोषित कर दिया गया था। अभी एशियाई चीते पूरी तरह विलुप्ति के कगार पर हैं, केवल ईरान के पास 50 चीते हैं।


विलुप्त और दुर्लभ जीवों की पनाहगाह बना भारत
भारत सबसे ज्यादा दुर्लभ और विलुप्त हो रही प्रजातियों की पनाहगाह बन गया है। इसमें एशियाई हाथी, सफेद भालू, एशियाई शेर आदि शामिल हैं। इनकी आबादी में पिछले पांच साल में खासा इजाफा हुआ है। हाथियों की संख्या 15 हजार से बढ़कर 30,000 हो गई है। शेरों की आबादी 2011 में 1,400 थी जो बढ़कर 2,900 हो गई है। इसी तरह बाघ की आबादी 2,226 से बढ़कर 2,967 तक हो गई है।

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