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अनाथ भाई-बहन ने PM मोदी से लगाई 96 हजार के पुराने नोट बदलवाने की गुहार
amarujala.com- Presented by: विक्रान्त सिंह
Updated Sun, 26 Mar 2017 04:03 AM IST
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मां की मौत के बाद से राजस्थान के कोटा में एक अनाथ आश्रम में रह रहे भाई-बहन ने प्रधानमंत्री से 96,500 रुपये के पुराने नोट बदलवाने की गुहार लगाई है। ये नोट उनके एक पुश्तैनी मकान से इसी महीने की शुरुआत में बरामद हुए हैं। 16 और 12 साल के भाई-बहन ने कोई रास्ता न सूझने पर पीएम से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। बैंकों में पुराने नोट बदलने की समयसीमा खत्म हो चुकी है।
कोटा की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष हरीश गुरुबख्शानी ने बताया कि, आरबीआई के इस रकम को बदलने के इनकार करने के बाद बच्चों ने प्रधानमंत्री से गुहार लगाई है। यह पैसा उनकी मां की जिंदगी भर की बचत का है।’ भाई इस रकम की अपनी छोटी बहन के नाम पर एफडी करना चाहता है। इसके लिए उसने अपने हाथ से लिखा पत्र पीएम को भेजा है।
उन्होंने बताया कि बच्चों की मां पूजा बंजारा एक दिहाड़ी मजदूर थी। 2013 में कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी गई थी। उनके पिता राजू बंजारा की पहले ही मौत हो चुकी है। मां की मौत के बाद से ही ये बच्चे एक अनाथ आश्रम में रह रहे हैं। हाल ही में एक काउंसलिंग सेशन के दौरान बच्चों ने बताया कि उनका सरवदा गांव और आरके पुरम इलाके में पुश्तैनी मकान है। ‘इस महीने की शुरुआत में पुलिस ने सीडब्ल्यूसी के निर्देश पर उनके सरवदा स्थित घर की जांच की। वहां एक बॉक्स में कुछ जेवर और 96,500 रुपये मिले। ये 500 व 1,000 रुपये के 171 नोट थे।’
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गुरुबख्शानी के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी ने 17 मार्च को रिजर्व बैंक को पत्र लिखा था। 22 मार्च को रिजर्व बैंक ने ई-मेल की जरिए उन्हें सूचित किया कि पुराने नोट बदलने की समयसीमा खत्म हो चुकी है। इसलिए वह इन नोटों को नहीं बदल सकता।
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कोटा की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष हरीश गुरुबख्शानी ने बताया कि, आरबीआई के इस रकम को बदलने के इनकार करने के बाद बच्चों ने प्रधानमंत्री से गुहार लगाई है। यह पैसा उनकी मां की जिंदगी भर की बचत का है।’ भाई इस रकम की अपनी छोटी बहन के नाम पर एफडी करना चाहता है। इसके लिए उसने अपने हाथ से लिखा पत्र पीएम को भेजा है।
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उन्होंने बताया कि बच्चों की मां पूजा बंजारा एक दिहाड़ी मजदूर थी। 2013 में कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी गई थी। उनके पिता राजू बंजारा की पहले ही मौत हो चुकी है। मां की मौत के बाद से ही ये बच्चे एक अनाथ आश्रम में रह रहे हैं। हाल ही में एक काउंसलिंग सेशन के दौरान बच्चों ने बताया कि उनका सरवदा गांव और आरके पुरम इलाके में पुश्तैनी मकान है। ‘इस महीने की शुरुआत में पुलिस ने सीडब्ल्यूसी के निर्देश पर उनके सरवदा स्थित घर की जांच की। वहां एक बॉक्स में कुछ जेवर और 96,500 रुपये मिले। ये 500 व 1,000 रुपये के 171 नोट थे।’
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गुरुबख्शानी के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी ने 17 मार्च को रिजर्व बैंक को पत्र लिखा था। 22 मार्च को रिजर्व बैंक ने ई-मेल की जरिए उन्हें सूचित किया कि पुराने नोट बदलने की समयसीमा खत्म हो चुकी है। इसलिए वह इन नोटों को नहीं बदल सकता।