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नींबू-मिर्च के टोटके का कारोबार 36 हजार करोड़ रुपए सालाना, 57 लाख लोगों को रोजगार भी

Thu, 23 Aug 2018 06:18 AM IST
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली 
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली  Updated Thu, 23 Aug 2018 06:18 AM IST
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lemon chili Empiricism turnover is estimated at 36000 crores annually, employing 57 lakh people
नींबूू-मिर्च टोटका - फोटो : Amar Ujala
आपने दुकान, घर या दफ्तर के मुख्य द्वार पर नींबू-मिर्च टंगी हुई देखी होंगी। आम भाषा में इसे टोटका कहा जाता है। लोगों का मानना है कि इससे बुरी नजर नहीं लगती। खैर, जो भी हो, यहां बड़ी बात यह है कि इस टोटके का सालाना कारोबार 36 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। इस कारोबार ने करीब 57 लाख बेरोजगारों को रोजगार भी दे रखा है। एक टोटके की कीमत पांच से 10 रुपए रहती है। 
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अगर कारोबार ठीक-ठाक है तो दुकान या दफ्तर मालिक रोजाना नींबू-मिर्च का इस्तेमाल करते हैं। जिनका धंधा छोटा-मोटा है तो वे शनिवार या मंगलवार को यह टोटका मंगवा लेते हैं। हां, एक बात अहम है कि इस टोटके को कई सरकारी-गैर सरकारी संस्थान, बैंक, अस्पताल, दुकान, मॉल, शोरूम, रेहडी-फेरी वाले सब इस्तेमाल करते हैं। इस बाबत सभी का एक ही जवाब होता है कि यह बुरी नजर से बचाता है। 
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टोटके का कारोबार...इसे ऐसे समझ सकते हैं

एक टोटके की कीमत पांच से 10 रुपये होती है। अधिकांश शहरों में यह 10 रुपये में मिलता है। रेहडी वाले इसे पांच रुपये में भी हासिल कर लेते हैं। पांच रुपए वाले टोटके में नींबू थोड़ा सूखा हुआ और बहुत छोटा होता है। मिर्चों का आकार भी छोटा रहता है। बड़ा नींबू है और मिर्च फुल साइज में हैं तो इसकी कीमत 10 रुपये रखी जाती है।
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जैसे, दिल्ली में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक, पौने आठ लाख दुकानें या व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। इसके अलावा बहुत से लोग अपने घरों एवं दफ्तरों पर भी नींबू मिर्च लटकाते हैं। एक व्यक्ति सुबह पांच बजे उठकर करीब डेढ़ सौ टोटके तैयार करता है। इसके बाद वह सात बजे से लेकर 10 बजे तक 150 दुकानों पर नींबू-मिर्च टांग आता है। इसे पौने आठ लाख दुकानों के हिसाब से देखें तो 5166 व्यक्ति रोजाना इस धंधे में लगते हैं। 
 

अब देश में टोटके का कारोबार देखें 

देशभर में करीब आठ करोड़ व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। ये वे दुकानें या व्यापारिक संस्थान हैं जो कैट के साथ जुड़े हैं। आठ करोड़ दुकानों या दफ्तरों पर यह टोटका लगता है तो रोजाना करीब 80 करोड़ रुपये का कारोबार हो जाता हैं। देश में चार करोड़ से अधिक हॉकर, रेहडी-फेरी वाले हैं। ये सब भी यह टोटका मंगवाते हैं। यहां पर भी टोटके से 20 करोड़ का कारोबार हो जाता है। साथ ही इससे 2 लाख 66 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। इसके बाद नंबर आता है ट्रांसपोर्ट सेक्टर का। प्राइवेट बस-ट्रक पर यह टोटका रोजाना लगता है। खासतौर पर, ट्रक सुबह जहां भी खड़ा होता है, टोटका लगाने वाले वहां पहुंच ही जाते हैं। करीब 75 लाख ट्रकों पर यह प्रतिदिन लगता है। इससे सात करोड़ रुपये का कारोबार होता है तो साथ ही इसमें एक लाख चालीस हजार लोगों को काम मिल जाता है। 

धर्म जाति भले ही कुछ हो, मगर टोटका सभी का है 

देखने में आया है कि कोई भी व्यक्ति जो कारोबार में है, वो चाहे किसी भी धर्म या जाति से हो, लेकिन टोटके का इस्तेमाल जरूर करता है। वजह, यदि कोई दुकानदार किसी वजह से इसे नहीं भी माने, लेकिन आसपास के लोगों को देखकर वह भी नींबू-मिर्च मंगवाना शुरू कर देता है। 

इसके बारे में पंडित जी क्या कहते हैं

पंडित जय गोविंद शास्त्री का कहना है कि इस टोटके का शास्त्र या पुराणों में कोई जिक्र नहीं है। कुछ लोग इसे रोजाना अपने घर दफ्तर या दुकान पर टांग लेते हैं तो कई दुकानदार ऐसे हैं जो इसे मंगलवार और शनिवार को मंगाते हैं। यह भी कहीं लिखा नहीं है कि इसके लिए कौन सा दिन शुभ है और कौन सा नहीं। यह लोगों की अपनी इच्छा और सहुलियत पर निर्भर करता है कि वे इसे कब मंगवाते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह जादू-टोने को काटता है, जबकि कुछ अन्य लोगों की सोच है कि यह व्यक्ति और उसके कारोबार को बुरी नजर से बचाता है। 

तंत्र विद्या में नींबू को बलि माना जाता है 

शास्त्री के मुताबिक, तंत्र विद्या में नींबू को बलि माना जाता है। पूजा के दौरान जो सामग्री इस्तेमाल होती है, उसमें जैसे जायफल या नींबू, आदि को जीवधारी बताया गया है। मैं इसे व्यक्तिगत तौर पर नहीं मानता, लेकिन मान्यता है कि नींबू का प्रयोग मारण के तौर पर भी किया जाता है। खास बात है कि नींबू को जब कोई मारण के मकसद से इस्तेमाल करता है तो उसके सामने बचाव के लिए भी नींबू ही काम आता है। इससे दोनों तरफ बराबरी का वातारण बन जाता है। जैसे एक अस्त्र को दूसरे अस्त्र से काटा जाता है, ठीक उसी तरह नींबू और मिर्च का प्रयोग होता है। मिर्च में तीखापन होता है, यह भी किसी व्यक्ति को जादू टोना या नजर से दूर रखती है। अगर कोई किसी को परेशान करता है तो उससे बचाव के लिए इन्हीं दोनों का इस्तेमाल होता है। माना जाता है कि नींबू का खट्टा और मिर्च का तीखा स्वाद बुरी नजर वाले व्यक्ति की एकाग्रता भंग कर देता है। जिससे वह अधिक समय पर घर या दुकान को नहीं देख पाता है। 

दुकानदारों का दावा, यह मनोवैज्ञानिक कारण भी है

जब भी कोई व्यक्ति खट्टी चीजें जैसे इमली, नींबू आदि की ओर देखता है तो उसे उनका स्वाद महसूस होता है। ऐसे में व्यक्ति का ध्यान अन्य चीजों से हटकर उन पर ही आ जाता है। दुकानदार मनोज भल्ला बताते हैं कि इससे बुरी नजर वाले व्यक्ति की एकाग्रता भंग होती है और उसकी बुरी नजर का प्रभाव टल जाता है। वे मानते हैं कि नींबू नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है और इससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा रहती है। यह भी कहा जाता है कि जिस घर में नींबू का पेड़ होता है वहां किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय नहीं हो पाती है। 
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