गुरुवार को मिलेंगे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पहले उपराज्यपाल, हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस दिलाएंगी शपथ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) बने जेएंडके और लद्दाख की कमान अब उपराज्यपाल संभालेंगे। गुरुवार को इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों को पहले उपराज्यपाल यानी एलजी मिल जाएंगे। दोनों उपराज्यपालों को जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल शपथ दिलाएंगी। पहले लद्दाख के एलजी राधा कृष्ण माथुर को शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल श्रीनगर लौट आएंगी। वहां पर जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। इन दोनों स्थानों पर होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में तीन घंटे से अधिक की देरी नहीं होगी।
बता दें कि केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर व लद्दाख को अधिकारिक रूप से केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने के बाद हाल ही में इन दोनों यूटी के लिए उपराज्यपालों के नामों की घोषणा की थी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल की जिम्मेदारी गिरीश चंद्र मुर्मू को सौंपी गई है। मुर्मू 1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के गुजरात कैडर के अधिकारी हैं, जो जेएंडके एलजी के रूप में नियुक्त होने से पहले वे वित्त विभाग में व्यय विभाग के सचिव थे। इसी तरह, लद्दाख के एलजी की शपथ लेने वाले राधा कृष्ण माथुर 1977 बैच के त्रिपुरा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वह नवंबर 2018 में भारत के मुख्य सूचना आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
एलजी नियुक्त होने के बाद नवंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, चंडीगढ और अंडमान-निकोबार आदि जगहों पर तैनात यूटी कैडर के अधिकारी अब जम्मू और कश्मीर में स्थानांतरित हो सकेंगे। दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर में तैनात अधिकारी सभी दूसरे केंद्र शासित प्रदेशों में स्थानांतरित हो जाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्र सरकार के कौन से मंत्री शामिल होंगे, अभी यह तय नहीं है। बताया जा रहा है कि दोनों जगह स्थानीय स्तर पर ही समारोह आयोजित होंगे।