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Big News: विधि आयोग ने संसद में बिजली अधिनियम पर की सिफारिश, पढ़ें देश की अहम खबरें
Sat, 12 Aug 2023 06:28 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Sat, 12 Aug 2023 06:28 AM IST
सार
विधि आयोग ने सिफारिश की कि बिजली टावरों और ट्रांसमिशन लाइनों को बिछाने के मामले में भूमि मालिक के मुआवजे के कानूनी अधिकार से संबंधित प्रावधानों को अधिनियम में शामिल किया जाना चाहिए।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
विधि आयोग ने संसद सत्र के आखिरी दिन बिजली अधिनियम 2003 पर बात की। विधि आयोग ने सिफारिश की कि बिजली टावरों और ट्रांसमिशन लाइनों को बिछाने के मामले में भूमि मालिक के मुआवजे के कानूनी अधिकार से संबंधित प्रावधानों को अधिनियम में शामिल किया जाना चाहिए। टीम का कहना है कि भूमि राज्य का विषय है। इसलिए कई राज्य सरकारें मुआवजे की अलग-अलग नीतियां लेकर आई हैं।
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नए कानूनों के हिंदी नाम पर सवाल उठाने पर ट्रोल हुए सीएम स्टालिन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन तीनों नए कानूनों के नाम हिंदी में होने पर सवाल उठाकर लोगों के निशाने पर आ गए हैं। स्टालिन ने इसे हिंदी थोपना और भारत की विविधता के साथ छेड़छाड़ करने का दुस्साहसी प्रयास बताया। सोशल मीडिया पर लोगों ने हिंदी मुद्दा उठाने पर स्टालिन को ट्रोल कर दिया। एक यूजर ने कहा कि पहले अपने नाम से शुरुआत करें, जो एक तानाशाह के नाम पर है। आदि नामक एक और यूजर ने लिखा कि क्या आप स्टालिन नाम के लिए भी यह बात कह रहे हैं। अभिलाष आचार्य नामक एक यूजर ने लिखा, यह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। यह संस्कृत का शब्द है, हिंदी का नहीं और कन्नड़ में इन शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। एक यूजर ने कहा, आपको अंग्रेजी से कोई दिक्कत नहीं थी, संस्कृत से परेशानी होने लगी।
असम परिसीमन पर चुनाव आयोग ने अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित की
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को असम में विधानसभा और संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन पर अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें उनकी कुल संख्या क्रमशः 126 और 14 पर अपरिवर्तित रखी गई। इसके अलावा चुनाव आयोग ने एक संसदीय और 19 विधानसभा क्षेत्रों के नामों को संशोधित किया। चुनाव आयोग के अनुसार, 19 विधानसभा और दो लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जनजाति (एसटी) और एक लोकसभा और नौ विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित किए गए हैं। रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले 1,200 से अधिक अभ्यावेदन पर विचार किया गया। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों में से पैंतालीस प्रतिशत को अंतिम क्रम में संबोधित किया गया। राज्य के सभी विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन 2001 की जनगणना के आधार पर किया गया है।
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जी-20 की थीम वसुधैव कुटुंबकम को व्यापक समर्थन मिला : भारत
चीन की ओर से भारत की जी-20 अध्यक्षता की थीम वसुधैव कुटुंबकम की आलोचना किए जाने के बाद भारत ने कहा कि इस थीम को व्यापक समर्थन मिला है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची से उनकी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पत्रकारों ने जब चीन की आलोचना के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, मैं मीडिया रिपोर्ट पर टिप्पणी नहीं करना चाहता लेकिन जी-20 बैठक की भाषा अंग्रेजी है और अंग्रेजी में जी-20 का थीम वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर है। यह हमारा सभ्यतागत चरित्र ‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर आधारित है और इसे व्यापक समर्थन मिला है। बागची ने कहा, यह जी-20 के लोगो में दिखता है जिसमें संस्कृत के साथ अंग्रेजी में भी इसे स्थान दिया गया है। वसुधैध कुटुंबकम का अर्थ है कि दुनिया एक परिवार है। चीन ने जी-20 की हालिया बैठक में यह कहते हुए वसुधैव कुटुंबकम को लेकर अपनी आपत्ति जताई कि संस्कृति इस समूह में संवाद की आधिकारिक भाषा नहीं है।
हैदराबाद में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 115 गिरफ्तार
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद की साइबराबाद पुलिस ने एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर एक अंतरराज्यीय गिरोह के 115 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार इस कॉल सेंटर में काम करने वाले अपने को एक ई-कॉमर्स कंपनी के अधिकारी के रूप में पेशकर अमेरिकी नागरिकों को ठग रहे थे। साइबराबाद पुलिस आयुक्त एम स्टीफन रवींद्र ने कहा, विश्वसनीय सूचना पर, पुलिस टीमों ने अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा और टेली-कॉलर्स सहित 115 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया। वे पिछले ढाई साल से वीओआईपी कॉलिंग के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी व्यक्तियों ने एक पोर्टल से फोन नंबर और व्यक्तिगत डाटा जुटाया। इसके आधार पर कॉल सेंटर के कर्मचारी अमेरिकी नागरिकों को वीओआईपी (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) का उपयोग कर कॉल करते थे।
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पूर्व उग्रवादियों और अन्य को टेरर फंडिंग मामले में बरी किया
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को असम के दीमा हसाओ जिले में करोड़ों रुपये के आतंकी वित्तपोषण मामले में उग्रवादी से नेता बने निरंजन होजाई, ज्वेल गोरलोसा और एनसीएचएसी के पूर्व मुख्य कार्यकारी सदस्य मोहित होजाई सहित सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि फैसले की प्रतियां पुलिस और राज्य न्यायिक अकादमी के समक्ष रखी जाएं, ताकि गंभीर आरोपों वाले मामले जांच एजेंसी, अभियोजन और अदालत की ओर से गंभीर चूक के कारण खारिज न हों। चीफ जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस मिताली ठाकुरिया की खंडपीठ ने मई 2017 के एनआईए विशेष अदालत के फैसले को रद्द कर दिया, जिसने आतंक वित्त पोषण मामले में 13 आरोपियों को दोषी ठहराया था। यह मामला ‘उत्तरी कछार पर्वतीय स्वायत्त परिषद’ (एनसीएचएसी) के विकासात्मक कोष को हथियार खरीदने और उग्रवादी संगठन दिमा हलाम दाओगाह (ज्वेल गुट) की अन्य गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए जाने के आरोपों से संबंधित है। इस मामले में उग्रवादी समूह के नेताओं के अलावा सरकारी कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया था।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी विधेयक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप : मेघवाल
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के संबंध में लाए गए विधेयक का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप ही लाया गया है। मौजूदा कानून नियुक्ति के तरीके पर मौन है। इसके लिए कोई चयन समिति नहीं हैं। देश के चीफ जस्टिस को इससे बाहर रखने का सवाल ही पैदा नहीं होता। राज्यसभा में यह बिल पेश किए जाने के बाद से विपक्ष लगातार हमलावर है। बिल पर मेघवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मार्च में एक आदेश में कहा था कि संसद को इस संबंध में एक कानून बनाना चाहिए इसलिए ही यह बिल लाया गया है। मेघवाल ने कहा कि 1952 से सीईसी (मुख्य चुनाव आयुक्त) और ईसी (चुनाव आयुक्त) की नियुक्ति सरकार ही करती आ रही है। नए बिल में हम एक सर्च कमेटी बना रहे हैं, जिसका नेतृत्व कैबिनेट सचिव करेंगे। फिर उस पर एक चयन समिति फैसला करेगी, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री करेंगे। इसमें गलत क्या है?
स्मृति ईरानी ने दो दिवसीय इंडियन पब्लिशर्स कॉन्फ्रेंस 2023 का उद्घाटन किया
केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स द्वारा आयोजित आयोजित इंडियन पब्लिशर्स कॉन्फ्रेंस- 2023 का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को पढ़ने की आदत से जोड़ने के लिए स्थानीय भाषाओं की किताबों को डिजिटल मोड से जोड़ना जरूरी है। क्योंकि यह युवा पीढ़ी तकनीक और प्रौद्योगिकी पर फोकस करती है। यदि डिजिटल माध्यम से किताबें मिल जाती हैं तो उनमें पढ़ने की आदत शुमार हो जाएगी। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रकाशन में कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों का महत्व, समेत वर्ष 2047 तक राष्ट्र के आधार पर किताबों के प्रकाशन आदि पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सुनील देवधर ने कहा, भारतीय प्रकाशन उद्योग का पिछले 9 वर्षों में सबसे अधिक विकास हुआ है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी प्राथमिक पहल राष्ट्रीय समर्थन में केंद्र सरकार की भूमिका को रेखांकित करती हैं।
उधर, एफआईपी के अध्यक्ष रमेश मित्तल ने कहा, देश आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी में जुटा है। इसी के तहत फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स सितंबर में अपनी स्वर्ण ‘जयंती के मौके पर राष्ट्र निर्माण में प्रकाशन’थीम पर इंडियन पब्लिशर्स कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा।
जेएनयू व डीयू में पीएचडी में प्रवेश परीक्षा से दाखिला
देश के चार बड़े केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 में पीएचडी प्रोग्राम में दाखिला राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा से करने का फैसला लिया है। इसमें दो दिल्ली और दो केंद्रीय विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के हैं। इन केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने पीएचडी प्रोग्राम की राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को सौंपी है। हालांकि, इस राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा की डेट अभी फाइनल नहीं हुई है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू), बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू)और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ (बीबीएयू) में शैक्षणिक सत्र 2023 में पीएचडी में दाखिला एनटीए की प्रवेश परीक्षा से होगा। एनटीए ने अपनी वेबसाइट पर इस राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के लिए विंडो ओपन कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार आठ सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं, जबकि 9 से 11 सितंबर तक आवेदन पत्र की त्रुटियों में सुधार कर सकते हैं। दाखिला प्रवेश परीक्षा तीन घंटे और कुल 180 अंकों की होगी। प्रवेश परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी और यदि कोई विषय भाषा से संबंधित होगा, तो उसमें होगा।
नेक्स्ट का आयोजन अगस्त 2025 में होने की संभावना
2020 बैच के अंतिम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों के लिए नेशनल एग्जिट परीक्षा (नेक्स्ट) का आयोजन अगस्त, 2025 में होने की संभावना है। स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के अधिकारियों में हुई चर्चा के के बाद इसके संकेत मिले। नेक्स्ट के जरिये ही देश में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के लिए पात्रता एवं रैंकिंग निर्धारित होगी। यह उन विदेशी चिकित्सा स्नातकों के लिए एक स्क्रीनिंग परीक्षा भी होगी जो भारत में प्रैक्टिस करना चाहते हैं।
कावेरी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा तमिलनाडु
तमिलनाडु सरकार ने कहा कि कावेरी जल बंटवारे के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के अलावा उसके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। कर्नाटक ने अपना रुख बदल दिया है और उसके लिए केवल 8,000 क्यूसेक पानी ही छोड़ रहा है। दिल्ली में शुक्रवार को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक के बाद तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन ने कहा कि तीन घंटे से अधिक की चर्चा के दौरान राज्य के अधिकारियों ने कावेरी जल की अपनी मांग को जोरदार ढंग से रखा। मामले में कर्नाटक ने हमेशा की तरह अपना रुख बदल लिया है। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि वह केवल 8,000 क्यूसेक पानी ही छोड़ सकता है और वह भी केवल 22 अगस्त तक। जबकि 10 अगस्त को कावेरी जल नियामक समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि कर्नाटक की ओर से तमिलनाडु को 15 दिनों के लिए प्रति दिन 15,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। यह बैठक तमिलनाडु की अपील पर आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा, जल्द ही शीर्ष अदालत में मामला दायर किया जाएगा। न्याय की जीत होगी और हमें पानी मिलेगा। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार जनता को पानी मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन तीनों नए कानूनों के नाम हिंदी में होने पर सवाल उठाकर लोगों के निशाने पर आ गए हैं। स्टालिन ने इसे हिंदी थोपना और भारत की विविधता के साथ छेड़छाड़ करने का दुस्साहसी प्रयास बताया। सोशल मीडिया पर लोगों ने हिंदी मुद्दा उठाने पर स्टालिन को ट्रोल कर दिया। एक यूजर ने कहा कि पहले अपने नाम से शुरुआत करें, जो एक तानाशाह के नाम पर है। आदि नामक एक और यूजर ने लिखा कि क्या आप स्टालिन नाम के लिए भी यह बात कह रहे हैं। अभिलाष आचार्य नामक एक यूजर ने लिखा, यह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। यह संस्कृत का शब्द है, हिंदी का नहीं और कन्नड़ में इन शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। एक यूजर ने कहा, आपको अंग्रेजी से कोई दिक्कत नहीं थी, संस्कृत से परेशानी होने लगी।
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असम परिसीमन पर चुनाव आयोग ने अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित की
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को असम में विधानसभा और संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन पर अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें उनकी कुल संख्या क्रमशः 126 और 14 पर अपरिवर्तित रखी गई। इसके अलावा चुनाव आयोग ने एक संसदीय और 19 विधानसभा क्षेत्रों के नामों को संशोधित किया। चुनाव आयोग के अनुसार, 19 विधानसभा और दो लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जनजाति (एसटी) और एक लोकसभा और नौ विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित किए गए हैं। रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले 1,200 से अधिक अभ्यावेदन पर विचार किया गया। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों में से पैंतालीस प्रतिशत को अंतिम क्रम में संबोधित किया गया। राज्य के सभी विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन 2001 की जनगणना के आधार पर किया गया है।
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जी-20 की थीम वसुधैव कुटुंबकम को व्यापक समर्थन मिला : भारत
चीन की ओर से भारत की जी-20 अध्यक्षता की थीम वसुधैव कुटुंबकम की आलोचना किए जाने के बाद भारत ने कहा कि इस थीम को व्यापक समर्थन मिला है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची से उनकी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पत्रकारों ने जब चीन की आलोचना के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, मैं मीडिया रिपोर्ट पर टिप्पणी नहीं करना चाहता लेकिन जी-20 बैठक की भाषा अंग्रेजी है और अंग्रेजी में जी-20 का थीम वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर है। यह हमारा सभ्यतागत चरित्र ‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर आधारित है और इसे व्यापक समर्थन मिला है। बागची ने कहा, यह जी-20 के लोगो में दिखता है जिसमें संस्कृत के साथ अंग्रेजी में भी इसे स्थान दिया गया है। वसुधैध कुटुंबकम का अर्थ है कि दुनिया एक परिवार है। चीन ने जी-20 की हालिया बैठक में यह कहते हुए वसुधैव कुटुंबकम को लेकर अपनी आपत्ति जताई कि संस्कृति इस समूह में संवाद की आधिकारिक भाषा नहीं है।
हैदराबाद में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 115 गिरफ्तार
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद की साइबराबाद पुलिस ने एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर एक अंतरराज्यीय गिरोह के 115 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार इस कॉल सेंटर में काम करने वाले अपने को एक ई-कॉमर्स कंपनी के अधिकारी के रूप में पेशकर अमेरिकी नागरिकों को ठग रहे थे। साइबराबाद पुलिस आयुक्त एम स्टीफन रवींद्र ने कहा, विश्वसनीय सूचना पर, पुलिस टीमों ने अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा और टेली-कॉलर्स सहित 115 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया। वे पिछले ढाई साल से वीओआईपी कॉलिंग के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी व्यक्तियों ने एक पोर्टल से फोन नंबर और व्यक्तिगत डाटा जुटाया। इसके आधार पर कॉल सेंटर के कर्मचारी अमेरिकी नागरिकों को वीओआईपी (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) का उपयोग कर कॉल करते थे।
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पूर्व उग्रवादियों और अन्य को टेरर फंडिंग मामले में बरी किया
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को असम के दीमा हसाओ जिले में करोड़ों रुपये के आतंकी वित्तपोषण मामले में उग्रवादी से नेता बने निरंजन होजाई, ज्वेल गोरलोसा और एनसीएचएसी के पूर्व मुख्य कार्यकारी सदस्य मोहित होजाई सहित सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि फैसले की प्रतियां पुलिस और राज्य न्यायिक अकादमी के समक्ष रखी जाएं, ताकि गंभीर आरोपों वाले मामले जांच एजेंसी, अभियोजन और अदालत की ओर से गंभीर चूक के कारण खारिज न हों। चीफ जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस मिताली ठाकुरिया की खंडपीठ ने मई 2017 के एनआईए विशेष अदालत के फैसले को रद्द कर दिया, जिसने आतंक वित्त पोषण मामले में 13 आरोपियों को दोषी ठहराया था। यह मामला ‘उत्तरी कछार पर्वतीय स्वायत्त परिषद’ (एनसीएचएसी) के विकासात्मक कोष को हथियार खरीदने और उग्रवादी संगठन दिमा हलाम दाओगाह (ज्वेल गुट) की अन्य गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए जाने के आरोपों से संबंधित है। इस मामले में उग्रवादी समूह के नेताओं के अलावा सरकारी कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया था।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी विधेयक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप : मेघवाल
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के संबंध में लाए गए विधेयक का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप ही लाया गया है। मौजूदा कानून नियुक्ति के तरीके पर मौन है। इसके लिए कोई चयन समिति नहीं हैं। देश के चीफ जस्टिस को इससे बाहर रखने का सवाल ही पैदा नहीं होता। राज्यसभा में यह बिल पेश किए जाने के बाद से विपक्ष लगातार हमलावर है। बिल पर मेघवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मार्च में एक आदेश में कहा था कि संसद को इस संबंध में एक कानून बनाना चाहिए इसलिए ही यह बिल लाया गया है। मेघवाल ने कहा कि 1952 से सीईसी (मुख्य चुनाव आयुक्त) और ईसी (चुनाव आयुक्त) की नियुक्ति सरकार ही करती आ रही है। नए बिल में हम एक सर्च कमेटी बना रहे हैं, जिसका नेतृत्व कैबिनेट सचिव करेंगे। फिर उस पर एक चयन समिति फैसला करेगी, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री करेंगे। इसमें गलत क्या है?
स्मृति ईरानी ने दो दिवसीय इंडियन पब्लिशर्स कॉन्फ्रेंस 2023 का उद्घाटन किया
केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स द्वारा आयोजित आयोजित इंडियन पब्लिशर्स कॉन्फ्रेंस- 2023 का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को पढ़ने की आदत से जोड़ने के लिए स्थानीय भाषाओं की किताबों को डिजिटल मोड से जोड़ना जरूरी है। क्योंकि यह युवा पीढ़ी तकनीक और प्रौद्योगिकी पर फोकस करती है। यदि डिजिटल माध्यम से किताबें मिल जाती हैं तो उनमें पढ़ने की आदत शुमार हो जाएगी। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रकाशन में कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों का महत्व, समेत वर्ष 2047 तक राष्ट्र के आधार पर किताबों के प्रकाशन आदि पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सुनील देवधर ने कहा, भारतीय प्रकाशन उद्योग का पिछले 9 वर्षों में सबसे अधिक विकास हुआ है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी प्राथमिक पहल राष्ट्रीय समर्थन में केंद्र सरकार की भूमिका को रेखांकित करती हैं।
उधर, एफआईपी के अध्यक्ष रमेश मित्तल ने कहा, देश आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी में जुटा है। इसी के तहत फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स सितंबर में अपनी स्वर्ण ‘जयंती के मौके पर राष्ट्र निर्माण में प्रकाशन’थीम पर इंडियन पब्लिशर्स कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा।
जेएनयू व डीयू में पीएचडी में प्रवेश परीक्षा से दाखिला
देश के चार बड़े केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 में पीएचडी प्रोग्राम में दाखिला राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा से करने का फैसला लिया है। इसमें दो दिल्ली और दो केंद्रीय विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के हैं। इन केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने पीएचडी प्रोग्राम की राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को सौंपी है। हालांकि, इस राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा की डेट अभी फाइनल नहीं हुई है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू), बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू)और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ (बीबीएयू) में शैक्षणिक सत्र 2023 में पीएचडी में दाखिला एनटीए की प्रवेश परीक्षा से होगा। एनटीए ने अपनी वेबसाइट पर इस राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के लिए विंडो ओपन कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार आठ सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं, जबकि 9 से 11 सितंबर तक आवेदन पत्र की त्रुटियों में सुधार कर सकते हैं। दाखिला प्रवेश परीक्षा तीन घंटे और कुल 180 अंकों की होगी। प्रवेश परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी और यदि कोई विषय भाषा से संबंधित होगा, तो उसमें होगा।
नेक्स्ट का आयोजन अगस्त 2025 में होने की संभावना
2020 बैच के अंतिम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों के लिए नेशनल एग्जिट परीक्षा (नेक्स्ट) का आयोजन अगस्त, 2025 में होने की संभावना है। स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के अधिकारियों में हुई चर्चा के के बाद इसके संकेत मिले। नेक्स्ट के जरिये ही देश में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के लिए पात्रता एवं रैंकिंग निर्धारित होगी। यह उन विदेशी चिकित्सा स्नातकों के लिए एक स्क्रीनिंग परीक्षा भी होगी जो भारत में प्रैक्टिस करना चाहते हैं।
कावेरी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा तमिलनाडु
तमिलनाडु सरकार ने कहा कि कावेरी जल बंटवारे के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के अलावा उसके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। कर्नाटक ने अपना रुख बदल दिया है और उसके लिए केवल 8,000 क्यूसेक पानी ही छोड़ रहा है। दिल्ली में शुक्रवार को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक के बाद तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन ने कहा कि तीन घंटे से अधिक की चर्चा के दौरान राज्य के अधिकारियों ने कावेरी जल की अपनी मांग को जोरदार ढंग से रखा। मामले में कर्नाटक ने हमेशा की तरह अपना रुख बदल लिया है। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि वह केवल 8,000 क्यूसेक पानी ही छोड़ सकता है और वह भी केवल 22 अगस्त तक। जबकि 10 अगस्त को कावेरी जल नियामक समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि कर्नाटक की ओर से तमिलनाडु को 15 दिनों के लिए प्रति दिन 15,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। यह बैठक तमिलनाडु की अपील पर आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा, जल्द ही शीर्ष अदालत में मामला दायर किया जाएगा। न्याय की जीत होगी और हमें पानी मिलेगा। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार जनता को पानी मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है।