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RG Kar Case: आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म-हत्या पीड़िता की प्रतिमा पर बवाल; TMC नेता बोले- कला के नाम पर ऐसा..
Thu, 03 Oct 2024 02:28 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 03 Oct 2024 02:28 PM IST
सार
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिमा को 'क्राई ऑफ द आवर' नाम दिया गया है। कलाकार असित सैन ने बताया कि प्रतिमा में पीड़िता के जीवन के अंतिम पलों में हुई पीड़ा और भयावह को दिखाया गया है।
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आरजी कर अस्पताल में लगाई गई पीड़िता की प्रतिमा
- फोटो : एक्स/@KunalGhoshAgain
विस्तार
कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुई भयावह घटना को लेकर आज भी देशभर में गुस्सा है। जूनियर डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद न्याय की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर लगातार सड़कों पर हैं। हालांकि, इस बीच अस्पताल के पास पीड़िता डॉक्टर की प्रतिमा लगाने पर विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने भी प्रशिक्षु डॉक्टर की प्रतिमा लगाने को लेकर डॉक्टरों की आलोचना की।
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कहा लगाई गई प्रतिमा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिमा को 'क्राई ऑफ द आवर' (Cry of the Hour) नाम दिया गया है। कलाकार असित सैन ने बताया कि प्रतिमा में पीड़िता के जीवन के अंतिम पलों में हुई पीड़ा और भयावह को दिखाया गया है। बता दें, प्रतिमा में एक महिला को रोते हुए दिखाया है। यह आरजी कर के प्रधानाचार्य के कार्यालय के पास स्थापित की गई है।
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अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने कहा, 'यह पीड़िता की प्रतिमा नही हैं, लेकिन उस दर्द और भयावह का प्रतीक है जिससे वह गुजरी है। साथ ही यह उस विरोध प्रदर्शन का प्रतीक है, जो वहां चल रहा है।'
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सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
हालांकि, प्रतिमा लगाए जाने की खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई। इस कदम की कई लोगों ने आलोचना की। इसे अपमानजनक और परेशान करने वाला कदम बताया। एक यूजर ने एक्स पर कहा, 'क्या आप चाहते हैं कि उनकी प्रतिमा लगाई जाए? उनकी पीड़ा भरे चेहरे के अलावा किसी कुछ भी करें। यह जो भी हो, यह बेहद परेशान करने वाला है।'
वहीं, एक ने कहा, 'यह कितना असंवेदनशील है, मैं इस पर कुछ बोलने लायक नहीं बचा। मुझे उम्मीद है कि इस घृणित मूर्ति को हटा दिया जाएगा।'
एक और यूजर ने गुस्से में कहा, 'इस देश के डॉक्टर इतने उदासीन हैं। आपने दुष्कर्म पीड़िता की ऐसी प्रतिमा क्यों बनाई?'
क्या बोले टीएमसी नेता?
इतना ही नहीं, तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने भी प्रशिक्षु डॉक्टर की प्रतिमा लगाने को लेकर डॉक्टरों की आलोचना की और कहा कि यह शीर्ष अदालत के दिशानिर्देशों के खिलाफ है, जिसमें पीड़िता के नाम और पहचान का खुलासा किया जाना मना है। उन्होंने कहा, 'कोई जिम्मेदार व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता। कला के नाम पर भी नहीं। विरोध प्रदर्शन होंगे और न्याय की मांग होगी। लेकिन दर्द में लड़की के चेहरे के साथ प्रतिमा सही नहीं है। पीड़ितों की तस्वीरों या प्रतिमा का उपयोग नहीं करने के दिशानिर्देश हैं।'
डॉक्टर की सफाई
आरजी कर अस्पताल के डॉक्टर देबदत्त ने कहा, 'हमने कोई नियम नहीं तोड़ा है और न ही अदालत के आदेश की उपेक्षा की है। यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक मूर्ति है और हम केवल उसे चित्रित नहीं करना चाहते हैं। हम अधिकारियों को दिखाना चाहते हैं कि क्या हुआ था और उसने कैसे पीड़ित किया था। हम न्याय के लिए लड़ते रहेंगे।'