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Lakhimpur Kheri Case: आशीष मिश्र की जमानत याचिका पर कोर्ट ने UP सरकार से मांगा जवाब, अगली सुनवाई सात नवंबर को

Mon, 17 Oct 2022 10:18 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 17 Oct 2022 10:18 PM IST
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Lakhimpur Kheri violence SC grants 2 weeks to UP govt to file response on Ashish Mishra plea seeking bail
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया

सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 26 जुलाई को अजय मिश्र की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जस्टिस बीआर गवई और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि वह मामले की सुनवाई सात नवंबर को करेगी।

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आशीष मिश्र की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि इस मामले में पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। पिछले साल तीन अक्तूबर को लखीमपुर खीरी में हिंसा के दौरान आठ लोगों की मौत हो गई थी। किसान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इलाके के दौरे का विरोध कर रहे थे।
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उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार, चार किसानों को एक एसयूवी ने कुचल दिया था। गाड़ी में आशीष मिश्र बैठे थे। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने चालक और दो भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हो गई थी।
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हाथरस में न्यायिक बुनियादी ढांचे पर जवाब मांगा
इस बीच शीर्ष कोर्ट ने हाथरस जिले के लिए उचित न्यायिक ढांचा तैयार करने के लिए उठाए गए कदमों पर सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल से जवाब मांगा। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने अधिवक्ता एमएल शर्मा की एक याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की।


पीठ ने कहा कि यह जनहित याचिका के दायरे को केवल हाथरस जिले तक सीमित कर रहा है। इसके बाद याचिका में पार्टियों की सूची से भारत सरकार के कैबिनेट सचिव को हटा दिया गया और उत्तर प्रदेश को तीसरे प्रतिवादी के रूप में पेश किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार और रजिस्ट्रार जनरल से चार सप्ताह में जवाब मांगा गया है।

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