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कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय चलाएगा 'स्वच्छता अभियान', जमा होंगे कंपनियों और सीए के केवाईसी आंकड़े
Sun, 06 Jan 2019 02:42 PM IST
Shani Mishra
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: Shani Mishra
Updated Sun, 06 Jan 2019 02:42 PM IST
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corporate affairs ministry
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कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय कंपनियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, लागत लेखाकार (कॉस्ट अकाउंटेंट) तथा कंपनी सचिवों के केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) के विवरण जुटाएगा, ताकि गड़बड़ी करने वाले तत्वों को बाजार से दूर किया जा सके।
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मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इससे कंपनियों तथा पेशेवरों की ऐसी सूची बन सकेगी जो पूरी तरह से साफ सुथरी होगी।
पिछले साल मंत्रालय ने निदेशकों के लिए केवाईसी प्रक्रिया शुरू की थी, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित की जा सके और ऐसी इकाइयों पर अंकुश लगाया जा सके जो गैरकानूनी धन के प्रवाह का स्रोत हैं।
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कॉरपोरेट मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने कहा कि निदेशकों के लिए केवाईसी की अनिवार्यता एक प्रमुख कदम था।
करीब 33 लाख लोगोंने, जिनके पास निदेशक पहचान संख्या (डिन) थी, उनमें से 16 लाख ने केवाईसी की अनिवार्यता पूरी की। डिन एक विशिष्ट संख्या है जो ऐसे लोगों को आवंटित की जाती है जिनके पास किसी पंजीकृत कंपनी के बोर्ड में निदेशक बनने की पात्रता होती है।
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श्रीनिवास ने कहा कि मंत्रालय कंपनियों के लिए केवाईसी की प्रक्रिया कर रहा है, जो एक बड़ा कदम होगा। यदि कोई कंपनी कुछ निश्चित मानदंडों का अनुपालन नहीं करती है तो एमसीए 21 प्रणाली उनका पंजीकरण नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि यदि जमाओं के भुगतान में चूक की है तो प्रणाली आपको पंजीकृत नहीं करेगी। इसी तरह यदि अपने निदेशक ऐसे हैं जिनका केवाईसी नहीं हुआ तो भी आप प्रणाली में प्रवेश नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि इस तरह की कंपनियों को मंत्रालय के साथ लेनदेन की अनुमति होगी, लेकिन प्रणाली में उन्हें अनुपालन नहीं करने वाली कंपनी के रूप में दिखाया जाएगा। इसके अलावा मंत्रालय चार्टर्ड अकाउंटेंट, कॉस्ट अकाउंटेंट और कंपनी सचिवों जैसे पेशेवरों का भी केवाईसी करेगा।