आयकर छापे के बाद लालू को मिला ममता, माया का समर्थन, बढ़ी ताकत
भाजपा के खिलाफ मोरचा बनाने की मुहिम में जुटे लालू प्रसाद को ममता दीदी और बसपा प्रमुख मायावाती का समर्थन मिल गया है। आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद मिले इस समर्थन ने लालू को बड़ी ताकत दी है। 27 अगस्त को प्रस्तावित अपनी महाजुटान की तैयारी में लालू पूरी ताकत से जुट गये हैं।
इस महारैली से न केवल लालू प्रसाद देश की राजनीति में लौटेंगे, बल्कि वो एक बार फिर किंगमेकर की भूमिका में आयेंगे। इसके लिए लालू प्रसाद जून में तमिलनाडु जायेंगे और दक्षिण के नेताओं को लामबंद करने की कोशिश करेंगे। राजद की मानें तो लालू तमाम ऐसे नेताओं से संपर्क साध रहे हैं जो भाजपा के साथ खडे नहीं हैं।
इसी क्त्रस्म में लालू को बडी सफलता उस वक्त मिली जब दिल्ली में सोनिया और केजरीवाल से मुलाकात करने पहुंची पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अगस्त की रैली में पटना जाने की बत कही। ममता ने कहा कि विपक्षी दलों की महारैली के लिए लालू प्रसाद का आमंत्रण स्वीकार किया है।
लालू प्रसाद का दावा अगस्त की महारैली में पूरे विपक्ष को एक मंच पर होगा
लालू प्रसाद ने 14 मई को उनसे कहा था कि वह 27 अगस्त को महारैली का आयोजन करने वाले हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि उससे पहले वह उन्हें जेल भेजवा देंगी। बहरहाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिले समर्थन से गदगद राजद का दावा है कि लालू प्रसाद अगस्त की महारैली में पूरे विपक्ष को एक मंच ला कर भाजपा को केंद्र से बेदखल करने का एलान करेंगे।
अगस्त की रैली में देश के नेताओं का रैला होगा। उनकी माने तो भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एक सूत्र में बांधनेवाले सूत्रधार की जो कमी पिछले कुछ वर्षों में महसूस की जा रही थी, लालू अब उसी कमी को दूर करने में जुट गये हैं। जानकारों की माने तो राष्ट्रपति चुनाव में ही एकजुट विपक्ष की पहली तस्वीर दिख सकती है। ममता और लालू जैसे नेता इस तस्वीर को बनाने में लगे हुए हैं।
इतना ही नहीं, गुजरात में कांग्रेस के समर्थन में भी संयुक्त विपक्ष प्रचार में उतर सकता है। इसके लिए लालू प्रसाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संपर्क में बताये जा रहे हैं। यह धारना कायम होती जा रही है कि भाजपा को रोकने का एकमात्र मॉडल बिहार के पास है। भाजपा के लाख कोशिश के बावजूद बिहार में गठबंधन अटूट बना हुआ है। अब देखना है कि लालू अपने मुहिम में सफल होते हैं या फिर सुशील मोदी की वह बात सच होगी जिसमें कहा गया है कि लालू जेल में रहेंगे तो रैली कैसे करेंगे।