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Law Ministry: केंद्र से जुड़े मुकदमों को कम करने के लिए निर्देश जारी; जानें कितने मामलों में सरकार है पक्षकार
Sun, 20 Apr 2025 03:43 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 20 Apr 2025 03:43 PM IST
सार
केंद्रीय कानून मंत्रालय ने केंद्र सरकार से जुड़े मुकदमों को कम करने के लिए सभी मंत्रालयों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की तरफ से साझा की गई जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार करीब सात लाख मामलों में पक्षकार है।
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अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री
- फोटो : ANI
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विस्तार
कानून मंत्रालय ने कहा है कि जनहित में लिए गए फैसलों को अगर ठीक से लागू नहीं किया जाए, तो इससे लोगों को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ सकता है। इससे केंद्र सरकार पर कानूनी बोझ बढ़ता है। मंत्रालय ने सरकार से जुड़े मुकदमों की संख्या को कम करने के लिए खास कदम उठाए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की अदालतों में करीब सात लाख मामलों में केंद्र सरकार एक पक्ष है। अकेले वित्त मंत्रालय ही लगभग 1.9 लाख मामलों में पक्षकार है। ये जानकारी कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने फरवरी महीने में राज्यसभा में दी थी।
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किस वजह से बढ़ते हैं मुकदमे?
कानून मंत्रालय के अनुसार, कई बार सरकार जनहित में फैसले तो लेती है, लेकिन उनका सही तरीके से लागू नहीं किया जाना या अस्पष्ट आदेश लोगों को परेशान करते हैं। इससे या तो लाभार्थियों को लाभ नहीं मिलता या फिर गलत लोगों को फायदा पहुंचता है। ऐसे में प्रभावित लोग इसे अन्याय मानकर अदालत में केस कर देते हैं।
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कानून मंत्रालय का नया निर्देश
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए कानून मंत्रालय के विधिक कार्य विभाग ने सरकारी मुकदमों के प्रभावी प्रबंधन के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत बिना वजह की अपीलों को रोका जाएगा। नोटिफिकेशन और आदेशों में विसंगतियों को दूर किया जाएगा। इसके साथ ही कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। हर मंत्रालय को इन निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
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सरकार की सोच- मुकदमे नहीं, समाधान जरूरी
कानून मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार के फैसलों का मकसद जनता की भलाई और सुशासन है। लेकिन जब फैसले ठीक से लागू नहीं होते, तो जनता को ही नुकसान होता है और सरकार पर मुकदमों का बोझ बढ़ता है। इसलिए मंत्रालय चाहता है कि नए निर्देशों से मुकदमे कम हों और प्रशासन बेहतर चले।
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किस वजह से बढ़ते हैं मुकदमे?
कानून मंत्रालय के अनुसार, कई बार सरकार जनहित में फैसले तो लेती है, लेकिन उनका सही तरीके से लागू नहीं किया जाना या अस्पष्ट आदेश लोगों को परेशान करते हैं। इससे या तो लाभार्थियों को लाभ नहीं मिलता या फिर गलत लोगों को फायदा पहुंचता है। ऐसे में प्रभावित लोग इसे अन्याय मानकर अदालत में केस कर देते हैं।
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कानून मंत्रालय का नया निर्देश
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए कानून मंत्रालय के विधिक कार्य विभाग ने सरकारी मुकदमों के प्रभावी प्रबंधन के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत बिना वजह की अपीलों को रोका जाएगा। नोटिफिकेशन और आदेशों में विसंगतियों को दूर किया जाएगा। इसके साथ ही कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। हर मंत्रालय को इन निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
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सरकार की सोच- मुकदमे नहीं, समाधान जरूरी
कानून मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार के फैसलों का मकसद जनता की भलाई और सुशासन है। लेकिन जब फैसले ठीक से लागू नहीं होते, तो जनता को ही नुकसान होता है और सरकार पर मुकदमों का बोझ बढ़ता है। इसलिए मंत्रालय चाहता है कि नए निर्देशों से मुकदमे कम हों और प्रशासन बेहतर चले।
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