{"_id":"6405a30149d0ce81c50a678b","slug":"law-minister-kiren-rijiju-said-government-push-bill-to-remove-obsolete-laws-in-parliament-session-pending-case-2023-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Law Minister: अप्रचलित 65 कानूनों को खत्म करेगी सरकार, संसद सत्र में लाएगी बिल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Law Minister: अप्रचलित 65 कानूनों को खत्म करेगी सरकार, संसद सत्र में लाएगी बिल
Mon, 06 Mar 2023 02:30 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 06 Mar 2023 02:30 PM IST
सार
देश की अदालतों में लंबित मामलों पर किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार लंबित मामलों के खत्म करना चाहती है। देश की अदालतों में 4 करोड़ 98 लाख मामले लंबित हैं।
विज्ञापन
Kiren Rijiju
- फोटो : social media
विस्तार
केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कहा कि सरकार 65 अप्रचलित कानूनों को खत्म करने के लिए आगामी संसद सत्र में बिल पेश करेगी। बता दें कि जिन कानूनों को खत्म किया जाएगा, उनकी जगह या तो नए कानून आ गए हैं या फिर वह अब इस्तेमाल में नहीं हैं। संसद सत्र आगामी 13 मार्च से शुरू होने जा रहा है। गोवा में 23वीं कॉमनवेल्थ लॉ कन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कानून मंत्री ने यह जानकारी दी।
विज्ञापन
पिछले साढ़े आठ साल में 1486 अप्रचलित कानून खत्म किए
कानून मंत्री ने कहा कि सरकार ये मानती है कि कानून लोगों के लिए होते हैं और अगर यह लोगों की जिंदगी पर बोझ बन जाएं तो ऐसे प्रावधानों को खत्म कर देना चाहिए। बीते साढ़े आठ सालों में हमने ऐसे 1486 कानून खत्म किए हैं। बजट सत्र का आगामी सत्र 13 मार्च से शुरू हो रहा है। इस बजट सत्र में हम एक बिल पेश करेंगे, जिसमें अप्रचलित 65 कानूनों और प्रावधानों को खत्म किया जाएगा। देश की अदालतों में लंबित मामलों पर किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार लंबित मामलों के खत्म करना चाहती है। देश की अदालतों में 4 करोड़ 98 लाख मामले लंबित हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- 'लोकतंत्र हमारे खून में है': कानून मंत्री बोले- न्यायपालिका को विपक्ष बनने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता
विज्ञापन
ई कोर्ट शुरू किए गए
कानून मंत्री ने कहा कि इन्हें खत्म करना आसान नहीं है क्योंकि जितने मामले निपटाए जाते हैं, उससे दोगुने नए मामले आ जाते हैं। जज बहुत मेहनत से काम कर रहे हैं लेकिन यह और भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। एक सामान्य परिस्थिति में एक जज हर दिन लगभग 50-60 मामलों पर सुनवाई करते हैं लेकिन कुछ जज एक दिन में 200 मामलों की भी सुनवाई कर रहे हैं लेकिन लंबित मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि लंबित मामलों से निपटने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ई कॉर्ट और स्पेशल प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई हैं। हमारा लक्ष्य न्यायपालिका को पेपर मुक्त करना है।
मध्यस्थता बिल लाएगी सरकार
कानून मंत्री ने कहा कि जल्द ही मध्यस्थता बिल भी लाया जाएगा ताकि मध्यस्थता को देश में संस्थागत किया जाए। रिजिजू ने कहा कि मोदी सरकार ने लोगों की जिंदगी को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। देश के हर हिस्से में लोगों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला है। एक कल्याणकारी राज्य होने के नाते ये अहम है कि हम सभी की बात सुनें। बता दें कि इस कार्यक्रम में गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत समेत 52 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।