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WB: ममता सरकार ने सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को सौंपी जांच रिपोर्ट; लॉ कॉलेज सामूहिक दुष्कर्म मामले में सुनवाई
Thu, 10 Jul 2025 04:06 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 10 Jul 2025 04:06 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट को लॉ कॉलेज में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले की जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इससे पहले 3 जुलाई को कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह जांच की प्रगति को हलफनामे के रूप में पेश करे और केस डायरी भी कोर्ट के समक्ष रखे।
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कलकत्ता हाई कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता हाईकोर्ट को जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंपी है। यह रिपोर्ट कोलकाता पुलिस की तरफ से की जा रही जांच के आधार पर दी गई है और इसे सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपा गया।
अदालत ने केस डायरी भी देखी
न्यायमूर्ति सौमेंद्र सेन और न्यायमूर्ति स्मिता दास डे की खंडपीठ ने पुलिस की केस डायरी को भी देखा और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वे चार सप्ताह बाद जांच में हुई आगे की प्रगति की नई रिपोर्ट पेश करें। मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। इस मामले में अदालत ने कहा कि पीड़िता के परिवार के वकील को रिपोर्ट की एक प्रति दी जा सकती है, लेकिन इसकी जानकारी सार्वजनिक न की जाए।
यह भी पढ़ें - Karnataka: 'सत्ता में कोई साझेदारी नहीं, मैं ही सीएम रहूंगा', नेतृत्व विवाद के बीच सीएम सिद्धारमैया का बयान
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तीन जनहित याचिकाएं दायर की गईं
इससे पहले 3 जुलाई को कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह जांच की प्रगति को हलफनामे के रूप में पेश करे और केस डायरी भी कोर्ट के समक्ष रखे। इस मामले में अब तक तीन जनहित याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। याचिकाकर्ताओं ने इस चौंकाने वाली घटना पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं, जिन पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने सरकार से पूछे ये सवाल
एक पूर्व छात्र को कॉलेज समय के बाद परिसर में कैसे प्रवेश मिला? कॉलेज स्टाफ देर रात तक परिसर में क्यों मौजूद थे? कॉलेज में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे जिससे अनाधिकृत प्रवेश रोका जा सके? जब पीड़िता को पहले ही धमकियों की जानकारी प्रशासन और पुलिस को दी गई थी, तो कोई सुरक्षा कदम क्यों नहीं उठाया गया?
यह भी पढ़ें - Manipur: 'मणिपुर में बेघर लोगों के लिए घर बनाने का टेंडर नहीं निकला', कांग्रेस ने आरोप के साथ जांच की मांग की
सीबीआई जांच की भी मांग
एक याचिकाकर्ता ने यह आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा का संबंध राज्य की सत्ताधारी पार्टी से है। उन्होंने मांग की कि जांच निष्पक्ष हो, इसलिए इसे कोलकाता पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपा जाए और सीबीआई एक प्रारंभिक जांच कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करे। वहीं बाकी याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट की निगरानी में जांच और राज्य के सभी कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
मामले में अब तक कौन गिरफ्तार हुआ?
पूर्व छात्र मनोजीत मिश्रा (मुख्य आरोपी), छात्र प्रमित मुखर्जी, दूसरा छात्र जैद अहमद और कॉलेज का एक सुरक्षा गार्ड। फिलहाल इन चारों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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अदालत ने केस डायरी भी देखी
न्यायमूर्ति सौमेंद्र सेन और न्यायमूर्ति स्मिता दास डे की खंडपीठ ने पुलिस की केस डायरी को भी देखा और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वे चार सप्ताह बाद जांच में हुई आगे की प्रगति की नई रिपोर्ट पेश करें। मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। इस मामले में अदालत ने कहा कि पीड़िता के परिवार के वकील को रिपोर्ट की एक प्रति दी जा सकती है, लेकिन इसकी जानकारी सार्वजनिक न की जाए।
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तीन जनहित याचिकाएं दायर की गईं
इससे पहले 3 जुलाई को कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह जांच की प्रगति को हलफनामे के रूप में पेश करे और केस डायरी भी कोर्ट के समक्ष रखे। इस मामले में अब तक तीन जनहित याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। याचिकाकर्ताओं ने इस चौंकाने वाली घटना पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं, जिन पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने सरकार से पूछे ये सवाल
एक पूर्व छात्र को कॉलेज समय के बाद परिसर में कैसे प्रवेश मिला? कॉलेज स्टाफ देर रात तक परिसर में क्यों मौजूद थे? कॉलेज में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे जिससे अनाधिकृत प्रवेश रोका जा सके? जब पीड़िता को पहले ही धमकियों की जानकारी प्रशासन और पुलिस को दी गई थी, तो कोई सुरक्षा कदम क्यों नहीं उठाया गया?
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सीबीआई जांच की भी मांग
एक याचिकाकर्ता ने यह आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा का संबंध राज्य की सत्ताधारी पार्टी से है। उन्होंने मांग की कि जांच निष्पक्ष हो, इसलिए इसे कोलकाता पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपा जाए और सीबीआई एक प्रारंभिक जांच कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करे। वहीं बाकी याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट की निगरानी में जांच और राज्य के सभी कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
मामले में अब तक कौन गिरफ्तार हुआ?
पूर्व छात्र मनोजीत मिश्रा (मुख्य आरोपी), छात्र प्रमित मुखर्जी, दूसरा छात्र जैद अहमद और कॉलेज का एक सुरक्षा गार्ड। फिलहाल इन चारों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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