फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lack of basic facilities in district hospitals, Health Ministry orders reorganization of NMC

परेशानी: आवास बगैर डॉक्टरों का जिला अस्पतालों से मोहभंग, अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने NMC के पुनर्गठन का दिया आदेश

Sat, 03 Jun 2023 06:46 AM IST
देव कश्यप परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Sat, 03 Jun 2023 06:46 AM IST
सार

डॉक्टरों का कहना है कि आयोग ने राज्यों को जिला आवास कार्यक्रम लागू करने का निर्देश दिया। इसके लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए, लेकिन नियम होने के बाद भी जिम्मेदारी नहीं दी गई है।

विज्ञापन
Lack of basic facilities in district hospitals, Health Ministry orders reorganization of NMC
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए इसी साल जिला आवास कार्यक्रम लागू किया गया, लेकिन मूलभूत सुविधाएं न मिलने की वजह से डॉक्टरों के लिए यह कार्यक्रम एक बोझ साबित हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के पुनर्गठन को लेकर आदेश जारी किया है। ऐसे में चर्चा है कि जिला आवास प्रोग्राम और एमबीबीएस इंटर्नशिप में छात्रों को मिल रहे कम स्टाइपेंड जैसे मामलों पर नई टीम के आने के बाद ही विचार किया जाएगा।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, कुछ महीने पहले राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने देश भर में जिला आवास कार्यक्रम लागू किया है जिसके तहत सरकारी या प्राइवेट मेडिकल कॉलेज का पीजी छात्र तीन महीने के लिए जिला अस्पताल में सेवाएं देगा। पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल रेगुलेशन के तहत 16 सितंबर 2019 को जिला आवास कार्यक्रम लागू करने का निर्णय लिया था लेकिन कोरोना महामारी के चलते अस्थायी रोक लगाई गई। बीते जनवरी माह में आयोग ने सभी राज्यों को पत्र लिख इस पर संज्ञान लेने के निर्देश दिए। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (फेमा) का कहना है कि जिला अस्पतालों के डॉक्टरों को आवास जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही है। डॉक्टरों को खुद इन सुविधाओं पर खर्च करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


नियमों के बाद भी जिम्मेदारी तय नहीं
डॉक्टरों का कहना है कि आयोग ने राज्यों को जिला आवास कार्यक्रम लागू करने का निर्देश दिया। इसके लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए, लेकिन नियम होने के बाद भी जिम्मेदारी नहीं दी गई है। अब स्थिति यह है कि जिला अस्पताल पहुंचने वाले डॉक्टर को न तो राज्य और न ही संबंधित अस्पताल प्रबंधन से सुविधा मिल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed