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डीआरआई ने कहा: विदेशी सोना तस्करी का 'ट्रांजिट कैंप' बना कोलकाता, तस्करों की हो रही है तलाशी
Sun, 25 Dec 2022 08:34 PM IST
शिव शरण शुक्ला
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sun, 25 Dec 2022 08:34 PM IST
सार
डीआरआई का अनुमान है कि कोलकाता के किसी वाणिज्यिक इलाके में तस्करी करके लाए गए सोने का 'स्टाक यार्ड' तैयार किया गया है। वहां सोना बट, सिक्का व बिस्कुट के रूप में हैं। वहां से रोजाना 20 से 30 किलो सोने के देश के विभिन्न हिस्सों में तस्करी की जा रही है।
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डीआरआई टीम ने पकड़ा सोना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस(डीआरआई) ने कहा है कि म्यांमार, थाईलैंड और लाओस के सीमावर्ती इलाकों से तस्करी करके सोना कोलकाता लाया जा रहा है। इसके बाद यहां से देश के विभिन्न इलाकों में उसकी तस्करी हो रही है। डीआरआई के मुताबिक म्यांमार, थाईलैंड और लाओस के सीमावर्ती इलाकों के 'गोल्डेन ट्राएंगल' से सोने की तस्करी हो रही है। कोलकाता का ट्रांजिट कैंप की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। कोलकाता में अब तक करीब 500 किलोग्राम सोना लाकर छिपाया गया है, जिसका बाजार मूल्य करीब 250 करोड़ रुपये है। यहां इस गिरोह का सरगना कैलाश माहेश्वरी नामक व्यक्ति है। डीआरआई उसकी तलाश कर रही है।
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डीआरआई का अनुमान है कि कोलकाता के किसी वाणिज्यिक इलाके में तस्करी करके लाए गए सोने का 'स्टाक यार्ड' तैयार किया गया है। वहां सोना बट, सिक्का व बिस्कुट के रूप में हैं। वहां से रोजाना 20 से 30 किलो सोने के देश के विभिन्न हिस्सों में तस्करी की जा रही है। कैलाश माहेश्वरी का 30-35 लोगों का गिरोह है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। सीबीआई ने दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस से इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया था, उन्हीं से पूछताछ में ये सारी चीजें सामने आई हैं।
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उन्होंने पूछताछ में यह भी बताया कि उन सभी को एक करोड़ रुपये से कम मूल्य के सोने की तस्करी का काम सौंपा जाता था क्योंकि ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर आसानी से जमानत मिल जाती है। गौरतलब है कि डीआरआई ने वित्त वर्ष 2021-22 में 833 किलोग्राम सोना जब्त किया था, जिसमें से ज्यादातर की म्यांमार व बांग्लादेश से आपूर्ति हुई थी।
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