{"_id":"666d4642773203058200a2e3","slug":"kuwait-fire-tragedy-24-year-old-ali-s-body-reaches-jharkhand-s-hindpiri-family-inconsolable-2024-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुवैत अग्निकांड: झारखंड के हिंदपीढ़ी पहुंचा 24 वर्षीय अली का शव, परिवारजन का रो-रोकर बुरा हाल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कुवैत अग्निकांड: झारखंड के हिंदपीढ़ी पहुंचा 24 वर्षीय अली का शव, परिवारजन का रो-रोकर बुरा हाल
Sat, 15 Jun 2024 01:14 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा झा
Updated Sat, 15 Jun 2024 01:14 PM IST
सार
झारखंड की राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में उस समय मातम छाया, जब 24 वर्षीय मोहम्मद अली हुसैन का शव उसके घर पहुंचा। शनिवार सुबह करीब 10:15 बजे घर पहुंचाया गया।
विज्ञापन
कुवैत अग्निकांड में झुलसे अली के परिजनों को सौंपा 5 लाख का चेक
- फोटो : X/@JharkhandCMO
विस्तार
कुवैत में लगी आग ने कई परिवारों के चिराग छीन लिए हैं, कई के बुढ़ापे की लाठी उस आग में झुलस गई है। भारत के अनेक हिस्सों के कुवैत की आग में जले लोगों का शव भारत आना शुरू हो गया है। शनिवार को झारखंड के एक युवक का शव वापस लाया गया। घटर वालों को उसको ऐसे देखकर रो-रोकर बुरा हाल है।
बुधवार सुबह कुवैत में एक बहुमंजिला इमारत में लगी आग में 45 भारतीयों समेत कुल 49 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद सरकार ने विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह को पश्चिम एशियाई देश भेजा है। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी शहर मंगाफ में इमारत में आग लगी थी। कुवैत अग्निकांड में अपनी जान गवांने वाले एक युवक का शव जब घर पहुंचा तो मां-बाप तो क्या रिश्तेदारों का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
झारखंड की राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में उस समय मातम छाया, जब 24 वर्षीय मोहम्मद अली हुसैन का शव उसके घर पहुंचा। शनिवार सुबह करीब 10:15 बजे घर पहुंचा।
विज्ञापन
रांची के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) राहुल कुमार सिन्हा बिरसा मुंडा अली का पार्थिव शरीर पहुंचने पर एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। बता दें कि मोहम्मद अली हुसैन अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। 57 वर्षीय मोहम्मद अली के पिता मुबारक हुसैन ने बताया कि कुवैत अग्निकांड से तकरीबन 20 दिन पहले पश्चिम एशियाई देश गया था। अली का शव देकर इलाके में पहुंचने पर उसके परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और दोस्त टूट गए और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उसे ऐसी घटना का सामना करना पड़ेगा। अली के पिता ने कहा कि उनका बेटा अपने परिवार का समर्थन करने के लिए पहली बार देश से बाहर गया था।
मृतकों के शवों को लेकर आया सुपर हरक्युलिस
इससे पहले वायुसेना का सुपर हरक्युलिस विमान कुवैत से 45 शवों को लेकर रवाना हुआ था। पहले यह विमान केरल के कोच्चि में उतरा, क्योंकि ज्यादातर मृतक वहीं के थे। इसके बाद विमान दिल्ली आया। यहां से शव संबंधित राज्यों में भेजे जाएंगे।
झारखंड मुख्यमंत्री ने जताया दुख
इस घटना के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने भी कुवैत अग्निकांड में अली के निधन पर दुख जताया है। शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट में सोरेन ने कहा, "मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"
मृतक के परिजनों को धनराशि देने की घोषणा
झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। रांची डीसी ने शनिवार को परिजनों को 5 लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
अल-याह्या ने सहयोग का किया वादा
विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या से मुलाकात की। अल-याह्या ने पूरा सहयोग देने का वादा किया। सिंह प्रथम उप प्रधानमंत्री शेख फहद से भी मिले, जिन्होंने देश के अमीर की ओर से पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना जताई। शेख फहद ने भी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।
क्या था मामला
दक्षिणी कुवैत के मंगाफ क्षेत्र में सात मंजिला इमारत के रसोईघर में भीषण आग लगने से 49 विदेशी मजदूरों की मौत हुई थी और 50 अन्य घायल हुए थे। इनमें से 45 भारतीय थे और शेष पाकिस्तान, फिलिपीन, मिस्र और नेपाल के नागरिक थे। इमारत में 195 प्रवासी मजदूर रहते थे।
विज्ञापन
बुधवार सुबह कुवैत में एक बहुमंजिला इमारत में लगी आग में 45 भारतीयों समेत कुल 49 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद सरकार ने विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह को पश्चिम एशियाई देश भेजा है। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी शहर मंगाफ में इमारत में आग लगी थी। कुवैत अग्निकांड में अपनी जान गवांने वाले एक युवक का शव जब घर पहुंचा तो मां-बाप तो क्या रिश्तेदारों का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
विज्ञापन
झारखंड की राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में उस समय मातम छाया, जब 24 वर्षीय मोहम्मद अली हुसैन का शव उसके घर पहुंचा। शनिवार सुबह करीब 10:15 बजे घर पहुंचा।
विज्ञापन
रांची के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) राहुल कुमार सिन्हा बिरसा मुंडा अली का पार्थिव शरीर पहुंचने पर एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। बता दें कि मोहम्मद अली हुसैन अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। 57 वर्षीय मोहम्मद अली के पिता मुबारक हुसैन ने बताया कि कुवैत अग्निकांड से तकरीबन 20 दिन पहले पश्चिम एशियाई देश गया था। अली का शव देकर इलाके में पहुंचने पर उसके परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और दोस्त टूट गए और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उसे ऐसी घटना का सामना करना पड़ेगा। अली के पिता ने कहा कि उनका बेटा अपने परिवार का समर्थन करने के लिए पहली बार देश से बाहर गया था।
मृतकों के शवों को लेकर आया सुपर हरक्युलिस
इससे पहले वायुसेना का सुपर हरक्युलिस विमान कुवैत से 45 शवों को लेकर रवाना हुआ था। पहले यह विमान केरल के कोच्चि में उतरा, क्योंकि ज्यादातर मृतक वहीं के थे। इसके बाद विमान दिल्ली आया। यहां से शव संबंधित राज्यों में भेजे जाएंगे।
झारखंड मुख्यमंत्री ने जताया दुख
इस घटना के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने भी कुवैत अग्निकांड में अली के निधन पर दुख जताया है। शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट में सोरेन ने कहा, "मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"
मृतक के परिजनों को धनराशि देने की घोषणा
झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। रांची डीसी ने शनिवार को परिजनों को 5 लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
अल-याह्या ने सहयोग का किया वादा
विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या से मुलाकात की। अल-याह्या ने पूरा सहयोग देने का वादा किया। सिंह प्रथम उप प्रधानमंत्री शेख फहद से भी मिले, जिन्होंने देश के अमीर की ओर से पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना जताई। शेख फहद ने भी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।
क्या था मामला
दक्षिणी कुवैत के मंगाफ क्षेत्र में सात मंजिला इमारत के रसोईघर में भीषण आग लगने से 49 विदेशी मजदूरों की मौत हुई थी और 50 अन्य घायल हुए थे। इनमें से 45 भारतीय थे और शेष पाकिस्तान, फिलिपीन, मिस्र और नेपाल के नागरिक थे। इमारत में 195 प्रवासी मजदूर रहते थे।