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Morbi Tragedy : मोरबी पुल हादसे के आरोपियों की पैरवी से वकीलों का इनकार, आज गुजरात में राज्यव्यापी शोक

Wed, 02 Nov 2022 12:50 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोरबी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोरबी Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 02 Nov 2022 12:50 PM IST
सार

मोरबी बार एसोसिएशन ने पुल हादसे के सभी आरोपियों की न्यायिक मदद से इनकार कर दिया है। एसो. के प्रमुख वकील एसी प्रजापति का कहना है कि हमने और राजकोट बार एसोसिएशन ने सभी नौ आरोपियों का केस नहीं लड़ने का फैसला किया है। 

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Lawyers refuse to plead for accused of Morbi bridge accident, today statewide mourning in Gujarat
मोरबी हादसा - फोटो : ANI

विस्तार

गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे के आरोपियों की पैरवी से वकीलों ने इनकार कर दिया है। मामले में अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से चार पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि पांच को जेल भेज दिया गया है। पुल हादसे में 135 लोगों की मौत हो चुकी है। 

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मोरबी बार एसोसिएशन ने पुल हादसे के सभी आरोपियों की न्यायिक मदद से इनकार कर दिया है। एसो. के प्रमुख वकील एसी प्रजापति का कहना है कि हमने और राजकोट बार एसोसिएशन ने सभी नौ आरोपियों का केस नहीं लड़ने का फैसला किया है। वकीलों के इन दोनों संगठनों ने प्रस्ताव पारित कर यह फैसला किया है। 
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मोरबी पुल हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए गुजरात में आज प्रदेशव्यापी शोक रखा गया है। सरकारी इमारतों में राष्ट्रध्वज आधे झुके हैं। आज मनोरंजन या अन्य सरकारी कार्यक्रम नहीं होंगे। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई एक बैठक में बुधवार को राज्यव्यापी शोक रखने का निर्णय किया गया था। 
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पीएम मोदी ने लिया था जायजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मोरबी में क्षतिग्रस्त पुल का जायजा लिया था। उन्होंने सिविल अस्पताल जाकर हादसे में घायल लोगों से बातचीत भी की थी। उन्होंने मोरबी हादसे से संबंधित सभी पहलुओं का पता लगाने के लिए विस्तृत और व्यापक जांच का निर्देश दिया था। 

14 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
मोरबी पुल हादसे का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित करने की मांग को लेकर याचिकाएं दायर की गई हैं। प्रधान न्यायाधीश यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका सुनवाई कर ली है। इन पर 14 नवंबर को सुनवाई होगी। 

कंपनी के प्रमुख ने कहा- भगवान की मर्जी
मोरबी पुल हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। नदी में शव खोजने का काम अब भी जारी है। हादसे के बाद कई अधिकारियों की लापरवाही पर कई सवाल भी खड़े होने लगे हैं, लेकिन पुल की मरम्मत और देखरेख करने वाली ओरेवा कंपनी ने हादसे का पूरा दोष भगवान पर ही डाल दिया है। कंपनी के मीडिया मैनेजर दीपक पारेख ने इस दर्दनाक हादसे से पूरी तरह से पल्ला झाड़ लिया है। उनकी ओर से कोर्ट में बयान दिया गया है कि इस बार भगवान की कृपा नहीं रही होगी, इसलिए यह हादसा हो गया। 


एमडी पटेल को बताया अच्छा आदमी
दीपक पारेख ने ओरेवा कंपनी का बचाव करते हुए एमडी जयसुख पटेल को अच्छा आदमी बताया है। उन्होंने कहा है कि हमारे एमडी जयसुख पटेल अच्छे इंसान हैं। 2007 में प्रकाशभाई को पुल का काम सौंपा गया था, उन्होंने बखूबी काम किया। इसलिए दोबारा उन्हें काम दिया गया। पहले भी हमने मरम्मत का काम किया था, लेकिन इस बार भगवान की कृपा नहीं रही होगी। 

सामने आई चौंकाने वाली चिट्ठी 
इस पुल हादसे को लेकर एक चौंकाने वाली चिट्ठी भी सामने आई है। ओरवा कंपनी की ओर से जनवरी, 2020 में मोरबी जिला कलेक्टर को एक चिट्ठी लिखी गई थी, इससे पता चलता है कि पुल के ठेके को लेकर कंपनी और जिला प्रशासन के बीच एक लड़ाई चल रही थी। ओरेवा ग्रुप पुल के रखरखाव के लिए एक स्थायी अनुबंध चाहता था। समूह ने कहा था कि जब तक उन्हें स्थायी ठेका नहीं दिया जाता तब तक वे पुल पर अस्थायी मरम्मत का काम ही करते रहेंगे। इसमें यह भी कहा गया है कि ओरेवा फर्म पुल की मरम्मत के लिए सामग्री का ऑर्डर नहीं देगी और वे अपनी मांग पूरी होने के बाद ही पूरा काम करेंगे।

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