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आयुष्मान भारत के साथ जन औषधि मरीजों के लिए वरदान

Tue, 11 Dec 2018 02:54 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 11 Dec 2018 02:54 AM IST
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Largest health plan of the world Ayushman Bharat
Ayushman India Scheme

दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत के साथ देश में जन औषधि मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। जहां गरीबी के कारण महंगी दवाइयों को आम लोग वहन नहीं कर पा रहे हैं, वहां पर जेनरिक दवाइयों की बहुत जरूरत है। आयुष्मान भारत योजना एवं जन औषधि एक दूसरे के पूरक हैं। ये कहना है प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना के सीईओ सचिन कुमार का।

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प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना के सीईओ सचिन कुमार ने कहा  

डीडीयू मार्ग स्थित गांधी शांति प्रतिष्ठान में स्वास्थ्य के तीन आयामों पर हुई चर्चा में आयुष्मान भारत योजना के कार्यकारी निदेशक अरुण गुप्ता ने कहा कि भारत में हर साल 6 करोड़ लोग बीमारी पर खर्च करने के चलते गरीबी रेखा से नीचे चले जाते हैं, उनके लिए आयुष्मान भारत एक वरदान है। योजना के अंतर्गत 1393 तरह की बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं स्वस्थ भारत के चेयरमैन आशुतोष कुमार सिंह की पुस्तक जेनरिकोनॉमिक्स का लोकार्पण हुआ।  
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परिसंवाद कार्यक्रम में स्वास्थ्य के तीन आयामों पर हुई चर्चा  

पीएमबीजेपी के सहयोग से स्वस्थ भारत (न्यास) द्वारा आयोजित इस परिसंवाद में न्यूरो सर्जन डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि भारत के स्वस्थ भविष्य के लिए यह जरूरी है कि स्वास्थ्य एक सामाजिक आंदोलन के रूप में उभरे। वहीं, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता ठाकुर ने कहा कि जन औषधि एवं आयुष्मान जैसी योजनाएं घर-घर तक पहुंचाने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने सर्वाइकल कैंसर को लेकर जागरूकता फैलाने की जरूरत पर भी बल दिया। दिल्ली सरकार निशुल्क सर्वाइकल कैंसर के टीके को लगवा रही है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने बच्चों को यह टीका जरूर लगवाएं।      
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जेनरिकोनॉमिक्स पुस्तक का हुआ लोकार्पण

पुस्तक जेनरिकोनॉमिक्स के बारे में चेयरमैन आशुतोष ने कहा कि जेनरिक दवाइयों को लेकर प्राथमिक समझ विकसित करने में यह पुस्तक सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि अगर देश के लोग जेनरिक दवाइयों का सेवन करना शुरू कर दें और चिकित्सकों पर यह दबाव रहे कि उन्हें जेनरिक दवा ही लिखनी है तो देश को 90 हजार करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। 
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