फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lancet Rheumatology Journal said 600 million people suffer from back pain due to poor system at workplace

द लैंसेट रुमेटोलॉजी जर्नल: कार्यस्थल पर खराब व्यवस्था से 60 करोड़ लोगों को कमर दर्द, धूम्रपान भी बड़ी वजह

Wed, 02 Aug 2023 06:44 AM IST
जलज मिश्रा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 02 Aug 2023 06:44 AM IST
सार

अध्ययन में पांच वर्ष की आयु से लेकर 75 वर्ष तक के महिला-पुरुषों को शामिल किया गया। पिछले तीन दशकों से पीठ के निचले हिस्से का दर्द विकलांगता के कारणों में पहले स्थान पर है। इसमें बताया गया है कि यदि मोटापा, धूम्रपान और कार्यस्थल एर्गोनोमिक कारकों को नियंत्रित किया जाए।

विज्ञापन
Lancet Rheumatology Journal said 600 million people suffer from back pain due to poor system at workplace
Back Pain, Waist Pain - फोटो : Pixabay

विस्तार

दुनिया में करीब 60 करोड़ लोग कमर दर्द से पीड़ित हैं। इसकी वजह कार्यस्थल की एर्गोनॉमिक्स पर ध्यान न देने की प्रवृत्ति, धूम्रपान और मोटापा है। एर्गोनॉमिक्स काम पर मनुष्यों का अध्ययन है, ताकि लोगों को उनकी नौकरी की आवश्यकताओं, काम करने के तरीकों, उपयोग किए गए उपकरणों और पर्यावरण के साथ जटिल अंतर्संबंधों को समझा जा सके। कार्यस्थल पर अकुशल व्यवस्था भी इसके लिए जिम्मेदार है।

विज्ञापन

द लैंसेट रुमेटोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि दुनियाभर में पुरुषों की तुलना में लगभग दोगुनी महिलाएं पीठ के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत करती हैं। इस अध्ययन में देश, वर्ष, आयु, लिंग और गंभीरता के आधार पर कमर दर्द के वैश्विक समस्या का अनुमान लगाने के लिए 30 वर्षों में दुनियाभर में लगभग 500 अध्ययनों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है।

विज्ञापन

शारीरिक नििष्क्रयता और खराब नींद भी वजह
अध्ययन में पांच वर्ष की आयु से लेकर 75 वर्ष तक के महिला-पुरुषों को शामिल किया गया। पिछले तीन दशकों से पीठ के निचले हिस्से का दर्द विकलांगता के कारणों में पहले स्थान पर है। इसमें बताया गया है कि यदि मोटापा, धूम्रपान और कार्यस्थल एर्गोनोमिक कारकों को नियंत्रित किया जाए तो पीठ के निचले हिस्से में दर्द के बोझ को 39 फीसदी तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने शारीरिक निष्क्रियता और खराब नींद को भी कमर दर्द के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

खराब पोश्चर में घंटों बैठे रहना सही नहीं
अध्ययन के मुताबिक, जिस तरह धूम्रपान जीवनशैली के अन्य कारकों से जुड़ा होता है, उसी तरह मोटापा भी अन्य अस्वास्थ्यकर जीवनशैली कारकों से जुड़ा है। मोटापा रीढ़ की हड्डी की संरचनाओं पर बढ़ते भार से भी जुड़ा हुआ है। कार्यस्थलों पर बढ़ता भार, आरामदायी आविष्कार, कर्मचारियों के उठने-बैठने का तरीका, खराब पोश्चर में लगातार घंटों बैठे रहना और इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों का अनिश्चित प्रयोग भी इसके लिए जिम्मेदार है।

ज्यादातर मामलों में नहीं हो पाती पहचान
शोध में कहा गया है कि मानव रीढ़ की शारीरिक जटिलता ऐसी है कि ज्यादातर मामलों में एकल जोड़ या मांसपेशियों में खिंचाव जैसे- सरल संरचनात्मक कारणों की पहचान नहीं हो पाती है। यहां तक की परिष्कृत क्लीनिकल इमेजिंग भी रीढ़ की हड्डी की छोटी-छोटी जटिलताओं को पकड़ नहीं पाती, जो बाद में कमर दर्द का कारण बनती हैं।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed