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कोलकाता: गरिया में टीएमसी पार्षद के कार्यालय पर हमले के 4 आरोपी गिरफ्तार, दो अभी भी फरार
Sun, 23 Jun 2024 06:05 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा झा
Updated Sun, 23 Jun 2024 06:05 PM IST
सार
टीएमसी नेता के कार्यालय पर हुए हमले के चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। टीएमसी नेता ने बताया दो आरोपी अभी भी फरार हैं।
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गिरफ्तार (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दक्षिण कोलकाला के गरिया क्षेत्र में स्थित एक टीएमसी नेता के कार्यालय में कथित रूप से तोड़फोड़ की गई थी। तोड़फोड़ के आरोप में चार लोगों को रविवार को गिरफ्तार किया गया है। टीएमसी नेता ने बताया अभी 2 अरोपी को गिरफ्तार करना बाकी है।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता के राजपुर-सोनारपुर नगर पालिका के वार्ड 1 के पार्षद पिंटू देबनाथ के कार्यालय में शुक्रवार रात हथियारबंद लोगों ने तोड़फोड़ की। उन्होंने बताया कि इस हमले में उनके तीन समर्थक भी घायल हो गए। देबनाथ ने दावा किया कि आरोपी भाजपा कार्यकर्ता हैं, लेकिन चुनाव से पहले उन्होंने टीएमसी में शामिल होने की कोशिश की थी। टीएमसी नेता देबनाथ ने कहा कि हमले में दो अन्य लोग शामिल थे। उन्हें अभी पकड़ना बाकी है। पुलिस ने बताया कि टीएमसी नेता के कार्यालय में कथित रूप से तोड़फोड़ करने के आरोप में रविवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान तुकाई जोश, असित हलदर, गोपाल देबनाथ और तारक दास के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि तोड़फोड़ के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी में इन सभी के नाम हैं।
चुनाव से पहले चारों आरोपी टीएमसी में होना चाहते थे शामिल
गिरफ्तारी पर टीएमसी नेता ने कहा, "ये चुनाव से पहले टीएमसी में शामिल होना चाहते थे। लेकिन हमने टीएमसी में शामिल होने की उनकी अपील पर विचार नहीं किया, लेकिन उन्होंने अपनी मर्जी से हमारी रैलियों में हिस्सा लिया। वे सभी इलाके में गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हैं। चुनाव के बाद, हमने उनसे पार्टी कार्यालय में न आने को कहा और यह स्पष्ट कर दिया कि हम उन्हें नहीं चाहते।" उन्होंने कहा, "शायद वे निराश थे क्योंकि उनकी अवैध गतिविधियों को जारी रखने के लिए टीएमसी का इस्तेमाल करने की योजना सफल नहीं हो पाई थी। इसलिए बदले में उन्होंने हथियारों के साथ हमारे कार्यालय में तोड़फोड़ की।"
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बांस के डंडे, रॉड, रिवॉल्वर, से किया था हमला
टीएमसी नेता देबनाथ ने बताया था कि हमलावार हथियार लेकर आए थे, उनके पास डंडे, रॉड, रिवॉल्वर थे। उन्होंने कहा कि "हमलावारों ने बांस के डंडे, डंडे, रॉड और रिवॉल्वर लेकर हमारे पार्टी कार्यालय पर हमला किया। ऐसे लोग टीएमसी कार्यकर्ता कैसे हो सकते हैं?"
भाजपा ने हमले को बताया टीएमसी के दो गुटों के बीच की लड़ाई
पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सजल घोष ने दावा किया कि यह घटना शहर के दक्षिणी बाहरी इलाके में तेजी से बढ़ते निर्माण व्यवसाय की लूट को साझा करने को लेकर टीएमसी के दो गुटों के बीच लड़ाई का नतीजा थी। उन्होंने कहा, "टीएमसी पार्षद के बयान से साफ संकेत मिलता है कि हमलावर और जिन पर हमला किया गया, दोनों ही उनकी पार्टी के थे। भाजपा किसी भी तरह से इसमें शामिल नहीं है।" उन्होंने दावा किया, ‘‘हर जगह टीएमसी नेता और उनके समर्थक कट मनी के बंटवारे के लिए लड़ रहे हैं और आने वाले समय में ऐसी अन्य घटनाएं भी सामने आएंगी।’’
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पश्चिम बंगाल के कोलकाता के राजपुर-सोनारपुर नगर पालिका के वार्ड 1 के पार्षद पिंटू देबनाथ के कार्यालय में शुक्रवार रात हथियारबंद लोगों ने तोड़फोड़ की। उन्होंने बताया कि इस हमले में उनके तीन समर्थक भी घायल हो गए। देबनाथ ने दावा किया कि आरोपी भाजपा कार्यकर्ता हैं, लेकिन चुनाव से पहले उन्होंने टीएमसी में शामिल होने की कोशिश की थी। टीएमसी नेता देबनाथ ने कहा कि हमले में दो अन्य लोग शामिल थे। उन्हें अभी पकड़ना बाकी है। पुलिस ने बताया कि टीएमसी नेता के कार्यालय में कथित रूप से तोड़फोड़ करने के आरोप में रविवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान तुकाई जोश, असित हलदर, गोपाल देबनाथ और तारक दास के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि तोड़फोड़ के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी में इन सभी के नाम हैं।
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चुनाव से पहले चारों आरोपी टीएमसी में होना चाहते थे शामिल
गिरफ्तारी पर टीएमसी नेता ने कहा, "ये चुनाव से पहले टीएमसी में शामिल होना चाहते थे। लेकिन हमने टीएमसी में शामिल होने की उनकी अपील पर विचार नहीं किया, लेकिन उन्होंने अपनी मर्जी से हमारी रैलियों में हिस्सा लिया। वे सभी इलाके में गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हैं। चुनाव के बाद, हमने उनसे पार्टी कार्यालय में न आने को कहा और यह स्पष्ट कर दिया कि हम उन्हें नहीं चाहते।" उन्होंने कहा, "शायद वे निराश थे क्योंकि उनकी अवैध गतिविधियों को जारी रखने के लिए टीएमसी का इस्तेमाल करने की योजना सफल नहीं हो पाई थी। इसलिए बदले में उन्होंने हथियारों के साथ हमारे कार्यालय में तोड़फोड़ की।"
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बांस के डंडे, रॉड, रिवॉल्वर, से किया था हमला
टीएमसी नेता देबनाथ ने बताया था कि हमलावार हथियार लेकर आए थे, उनके पास डंडे, रॉड, रिवॉल्वर थे। उन्होंने कहा कि "हमलावारों ने बांस के डंडे, डंडे, रॉड और रिवॉल्वर लेकर हमारे पार्टी कार्यालय पर हमला किया। ऐसे लोग टीएमसी कार्यकर्ता कैसे हो सकते हैं?"
भाजपा ने हमले को बताया टीएमसी के दो गुटों के बीच की लड़ाई
पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सजल घोष ने दावा किया कि यह घटना शहर के दक्षिणी बाहरी इलाके में तेजी से बढ़ते निर्माण व्यवसाय की लूट को साझा करने को लेकर टीएमसी के दो गुटों के बीच लड़ाई का नतीजा थी। उन्होंने कहा, "टीएमसी पार्षद के बयान से साफ संकेत मिलता है कि हमलावर और जिन पर हमला किया गया, दोनों ही उनकी पार्टी के थे। भाजपा किसी भी तरह से इसमें शामिल नहीं है।" उन्होंने दावा किया, ‘‘हर जगह टीएमसी नेता और उनके समर्थक कट मनी के बंटवारे के लिए लड़ रहे हैं और आने वाले समय में ऐसी अन्य घटनाएं भी सामने आएंगी।’’